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इंतजार, अगर मिल जाए ये तो हो जाए विकास

Sun, 04 May 2014 12:31 PM IST
रवि अटवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
रवि अटवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 04 May 2014 12:31 PM IST
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Administration Permission to Nagar Nigam Budget

शहर में विकास कार्यों के लिए नगर निगम को करोड़ों का बजट तो मिल गया, लेकिन इसे अभी तक प्रशासन से मंजूरी नहीं मिली है। 19 फरवरी को हुई निगम सदन की बैठक में 782 करोड़ का वार्षिक बजट पास कर दिया गया था। इसमें से 335 करोड़ प्लान और 446 करोड़ नॉन प्लान हेड के लिए मिले थे।

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ढाई महीने बाद भी निगम को बजट की ग्रांट अभी तक नहीं मिली है। इससे आने वाले समय में निगम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब प्रशासन से मंजूरी के बाद ही निगम को ग्रांट मिलनी शुरू होगी।
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हर साल अप्रैल के पहले सप्ताह तक बजट को मंजूरी मिल जाती है। सूत्रों का कहना है कि इस बार चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण इसमें देरी हुई है।

एफडी तुड़वाकर चल रहा काम
सूत्रों की मानें तो बीते महीनों से एफडी तुड़वाकर ही काम चलाया जा रहा है। ऐसे कई प्रोजेक्ट हैं जिनका खर्चा एफडी से चल रहा है। दूसरी ओर कर्मचारियों की सेलरी व अन्य खर्चे भी एफडी से ही निकल रहे हैं।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी निगम के अकाउंट से खर्चा चल रहा है और जब बजट मिलेगा तो उसे एडजस्ट करवा दिया जाएगा।
 
441 करोड़ रुपये हैं एफडी में
सूत्रों के मुताबिक, निगम के खाते में करीब 441 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट हैं। इसके अलावा हर महीने पानी के बिलों से भी काफी राजस्व मिलता है।

अब अगले महीने प्रॉपर्टी टैक्स से भी 16 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है। निगम को हर साल एफडी से करोड़ों का ब्याज भी प्राप्त होता है। ऐसे में में अगर एफडी तुड़वाई गई तो ब्याज का भी नुकसान झेलना पड़ेगा।

कोट्स
इस साल जो बजट पास हुआ था उसे अभी तक प्रशासन से मंजूरी नहीं मिली है। हर साल अप्रैल के पहले सप्ताह तक बजट को मंजूरी मिल जाती थी, लेकिन इस बार अभी तक ग्रांट मिलनी शुरू नहीं हुई है।

देशराज चौधरी, चीफ अकाउंट अफसर, नगर निगम

ये तो बहुत ही गलत है, अगर एफडी तुड़वाकर खर्चा किया जा रहा है। अगर ग्रांट नहीं मिल रही है तो नगर निगम को इस बारे में सख्त कदम उठाने चाहिए। अगर एफडी से खर्चा हो रहा है तो हम अफसरों से उसका हिसाब मांगेंगे।
सौरभ जोशी, पार्षद व सदस्य, एफएंडसीसी

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