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सीएचबी को सस्ते रेट पर जमीन देने के लिए प्रशासन तैयार

Sat, 28 Jan 2017 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 28 Jan 2017 12:25 AM IST
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administration Ready to give land to chandigarh housing board
सीएचबी - फोटो : DEMO Pics
हाउसिंग इंप्लाइज स्कीम के 4 हजार अलॉटियों के फ्लैट निर्माण को सस्ते रेट पर जमीन देने के लिए प्रशासन तैयार हो गया है। अधिकारियों ने इस स्कीम के तहत नोट तैयार करके प्रशासक के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। प्रशासन की मंजूरी के बाद इसे कैबिनट की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया जाएगा। मालूम हो कि पिछले माह गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ प्रशासन से लिखित में प्रपोजल केंद्र सरकार की कैबिनट के नाम पर भेजने और अपने सुझाव भेजने को कहा था।
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यूपीए सरकार के आदेश आए थे आड़े
इस स्कीम के बीच यूपीए सरकार के कार्यकाल में साल 2012 में जारी आदेश अड़चन में आ गए थे। 5 अक्तूबर 2012 को एमएचए ने आदेश जारी कर प्रशासन को कहा था कि किसी को भी मार्केट रेट से कम पर जमीन न दी जाए। जबकि यह स्कीम साल 2008 की थी। इसके बाद प्रशासन पुराने रेट पर जमीन देने को तैयार नहीं हुआ। हाउसिंग स्कीम का मामला इस समय पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। मार्केट रेट पर जमीन बेचने की पिछली सरकार ने अधिसूचना भी जारी की हुई है।
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2008 में निकले थे ड्रॉ
कर्मचारियों का कहना है कि 2008 में उनके फ्लैट्स का ड्रॉ निकाला गया था। ऐसे में 2011 के आदेश उनकी स्कीम पर लागू नहीं होने चाहिए। प्रशासन की ओर से जो एमएचए के माध्यम से जो कैबिनट में प्रस्ताव भेजा जा रहा है उसमें भी इसे ही आधार बताया जा रहा है।
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फ्लैट की कीमत फिर भी होगी दोगुनी

administration Ready to give land to chandigarh housing board
Municipal Corporation office Chandigarh - फोटो : File Photo
फ्लैट की कीमत फिर भी होगी दोगुनी
प्रशासन ने अभी तक जो स्कीम मंजूर करके गृह मंत्रालय को भेजी है। उसमें कहा गया है कि प्रशासन हाउसिंग बोर्ड को पुराने रेट पर ही जमीन मुहैया करवाएगा, लेकिन साल 2008 से लेकर अब तक उस जमीन की कीमत पर साढ़े 12 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज जरूर चार्ज किया जाएगा, ऐसे में कर्मचारियों के फ्लैट की कीमत दोगुनी हो जाएगी।

2007 में इस स्कीम के लिए प्रशासन ने साढ़े 4 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से जमीन देने की बात की थी। सभी सफल कर्मचारियों के फ्लैट्स के लिए 70 एकड़ जमीन की जरूरत है। मालूम हो कि इस स्कीम में सफल रहे कर्मचारियों के 70-70 हजार रुपये अभी बोर्ड के पास जमा हैं। इंप्लाइज हाउसिंग के अंतर्गत प्रशासन के कर्मचारियों के 50 करोड़ रुपये से अधिक जमा है। 

प्रशासन ने जमीन की हुई है तय 
हाउसिंग बोर्ड को यदि बाजार की कीमत पर जमीन मिलती है तो इंप्लाइज हाउसिंग के हर फ्लैट की कीमत दोगुनी होगी। प्रशासन ने एक बेडरूम के फ्लैट से लेकर तीन बेडरूम के फ्लैट इस स्कीम क्रे अंतगर्त लांच किए थे। एक बेडरूम फ्लैट की कीमत 13 से 15 लाख रुपये रखी गई थी लेकिन अब यह फ्लैट 30 लाख रुपये से कम नहीं होगा। इसी प्रकार दो बेडरूम का फ्लैट भी 45 से 50 लाख रुपये के बीच ही मिल सकता है। प्रशासन ने इस स्कीम के लिए सेक्टर-52,53 56 में जमीन रिजर्व रखी हुई है। इसका जिक्र मास्टर प्लान में भी है। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि उनकी फिर से गृहमंत्री से बात हुई है। वह प्रशासन द्वारा भेजे जाने वाले प्रस्ताव पर मंजूरी देने के लिए तैयार हैं।
 
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