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Chandigarh News: टैक्स नहीं देने वालों पर कार्रवाई, 54 संपत्तियां नीलाम करेगा निगम
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चंडीगढ़। संपत्ति कर नहीं जमा करने पर पिछले काफी समय से सील संपत्तियों को नगर निगम पहली बार नीलाम करने जा रहा है। निगम ने ऐसी 54 संपत्तियों की सूची बनाई है। नीलामी के लिए नगर निगम ने संभावित कार्यक्रम भी तैयार कर लिया है। जल्द ही नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें अधिकतर संपत्तियां व्यावसायिक हैं।नगर निगम ने संपत्ति कर न जमा कराने वाले टॉप 2000 व्यावसायिक-आवासीय संपत्तियों के मालिकों को नोटिस भेजा था और 30 अक्तूबर तक का समय दिया था लेकिन अधिकतर ने बकाया जमा नहीं कराया। कई ने निगम से सुनवाई की मांग की। उन्हें समय भी दिया गया और व्यक्तिगत सुनवाई भी की गई। इसके बाद भी अधिकतर ने कर नहीं जमा कराया, जिसके बाद 70 संपत्तियों को अटैच करने के आदेश जारी हुए।
इसके अलावा कई ऐसी संपत्तियां भी हैं, जिन्हें नगर निगम ने पिछले वर्षों में सील किए थे। ऐसी कुल 54 संपत्तियों की सूची बनाई गई है, जिन्हें नीलाम किया जाएगा। नीलामी के संबंध में संभावित कार्यक्रम भी तैयार है। इसके अलावा भी संपत्ति कर नहीं जमा कराने वालों पर निगम ने अब सख्ती शुरू कर दी है। लगातार रिकवरी के नोटिस भेजे जा रहे हैं। निगम के अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि निगम के करोड़ों रुपये का संपत्ति कर बकाया है, जिसे जानबूझकर लोगों द्वारा जमा नहीं कराया जा रहा है। इस वजह से ही सख्ती की जा रही है।
हाल ही में निगम ने कई संपत्तियों को सील करने के जारी किए थे आदेश
नगर निगम ने हाल ही में कई संपत्तियां सील कीं थीं, जिनमें होटल, दुकान, प्लॉट और एससीओ आदि हैं। ये संपत्तियां बुड़ैल, मनीमाजरा, खुड्डा अलीशेर, अटावा, धनास, इंडस्ट्रियल एरिया, हल्लोमाजरा और सेक्टर-18, 20, 21, 22 और 38 में स्थित हैं। इन पर एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक बकाया है। कई संपत्तियां किराए पर हैं। ऐसे में संपत्ति कर को लेकर किरायेदार और मालिक में भी विवाद चल रहा है। कर जमा कराने के बाद कुछ संपत्तियों को डी-सील भी कर दिया गया है। बता दें कि व्यावसायिक संपत्तियों पर लागू कर का भुगतान न करने पर संपत्ति अटैच करने का प्रावधान है जबकि आवासीय संपत्तियों पर पानी का कनेक्शन काटने का प्रावधान है।
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इसके अलावा कई ऐसी संपत्तियां भी हैं, जिन्हें नगर निगम ने पिछले वर्षों में सील किए थे। ऐसी कुल 54 संपत्तियों की सूची बनाई गई है, जिन्हें नीलाम किया जाएगा। नीलामी के संबंध में संभावित कार्यक्रम भी तैयार है। इसके अलावा भी संपत्ति कर नहीं जमा कराने वालों पर निगम ने अब सख्ती शुरू कर दी है। लगातार रिकवरी के नोटिस भेजे जा रहे हैं। निगम के अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि निगम के करोड़ों रुपये का संपत्ति कर बकाया है, जिसे जानबूझकर लोगों द्वारा जमा नहीं कराया जा रहा है। इस वजह से ही सख्ती की जा रही है।
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हाल ही में निगम ने कई संपत्तियों को सील करने के जारी किए थे आदेश
नगर निगम ने हाल ही में कई संपत्तियां सील कीं थीं, जिनमें होटल, दुकान, प्लॉट और एससीओ आदि हैं। ये संपत्तियां बुड़ैल, मनीमाजरा, खुड्डा अलीशेर, अटावा, धनास, इंडस्ट्रियल एरिया, हल्लोमाजरा और सेक्टर-18, 20, 21, 22 और 38 में स्थित हैं। इन पर एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक बकाया है। कई संपत्तियां किराए पर हैं। ऐसे में संपत्ति कर को लेकर किरायेदार और मालिक में भी विवाद चल रहा है। कर जमा कराने के बाद कुछ संपत्तियों को डी-सील भी कर दिया गया है। बता दें कि व्यावसायिक संपत्तियों पर लागू कर का भुगतान न करने पर संपत्ति अटैच करने का प्रावधान है जबकि आवासीय संपत्तियों पर पानी का कनेक्शन काटने का प्रावधान है।
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