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निर्भया फंड के इस्तेमाल पर घिरा चंडीगढ़ प्रशासन, एडवाइजर बोले- ढाई करोड़ का आंकड़ा गलत

Thu, 05 Dec 2019 02:48 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 05 Dec 2019 02:48 PM IST
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Administration surrounded by low usage of Nirbhaya Fund
फाइल फोटो
निर्भया फंड के इस्तेमाल को लेकर लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के बाद से चंडीगढ़ प्रशासन लोगों के निशाने पर है। सरकार ने अपने आंकड़े में बताया है कि निर्भया फंड में चंडीगढ़ को 7.46 करोड़ जारी किए गए लेकिन सिर्फ 2.60 करोड़ ही खर्च किया जा सका है। अब एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा है कि प्रशासन ने ढाई नहीं बल्कि साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
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एडवाइजर ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) के लिए सेंटर फॉर डेवलमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सीडेक) को दो करोड़ दिए हैं। सीडेक ने प्रशासन को अभी बिल नहीं सौंपे हैं। इसको मिलाकर चंडीगढ़ ने निर्भया फंड में से कुल साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
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फंड के खर्च के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि साढ़े चार करोड़ के अलावा केंद्र सरकार ने स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी को कई कामों के लिए डायरेक्ट फंड जारी किया है इसलिए 2.60 करोड़ खर्च करने का आंकड़ा गलत है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कई काम किए हैं। इसमें रात में पिक एंड ड्रॉप की सुविधा समेत कई अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
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लोकसभा में केंद्र सरकार ने पेश किए यह आंकड़े
लोकसभा में एक सवाल के जवाब में भारत सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ को महिलाओं की सुरक्षा पर काम करने के लिए 7.46 करोड़ दिए गए, जिसमें से चंडीगढ़ प्रशासन अब तक 2.60 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाया है। हालांकि 2.60 करोड़ रुपये कहां-कहां खर्च किए गए हैं, इसकी जानकारी नहीं दी गई। उधर, पंजाब को निर्भया फंड में 20.47 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से 3 करोड़ ही खर्च हुए हैं। हरियाणा को निर्भया फंड में 16.71 करोड़ रुपये मिले। हरियाणा भी इस फंड का 6.06 करोड़ ही खर्च कर पाया है।

फंड के इस्तेमाल न होने को लेकर बदनौर से शिकायत
हैदराबाद में महिला डॉक्टर से सामूहिक दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाए जाने की घटना से देशभर में रोष है। शहर में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन महिलाओं से स्नैचिंग, छेड़छाड़ व रेप की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार से मिले निर्भया फंड के कम इस्तेमाल पर अब प्रशासन घिर गया है। वकील अजय जग्गा ने निर्भया फंड के इस्तेमाल नहीं होने को लेकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सलाहकार मनोज परिदा से शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि निर्भया फंड का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा, इसको लेकर प्रशासन के अधिकारियों से एक रिपोर्ट मांगी जाए।


क्या है निर्भया फंड?
दिल्ली के निर्भया गैंग रेप केस के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाने के लिए निर्भया फंड बनाया गया था। इस फंड के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अलावा अन्य मंत्रालय भी कई योजनाएं चलाते हैं, जिन प्रमुख योजनाओं के तहत धन आवंटित किया गया है, उनमें इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम, सेंट्रल विक्टिम कॉम्पेंसेशन फंड, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध रोकथाम, वन स्टॉप स्कीम, महिला पुलिस वालंटियर और महिला हेल्पलाइन योजना है।
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