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Haryana: प्रोफार्मा और डीजीपी से साक्षात्कार पर निर्भर होगी एसीआर, पुलिसकर्मियों को खुद ही भरनी होगी
Sat, 04 May 2024 10:44 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 04 May 2024 10:44 AM IST
सार
नवंबर 2023 में हरियाणा पुलिस ने विभाग में इस फार्मूले को लागू करने का फैसला लिया था। अब तमाम पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को यह प्रोफार्मा वितरित किए जा चुके हैं। सात प्रकार प्रोफार्मा में हर रैंक के पुलिसकर्मी के लिए जिम्मेदारियां परिभाषित की गई हैं। खुद पुलिसकर्मी इस रिपोर्ट तैयार में खुद को ही अंक देंगे।
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haryana police
- फोटो : फाइल
विस्तार
हरियाणा में पुलिस विभाग में भी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का फार्मूला लागू हो गया है। अब अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों की अधिकारियों में एसपी की मनमानी नहीं चलेगी। बल्कि प्रोफार्मा में तय किए गए मानदंडों के आधार के अंक और डीजीपी से साक्षात्कार के आधार पर ही एसीआर तय होगी। इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर ही थाना प्रभारियों, सीआईए यूनिट प्रभारियों के तबादले भी तय होंगे।
नवंबर 2023 में हरियाणा पुलिस ने विभाग में इस फार्मूले को लागू करने का फैसला लिया था। अब तमाम पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को यह प्रोफार्मा वितरित किए जा चुके हैं। सात प्रकार प्रोफार्मा में हर रैंक के पुलिसकर्मी के लिए जिम्मेदारियां परिभाषित की गई हैं। खुद पुलिसकर्मी इस रिपोर्ट तैयार में खुद को ही अंक देंगे। शुरुआत में थाना प्रभारियों और सीआईए प्रभारियों के रिपोर्ट कार्ड का आंकलन किया जा रहा है। खुद डीजीपी शत्रुजीत कपूर इस रिपोर्ट कार्ड के आधार पर उनका साक्षात्कार ले रहे हैं। इसी के आधार पर बाद में इन अधिकारियों की एसीआर लिखी जाएगी। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को उनके काम के आधार पर अंक दिए जाएंगे।
इससे पहले, एसपी अपने विवेक के स्तर पर संबंधित पुलिस अधिकारियों की एसीआर लिखते रहे हैं, ये पहली बार है कि डीजीपी का भी इसमें दखल रहेगा। डीजीपी पहले ही साफ कर चुके हैं कि रिपोर्ट कार्ड में उत्कृष्ट कार्य होने पर इन्हें सम्मान दिया जाएगा तो ढीले प्रदर्शन वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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बेहतरीन कार्य पर 10 अंक, नेगेटिव मार्किंग भी
आकलन प्रपत्र में पुलिसकर्मी को समग्र आकलन के आधार पर 10 नंबर संबंधित पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक द्वारा अलग से दिए जाने का प्रावधान भी किया गया है। यदि पुलिसकर्मी एक टीम के रूप में कार्य करेंगे तो नंबर संबंधित सुपरवाइजरी अधिकारी द्वारा दिए जाएंगे। नंबर पुलिसकर्मी की योग्यता, ईमानदारी और अनुशासन के आधार पर दिए जाएंगे। इनके अलावा, नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान किया है। यदि थाने में 80 प्रतिशत से अधिक शिकायतकर्ताओं द्वारा संतुष्टि जताई जाती है तो संबंधित थाना, चौकी अथवा पुलिसकर्मी को 10 नंबर मिलेंगे। इसी प्रकार, नशा मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाले थानाध्यक्षों, चौकी प्रभारियों व पुलिसकर्मियों को अलग से 10 नंबर दिए जाएंगे।
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नवंबर 2023 में हरियाणा पुलिस ने विभाग में इस फार्मूले को लागू करने का फैसला लिया था। अब तमाम पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को यह प्रोफार्मा वितरित किए जा चुके हैं। सात प्रकार प्रोफार्मा में हर रैंक के पुलिसकर्मी के लिए जिम्मेदारियां परिभाषित की गई हैं। खुद पुलिसकर्मी इस रिपोर्ट तैयार में खुद को ही अंक देंगे। शुरुआत में थाना प्रभारियों और सीआईए प्रभारियों के रिपोर्ट कार्ड का आंकलन किया जा रहा है। खुद डीजीपी शत्रुजीत कपूर इस रिपोर्ट कार्ड के आधार पर उनका साक्षात्कार ले रहे हैं। इसी के आधार पर बाद में इन अधिकारियों की एसीआर लिखी जाएगी। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को उनके काम के आधार पर अंक दिए जाएंगे।
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इससे पहले, एसपी अपने विवेक के स्तर पर संबंधित पुलिस अधिकारियों की एसीआर लिखते रहे हैं, ये पहली बार है कि डीजीपी का भी इसमें दखल रहेगा। डीजीपी पहले ही साफ कर चुके हैं कि रिपोर्ट कार्ड में उत्कृष्ट कार्य होने पर इन्हें सम्मान दिया जाएगा तो ढीले प्रदर्शन वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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बेहतरीन कार्य पर 10 अंक, नेगेटिव मार्किंग भी
आकलन प्रपत्र में पुलिसकर्मी को समग्र आकलन के आधार पर 10 नंबर संबंधित पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक द्वारा अलग से दिए जाने का प्रावधान भी किया गया है। यदि पुलिसकर्मी एक टीम के रूप में कार्य करेंगे तो नंबर संबंधित सुपरवाइजरी अधिकारी द्वारा दिए जाएंगे। नंबर पुलिसकर्मी की योग्यता, ईमानदारी और अनुशासन के आधार पर दिए जाएंगे। इनके अलावा, नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान किया है। यदि थाने में 80 प्रतिशत से अधिक शिकायतकर्ताओं द्वारा संतुष्टि जताई जाती है तो संबंधित थाना, चौकी अथवा पुलिसकर्मी को 10 नंबर मिलेंगे। इसी प्रकार, नशा मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाले थानाध्यक्षों, चौकी प्रभारियों व पुलिसकर्मियों को अलग से 10 नंबर दिए जाएंगे।