{"_id":"658c77ac89508f43cd0e21e7","slug":"adgp-summoned-for-contempt-chandigarh-news-c-16-1-pkl1069-316583-2023-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: आदेश की अवमानना पर एडीजीपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: आदेश की अवमानना पर एडीजीपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी तलब
विज्ञापन
आदेश की अवमानना पर एडीजीपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी तलब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एडीजीपी (हिसार रेंज) श्रीकांत जाधव सहित हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए वादे को जानबूझकर न मानने और अदालती आदेशों पर आंखें मूंदकर रखने के लिए फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने सभी पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। हाई कोर्ट के जस्टिस हरकेश मनुजा ने यह आदेश हिसार के सुनील कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए है। याचिका में विवाद 6 अगस्त, 2021 की एफआईआर से संबंधित है। इस याचिका के जवाब में हाईकोर्ट को पुलिस द्वारा सूचित किया गया कि महिला आईपीएस अधिकारी उषा, एएसपी, फतेहाबाद द्वारा की गई जांच में तीन पुलिसकर्मियों वीरेंद्र सिंह, वज़ीर सिंह और राजबीर सिंह को दोषी ठहराया गया। 28 अप्रैल, 2023 को मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार करके उसी के विपरीत कदम उठाए गए, जिससे याचिकाकर्ता को एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पर तीन पुलिस अधिकारियों, श्रीकांत जाधव, लोकेंद्र सिंह तत्कालीन एसपी हिसार और अशोक कुमार डीएसपी (मुख्यालय) हिसार को हाई कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एडीजीपी (हिसार रेंज) श्रीकांत जाधव सहित हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए वादे को जानबूझकर न मानने और अदालती आदेशों पर आंखें मूंदकर रखने के लिए फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने सभी पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। हाई कोर्ट के जस्टिस हरकेश मनुजा ने यह आदेश हिसार के सुनील कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए है। याचिका में विवाद 6 अगस्त, 2021 की एफआईआर से संबंधित है। इस याचिका के जवाब में हाईकोर्ट को पुलिस द्वारा सूचित किया गया कि महिला आईपीएस अधिकारी उषा, एएसपी, फतेहाबाद द्वारा की गई जांच में तीन पुलिसकर्मियों वीरेंद्र सिंह, वज़ीर सिंह और राजबीर सिंह को दोषी ठहराया गया। 28 अप्रैल, 2023 को मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार करके उसी के विपरीत कदम उठाए गए, जिससे याचिकाकर्ता को एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पर तीन पुलिस अधिकारियों, श्रीकांत जाधव, लोकेंद्र सिंह तत्कालीन एसपी हिसार और अशोक कुमार डीएसपी (मुख्यालय) हिसार को हाई कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया है।