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एक्शन प्लान तैयार, चंडीगढ़ के साढ़े 3 लाख लोगों का होगा चेकअप
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 May 2016 10:13 AM IST
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स्वास्थ्य जांच
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बिगड़ी लाइफ स्टाइल से गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे लोगों को बचाने के लिए चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने एक एक्शन प्लान तैयार किया है। प्लान के तहत शहर के करीब साढ़े तीन लाख लोगों की जांच की जाएगी। इसके तहत नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (हाइपरटेंशन, डायबिटीज, ब्रेस्ट कैंसर, ओरल, सरवाइकल) और एचआई-एड्स व लेप्रोसी की जांच की जाएगी।
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इसके अलावा थायराइड की भी जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग अलग-अलग गांव कस्बों और शहर में कैंप लगाएगा और उनकी जांच करेगी। जांच में यदि बीमारी के कोई लक्षण नजर आता है तो संबंधित व्यक्ति को हास्पिटल भेजा जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि नॉन कम्युनिकेबल डिजीज के खिलाफ इसी महीने अभियान छेड़ा जाएगा। जल्द ही एक कैंप भी आयोजित किया जाएगा।
डायबिटीज और ब्रेस्ट कैंसर का प्रीवलेंस सबसे ज्यादा: पीजीआई और आईसीएमआर की स्टडीज बताती हैं कि शहर में डायबिटीज और कैंसर की बीमारियों का प्रीवलेंस अन्य शहरों के मुकाबले काफी अधिक है। आईसीएमआर व पीजीआई की स्टडी में पता चला था कि शहर में डायबिटीज काफी तेजी से बढ़ रही है, जिससे अन्य बीमारियों का ग्राफ भी बढ़ रहा है।
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इसी साल पीजीआई के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ की स्टडी में सामने आया था कि ब्रेस्ट कैंसर का प्रीवलेंस पूरे देश में सबसे ज्यादा चंडीगढ़ में है। दो हफ्ते पहले पीजीआई की ओर से यूटी एडमिनिस्ट्रेशन को एक प्रस्ताव दिया गया था, जिसमें शहर के लोगों का नान कम्युनिकेबल डिजीज का एक प्रोफाइन बनाने को कहा गया था। इससे बीमारियों का एक आकलन हो जाएगा।
हर इलाके में दो कैंप: यूटी स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कैंप में मुख्य फोकस स्लम और गांवों में रहने वाले लोगों पर रहेगा। प्रत्येक स्लम व गांवों में कम से कम दो कैंप लगाए जाएंगे। उनके मुताबिक स्लम व गांवों में रहने वाले स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं होते। छोटे-छोटे लक्षण इग्नोर कर देते हैं।
इससे इन इलाकों में ज्यादा फोकस किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दस महीने चलेगा। इस अभियान में पीजीआई, जीएमसीएच 32 की मदद ली जाएगी। पहला कैंप डड्डूमाजार में लगाने की बात कही जा रही है। जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि यह चंडीगढ़ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा, जिसमें इतनी बड़ी आबादी को कवर किया जाएगा।