ADGP Suicide: पीजीआई में डॉक्टरों का बोर्ड करेगा वाई पूरण कुमार का पोस्टमार्टम, बेटी अमेरिका से लौटी
हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरण कुमार ने मंगलवार को अपने घर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लिखे थे।
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हरियाणा के एडीजीपी वाई. पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम आज हो सकता है। पुलिस मृतक के परिजनों की मांग पर पीजीआई के डॉक्टरों के बोर्ड के नेतृत्व में शव का पोस्टमार्टम करवाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक अधिकारी की पत्नी आईएएस ने पुलिस से आग्रह किया था कि पोस्टमार्टम पीजीआई के विशेषज्ञ डॉक्टरों के बोर्ड से कराया जाए।
पुलिस ने इस मांग को स्वीकार करते हुए पीजीआई प्रशासन से संपर्क कर प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों की सहमति मिलने के बाद शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम पीजीआई में कराया जाएगा। इससे पहले पोस्टमार्टम सेक्टर-32 के अस्पताल में डॉक्टरों के बोर्ड से करवाया जाना तय था। फिलहाल शव सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई ले जाया जाएगा।
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इस बीच मृतक की बड़ी बेटी अमेरिका से चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। वह कैलिफोर्निया में पढ़ाई कर रही है। दूसरी बेटी, जो अभी नाबालिग है, चंडीगढ़ में 12वीं कक्षा में पढ़ती है।
मृतक ने तीन जगह छोड़े थे सुसाइड नोट, पुलिस ने सभी किए कब्जे में
एडीजीपी पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले तीन अलग-अलग जगहों पर सुसाइड नोट छोड़े थे। एक सुसाइड नोट उनकी जेब में मिला, दूसरा लैपटॉप बैग में रखा था, जबकि तीसरा लैपटॉप में टाइप किया हुआ मिला। मृतक की पत्नी आईएएस अधिकारी को दूसरा सुसाइड नोट और लैपटॉप बरामद हुआ। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस की फोरेंसिक टीम दोबारा मौके पर पहुंची और सुसाइड नोट, लैपटॉप समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने कब्जे में ले लिए।
दूसरे सुसाइड नोट पर भी हरे रंग के पेन से हस्ताक्षर किए हुए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे भी कब्जे में ले लिए गए हैं। जिसकी जांच की जा रही है कि कौन कौन घटना से पहले घर आया और बाहर गया।
बड़ा सवाल, दूसरा सुसाइड क्यों छिपाया मृतक ने
दूसरा सुसाइड नोट मिलने के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या मृतक अधिकारी को पुलिस पर भरोसा नहीं था कि सुसाइड नोट सही तरीके से सार्वजनिक होंगे, और इसी कारण उन्होंने एक नोट अलग स्थान पर छिपाकर रखा।
हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी करीब चार घंटे तक मौके पर मौजूद रहे और जांच करते रहे, लेकिन उन्हें वह लैपटॉप नहीं मिला, जिसमें सुसाइड नोट टाइप किया गया था। उनकी इसी लैपटॉप बैग में दूसरा सुसाइड नोट भी बरामद हुआ।
बाद में यह लैपटॉप और उससे जुड़ा प्रिंटर बरामद कर लिया गया, जिन्हें अब सीएफएसएल जांच के लिए भेजा गया है।