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पन्नू पर 10 हजार अमेरिकी डॉलर का जुर्माना: जमानत मिलते ही विदेश भागा, 20 साल से फरार, अब करना होगा सरेंडर

Sat, 15 Feb 2025 05:05 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sat, 15 Feb 2025 05:05 PM IST
सार

पन्नू की वकील ने दलील दी कि उसे इस एफआईआर की जानकारी नहीं थी, क्योंकि वह अमेरिका में था और उसे कोई समन नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि पन्नू को मामले की पूरी जानकारी थी, फिर भी उसने 20 साल तक कानून की प्रक्रिया से बचने की कोशिश की।

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Accused go abroad got bail Punjab Haryana High Court imposed fine of 10 thousand US dollars
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

2004 में जमानत मिलने के बाद अमेरिका भागे आरोपी को सबक सिखाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उस पर 10 हजार अमेरिकी डॉलर (8,68,000 रुपये) का जुर्माना लगाया है। साथ ही जुर्माने की राशि हाईकोर्ट बार क्लर्क एसोसिएशन में जमा करवाने का आदेश दिया है।

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अवतार सिंह पन्नू के खिलाफ 2004 में अमृतसर में धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उसे उसी वर्ष जमानत मिल गई थी, लेकिन इसके बाद वह अमेरिका भाग गया और ट्रायल से बचता रहा और 20 साल तक फरार रहा। 2006 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।
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पन्नू की वकील ने दलील दी कि उसे इस एफआईआर की जानकारी नहीं थी, क्योंकि वह अमेरिका में था और उसे कोई समन नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि पन्नू को मामले की पूरी जानकारी थी, फिर भी उसने 20 साल तक कानून की प्रक्रिया से बचने की कोशिश की। हालांकि, अब जब उसने भारत आकर आत्मसमर्पण करने की बात कही है, तो हाई कोर्ट ने उसे यह अंतिम अवसर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि पन्नू तय समय पर सरेंडर नहीं करता है, तो राज्य सरकार उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई के लिए याचिका दायर कर सकती है।
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साथ ही, सरेंडर के बाद ट्रायल कोर्ट उसी दिन उसकी जमानत अर्जी पर विचार करेगा। जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा कि यह अटल सत्य है कि याचिकाकर्ता के इस कृत्य के कारण ट्रायल में देरी हुई है, जिससे दूसरे पक्ष को नुकसान हुआ है। इस देरी की भरपाई के लिए याचिकाकर्ता को 10 हजार अमेरिकी डॉलर की राशि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट बार क्लर्क एसोसिएशन में जमा करनी होगी। इस राशि की रसीद ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत करने पर ही उसकी जमानत याचिका पर विचार किया जाएगा।

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