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ADGP Suicide: सीएम सैनी बोले-दोषी बख्शे नहीं जाएंगे, मंत्री बेदी व कृष्ण लाल पंवार ने परिवार से मुलाकात की

Sat, 11 Oct 2025 07:19 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 11 Oct 2025 07:19 PM IST
सार

हरियाणा के आईपीएस वाई पूरण कुमार ने मंगलवार को अपने घर के बेसमेंट में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में कई वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।  

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शव ले जाते पुलिसकर्मी - फोटो : संदीप खत्री/संवाद

विस्तार

हरियाणा के एडीजीपी आईपीएस वाई पूरण कुमार के पोस्टमार्टम पर संशय बना हुआ है। परिवार को मनाने की कोशिशें जारी हैं। इस कड़ी में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और कृष्ण लाल पंवार ने चंडीगढ़ के सेक्टर 24 स्थित आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के आवास पर पहुंचकर उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार और परिवार से मुलाकात की।

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यह मुलाकात मृतक अधिकारी के पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार को लेकर विवाद सुलझाने के उद्देश्य से की गई, जो चार दिनों से अटका हुआ है। दोनों मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजशेखर वूंडरू, सीएम के सीपीएस राजेश खुल्लर और गृह सचिव सुमिता मिश्रा भी मौजूद रहे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, सांसद कुमारी सैलजा और हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र अमनीत पी कुमार के घर पहुंचे हैं। 

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किसी को नहीं बख्शेंगे

वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि दोषी कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति क्यों ना हो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सैनी ने वाई पूरण सिंह के निधन को बड़ी दुखद दुर्घटना बताते हुए कहा कि जैसे ही जापान में हमें ये सूचना मिली, हमने उनकी पत्नी को ढांढस बंधाया और अधिकारियों को उनके साथ घर भेजा। हमारी सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी। अगर किसी व्यक्ति को कोई तंग करेगा तो हम उसे बख्शेंगे नहीं। सैनी ने कहा कि विपक्ष को ऐसे मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। परिवार के साथ अन्याय हुआ है तो न्याय देने का काम हमारी सरकार करेगी।

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परिवार ने जताया विरोध

इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस शव को शनिवार को सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी से पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई लेकर पहुंची। आठ बजकर 43 मिनट पर एम्बुलेंस से शव को पीजीआई ले जाया गया।  परिजनों ने कहा है कि शव को पीजीआई शिफ्ट करने के लिए हमसे सहमति नहीं ली गई है। 31 सदस्यीय कमेटी के सदस्य गुरमेल ने बताया कि परिवार के अनुसार, उनकी सहमति के बिना पोस्टमार्टम करने की कोशिश की जा रही है। 


परिजनों ने कहा कि बच्चों को पिता का चेहरे दिखाए बिना ही शव को सेक्टर 16 अस्पताल से पीजीआई ले जाया गया है।

वाई पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार के भाई और बठिंडा से आम आदमी पार्टी के विधायक अमित रतन ने कहा कि परिवार की असहमति से और जबरदस्ती यह पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। हमारे साथ धक्का हो रहा है। पांच दिन हो गए हमें अभी तक इंसाफ नहीं मिला। उन्होंने साफ कहा कि हमसे बिना पूछे बॉडी शिफ्ट की गई है।

कांग्रेस नेता वरुण चौधरी ने कहा कि बिना परिवार की परमिशन के पार्थिव शरीर को चंडीगढ़ की सड़कों पर घुमाया जा रहा है। डीजीपी को कब पद से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 31 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है, वह आगे क्या करना है ये तय करेगी।

डीजीपी-आईजी अमनीत पी कुमार के घर से निकले

चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा और आईजी पुष्पेंद्र कुमार सेक्टर 24 स्थित अमनीत पी कुमार के सरकारी आवास पर आए और करीब 45 मिनट बाद बाहर निकले। डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने कहा कि हमने परिवार के सदस्यों से बात की और उनसे जल्द से जल्द पोस्टमार्टम करवाने का अनुरोध किया। उनकी कुछ शिकायतें हैं, और हम उन पर काम कर रहे हैं। जांच चल रही है। एसआईटी का गठन किया गया है, और आईजी इसका नेतृत्व कर रहे हैं। एसआईटी जांच कर रही है। 

डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि परिवार की सहमति के बाद ही पोस्टमार्टम होगा। डॉक्टरों का पैनल बनाकर पोस्टमार्टम किया जाएगा। परिवार ने अभी पोस्टमार्टम को लेकर सहमति नहीं दी है। दरअसल परिवार की कुछ मांगें हैं। हम लोग परिवार के संपर्क में है।


