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पंजाब: रोज चोरी हो रही दो करोड़ की बिजली, गांवों में ज्यादा मामले, पीएसपीसीएल को हर साल 1200 करोड़ की चपत

Sat, 17 Jul 2021 03:09 PM IST
निवेदिता वर्मा अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 17 Jul 2021 03:09 PM IST
सार

भीषण गर्मी और धान रोपाई के सीजन में बिजली की बढ़ती मांग के कारण राज्य बिजली संकट से जूझ रहा है। पीएसपीसीएल हर रोज 12 करोड़ रुपये से 1000 मेगावाट से अधिक की बिजली खरीद कर रहा है।

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According to Data 66 percent of electricity theft in Punjab is done by villagers
electricity - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में चल रहे बिजली संकट के बीच बिजली चोरी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। ग्रामीण फीडरों से मिले आंकड़ों के अनुसार राज्य में 66 फीसदी बिजली की चोरी ग्रामीण करते हैं। लगभग 2 करोड़ रुपये की बिजली हर रोज गांवों से ही चोरी की जाती है। एक करोड़ की बिजली चोरी में उद्योग और आम उपभोक्ता शामिल हैं। हर साल बिजली चोरी के नाम पर 1200 करोड़ रुपये की चपत पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को लगती है।

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पंजाब में पीएसपीसीएल के पास लगभग 1 करोड़ बिजली उपभोक्ता दर्ज हैं। इन दिनों भीषण गर्मी और धान रोपाई के सीजन में बिजली की बढ़ती मांग के कारण राज्य बिजली संकट से जूझ रहा है। पीएसपीसीएल हर रोज 12 करोड़ रुपये से 1000 मेगावाट से अधिक की बिजली खरीद कर रहा है। बढ़ते बिजली संकट के बीच राज्य के फीडरों से मिले आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 
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आंकड़ों में तथ्य मिले हैं कि गांवों के बाहर लगे फीडरों से शहरों के मुकाबले अधिक चोरी हो रही है। धान की रोपाई के सीजन में गांवों में बिजली मुफ्त देने के बाद भी करीब 796 करोड़ रुपये की बिजली चोरी की पुष्टि हुई है। ऐसे ही शहरी क्षेत्रों के बाहर के फीडरों से 300 करोड़ और औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर के फीडरों से 100 करोड़ रुपये सालाना बिजली चोरी के तथ्य उजागर हुए हैं। करीब सवा 3 करोड़ रुपये की बिजली चोरी रोज पंजाब में होती है। इसमें सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति लाइनों से बिजली चोरी किए जाने के मामले सामने आए हैं।
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तो एक रुपये सस्ती हो सकती है बिजली
बिजली चोरी के जो आंकड़े सामने आए हैं, यदि इस पर अंकुश लगाया जाए तो पूरे राज्य को सस्ती बिजली मिल सकती है। एक अनुमान के अनुसार बिजली चोरी पर यदि पीएसपीसीएल पूर्ण रूप से रोक लगा ले तो हर उपभोक्ता को प्रति यूनिट के हिसाब से एक रुपये सस्ती बिजली मिल पाएगी। 

10.50 हजार करोड़ की सब्सिडी
गांवों में धान रोपाई के दौरान सरकारों की ओर से किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है जिसमें सब्सिडी के रूप में 10.50 हजार करोड़ रुपये की राशि खर्च होती है। इसके बाद भी सबसे ज्यादा बिजली चोरी के मामले गांवों में मिले हैं। 

राज्य में बिजली चोरी गंभीर समस्या है। इस पर अंकुश लगाने के लिए पीएसपीसीएल की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटरों की संख्या में वृद्धि की गई है, जिससे काफी हद तक इस पर अंकुश लगाया जा चुका है। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जा रहा है।  - ए. वेणु प्रसाद, सीएमडी, पीएसपीसीएल

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