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Chandigarh News: शहर का कार्बन फुटप्रिंट मापेगा प्रशासन, सैंक्चुअरी भी दायरे में

Fri, 23 Oct 2026 02:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:26 AM IST
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Administration to measure city's carbon footprint; sanctuary also included in the scope
शहर का कार्बन फुटप्रिंट मापेगा प्रशासन, सैंक्चुअरी भी दायरे में
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वाहनों, बिजली, इमारतों और कचरे से होने वाले उत्सर्जन का होगा आकलन; हरियाली की कार्बन सोखने की क्षमता भी जांचेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। प्रशासन शहर का कार्बन फुटप्रिंट मापने के लिए व्यापक अध्ययन कराएगा। इसमें सुखना वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी समेत शहरी क्षेत्रों की कार्बन सोखने और स्टोर करने की क्षमता का आकलन भी होगा। पर्यावरण विभाग ने अध्ययन करने के इच्छुक पात्र संस्थानों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
अध्ययन में पता लगाया जाएगा कि शहर में ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन किन स्रोतों से और कितनी मात्रा में हो रहा है। साथ ही पेड़ों, जंगलों और दूसरे प्राकृतिक संसाधनों की कार्बन अवशोषण क्षमता का आकलन किया जाएगा। इससे शहर में उत्सर्जन घटाने और हरित क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
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चार क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
अध्ययन में मुख्य रूप से चार क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इनमें वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, बिजली की खपत, रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों का पर्यावरण पर प्रभाव और कचरा प्रबंधन से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसें शामिल हैं। इन स्रोतों की पहचान से उत्सर्जन कम करने के उपाय तय किए जा सकेंगे।
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टिकाऊ विकास की योजना बनाने में मिलेगी मदद
सुखना वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी को अध्ययन में शामिल करने का उद्देश्य प्राकृतिक क्षेत्र की कार्बन सोखने की क्षमता का आकलन करना है। इसके निष्कर्षों के आधार पर प्रशासन ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, हरियाली बचाने, प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करने और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतियां बना सकेगा। पर्यावरण विभाग ने इस काम के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किया है। इसके तहत केंद्र सरकार के पात्र संस्थानों, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन से अध्ययन के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।
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