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प्रशासन ने बरता एहतियात.. खतरे के निशान से पहले ही खोला सुखना का फ्लड गेट
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सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने के बाद सेक्टर- 26 के पुल से गुजरता पानी।
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चंडीगढ़। बीते कई दिनों से चंडीगढ़ व पहाड़ों पर हो रही बारिश से सुखना लेक का जल स्तर 1162.50 फुट पर पहुंच गया है। खतरे के निशान के करीब जलस्तर पहुंचने पर प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए सोमवार को फ्लड गेट खोल दिया। पानी छोड़ते ही सुखना चो लबालब हो गई। चो के साथ लगते कॉलोनियों में लोग दहशत में आ गए। फ्लड गेट को खोलने से पहले प्रशासन की तरफ से आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया था।
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल जलस्तर 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद ही गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चौ भी ओवरफ्लो हो गया था। इस कारण बलटाना के इलाकों में काफी पानी घुस गया था। यही कारण है कि इस बार प्रशासन की तरफ से पहले ही सुखना का एक गेट खोल दिया गया, ताकि पिछली बार जैसी स्थिति न बने। चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि सोमवार सुबह 11.30 बजे एक फ्लड गेट खोला गया, जिसे दोपहर 12.40 बजे बंद किया गया। इस बारे में मोहाली के डीसी व पटियाला के अधिकारियों को पहले ही जानकारी दी गई थी, ताकि वह उचित कदम उठा सकें। इस दौरान मौके पर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी मौजूद थे। ये सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कहा गया कि सुखना चो के आसपास कोई न हो। इसके अलावा सुखना चो पूरी तरह से साफ हो, ताकि पानी निकासी में किसी भी प्रकार की प्रकार परेशानी का सामना न करना पड़े।
आगे भी थोड़ा-थोड़ा करके छोड़ा जाएगा पानी
प्रशासन के अनुसार अगर आगे भी लेक में पानी बढ़ता है तो वह थोड़ा-थोड़ा कर फ्लड गेट खोलकर पानी छोड़ते रहेंगे, क्योंकि एक साथ अधिक पानी छोड़ने से आसपास के इलाके में पानी घुसने का खतरा रहता है। सुखना के फ्लड गेट सितंबर 2018 में भी खोले गए थे। तब भी लेक का वाटर लेवल काफी बढ़ गया था और दस साल बाद ये गेट खोलने की नौबत आई थी। पिछले वर्ष 23 अगस्त को भारी बारिश की वजह से सुखना लेक में जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया था। इसके बाद प्रशासन को सुखना के फ्लड गेट खोलने पड़े थे।
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प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल जलस्तर 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद ही गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चौ भी ओवरफ्लो हो गया था। इस कारण बलटाना के इलाकों में काफी पानी घुस गया था। यही कारण है कि इस बार प्रशासन की तरफ से पहले ही सुखना का एक गेट खोल दिया गया, ताकि पिछली बार जैसी स्थिति न बने। चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि सोमवार सुबह 11.30 बजे एक फ्लड गेट खोला गया, जिसे दोपहर 12.40 बजे बंद किया गया। इस बारे में मोहाली के डीसी व पटियाला के अधिकारियों को पहले ही जानकारी दी गई थी, ताकि वह उचित कदम उठा सकें। इस दौरान मौके पर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी मौजूद थे। ये सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कहा गया कि सुखना चो के आसपास कोई न हो। इसके अलावा सुखना चो पूरी तरह से साफ हो, ताकि पानी निकासी में किसी भी प्रकार की प्रकार परेशानी का सामना न करना पड़े।
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आगे भी थोड़ा-थोड़ा करके छोड़ा जाएगा पानी
प्रशासन के अनुसार अगर आगे भी लेक में पानी बढ़ता है तो वह थोड़ा-थोड़ा कर फ्लड गेट खोलकर पानी छोड़ते रहेंगे, क्योंकि एक साथ अधिक पानी छोड़ने से आसपास के इलाके में पानी घुसने का खतरा रहता है। सुखना के फ्लड गेट सितंबर 2018 में भी खोले गए थे। तब भी लेक का वाटर लेवल काफी बढ़ गया था और दस साल बाद ये गेट खोलने की नौबत आई थी। पिछले वर्ष 23 अगस्त को भारी बारिश की वजह से सुखना लेक में जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया था। इसके बाद प्रशासन को सुखना के फ्लड गेट खोलने पड़े थे।
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