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Chandigarh News: रूपनगर जेल में बिल्डर जरनैल सिंह बाजवा को वीआईपी सुविधा देने का आरोप

Tue, 15 Jul 2025 01:58 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jul 2025 01:58 AM IST
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Accused of providing VIP facility to builder Jarnail Singh Bajwa in Rupnagar jail
चंडीगढ़। सन्नी एनक्लेव के बिल्डर जरनैल सिंह बाजवा मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। याचिकाकर्ता अरविंदर सिंह ने एक संक्षिप्त हलफनामा दाखिल कर दावा किया है कि जरनैल सिंह बाजवा रूपनगर जेल में रहकर खुला घूम रहा है और व्यावसायिक गतिविधियों में संलिप्त है।
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हलफनामे में बाजवा की ओर से जेल में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जानकारी दी गई है। इसके साथ कुछ चेकों का विवरण दिया गया है जो कथित समझौतों के तहत जारी किए गए थे लेकिन बाउंस हो गए। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को तीन तस्वीरें भी सौंपी हैं जिनमें दावा किया गया है कि 14 जून 2025 को बाजवा सिविल अस्पताल, रूपनगर में आराम फरमा रहा था और होटल में अपने व्यवसाय से जुड़ी गतिविधियां चला रहा था, जबकि उसे जिला जेल में हिरासत में रहना चाहिए था।
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इन गंभीर आरोपों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 14 जून से 13 जुलाई 2025 तक की सिविल अस्पताल रूपनगर की सीसीटीवी फुटेज (रिसेप्शन सहित सभी महत्वपूर्ण स्थानों की) पेन ड्राइव या डीवीडी में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाए। इसके साथ रूपनगर जेल के अधीक्षक को भी आदेश दिया गया है कि वे प्रत्येक कैदी की विस्तृत जानकारी और उनके मेडिकल रिकॉर्ड के साथ एक व्यापक हलफनामा दायर करें। इसमें यह स्पष्ट किया जाए कि कितने अन्य कैदियों को इसी तरह लंबे समय तक अस्पताल में रखा गया है जैसे कि बाजवा 3 को मार्च 2025 से भर्ती बताया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि जेल और अस्पताल प्रशासन विशेष रूप से रूपनगर जेल अधीक्षक और सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी बिल्डर बाजवा को अनुचित लाभ पहुंचा रहे हैं। उनके खिलाफ पहले भी इसी तरह के आरोप लगे हैं जिनमें राजनीतिक और प्रशासनिक गठजोड़ की ओर इशारा किया गया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने खरड़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की ओर से 11 मार्च 2025 को पारित आदेश भी प्रस्तुत किया जिसमें आरोपी को चिकित्सा जांच और उपचार के लिए अस्पताल भेजने का निर्देश था। राज्य की ओर से 10 जुलाई 2025 के आदेश के अनुपालन में सिविल अस्पताल से हलफनामा दाखिल करने के लिए एक दिन की मोहलत मांगी जिसे हाईकोर्ट ने अंतिम अवसर के रूप में 16 जुलाई 2025 तक स्वीकार किया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अब किसी भी पक्ष को और समय नहीं दिया जाएगा और न ही कोई स्थगन अनुरोध स्वीकार किया जाएगा।
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