 
डीएसपी सेंट्रल उदयपाल साढ़े 7 बजे सेक्टर 16 अस्पताल पहुंच गए हैं। परिजनों ने पुलिस से मांग की थी कि पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई के डॉक्टरों के बोर्ड का गठन हो। जिसके बाद पीजीआई के डॉक्टरों का बोर्ड बनाया गया था।

पूरण कुमार के घर लगा नेताओं का तांता

आईएएस अमनीत पी कुमार के घर शोक जताने के लिए नेताओं का पहुंचना जारी है। शनिवार को हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज और पंजाब के पूर्व सीएम और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी उनसे मिलने पहुंचे हैं। हरियाणा के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल भी पूरण कुमार के घर पहुंचा। 



दीपेंद्र हुड्डा और चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि जब न्याय देने वाले ही आरोपी पर एक्शन ना लें तो सिस्टम पर सवाल उठता है। पूरा देश हरियाणा सरकार की ओर देख रहा है। चन्नी ने कहा कि वाई पूरण कुमार अच्छे अफसर थे, ऐसे अफसर का सुसाइड करना बड़ा चिंता का विषय है। एडीजीपी वाई पूरण कुमार के आत्महत्या मामले के सभी दोषियों को सजा होनी चाहिए।

चन्नी ने कहा कि वाई पूरण कुमार अंबेडकर की सोच को आगे लेकर चल रहे थे। चंडीगढ़ पुलिस ने उनके पार्थिव देह का निरादर किया। चन्नी ने भावुक होते हुए कहा कि उनको पार्थिव देह को देखने तक नहीं दिया जा रहा है।

चन्नी ने चंडीगढ़ पुलिस की एफआईआर पर सवाल उठाए और कहा कि चंडीगढ़ पुलिस गिरफ्तारी क्यों नहीं कर रही है। चन्नी ने कहा कि वे चुप नहीं बैठेंगे। भाजपा सरकार के शासन में दलितों पर अत्याचार किया जा रहा है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि ये देश और संविधान की लड़ाई है।

सूत्रों के अनुसार हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के आला अफसर और नेता पूरण कुमार के पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराए जाने को लेकर परिवार से बातचीत और उन्हें राजी करने के लिए जुटे हैं।




भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर भी अमनीत पी कुमार के आवास पर पहुंचे।
 

कांग्रेस नेता अशोक तंवर ने पूरण कुमार के परिवार से की मुलाकात

कांग्रेस नेता अशोक तंवर शनिवार को चंडीगढ़ सेक्टर-24 स्थित मृतक आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार के घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से करीब दो से तीन घंटे तक मुलाकात की। परिवार से मिलने के बाद तंवर ने गहरा दुख जताया और सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए।

अशोक तंवर ने कहा कि वह पूरण और उनकी पत्नी अमनीत पी कुमार को लंबे समय से जानते हैं। आईपीएस पूरण न सिर्फ एक काबिल अधिकारी थे, बल्कि एक अच्छे इंसान भी थे। जिस तरह यह पूरा घटनाक्रम हुआ है, वह बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री ने भले ही भरोसा दिलाया हो, लेकिन ऐसा लगता है कि न्याय अब भी बहुत दूर है। 

तंवर ने पूरन कुमार की मौत को एक शहादत और अन्याय के खिलाफ दर्ज विरोध बताया। उन्होंने कहा कि वह बेहद होनहार, संवेदनशील और समझदार इंसान थे। उनका परिवार भी लंबे समय से देश की सेवा करता आया है।

उन्होंने आगे कहा, अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर हम किस तरह की व्यवस्था में जी रहे हैं। क्या हम संविधान और कानून को मानते हैं या नहीं? यह वही परिवार है जो हमेशा दूसरों को न्याय दिलाने के लिए खड़ा रहा, आज वही खुद न्याय की उम्मीद में बैठा है।

अशोक तंवर ने इस मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा, जो कुछ जानकारी सामने आ रही है, उससे लगता है कि लीगल, मेडिकल और केमिकल स्तर पर गड़बड़ियां की गई हैं। अगर जांच में देरी होती रही तो सबूत खुद ही कमजोर कर दिए जाएंगे। सरकार को इस मामले में तुरंत कदम उठाना चाहिए और सच सामने लाना चाहिए।

 
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