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नहीं पहुंचे खरीदार, एन मौके पर एसी मंडी में नीलामी कैंसिल
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:10 AM IST
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मोहाली एसी मंडी में तेजी लाने के उद्देश्य से मंगलवार को मंडी बोर्ड की तरफ से दुकानों की नीलामी रखी गई थी। लेकिन, उम्मीद के मुताबिक खरीदार नहीं पहुंचने पर इसे एन मौके पर कैंसिल कर दिया गया। नीलामी की नई तारीख अभी तक निश्चित नहीं की गई।
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जानकारी के मुुताबिक, मंडी में कुल 121 दुकानों की नीलामी का जानी थी। इसके लिए मंडी बोर्ड की तरफ से पूरी प्रमोशन की गई थी। एक तरफ जहां नीलामी के लिए लाखों रुपये के विज्ञापन दिए गए थे, वहीं, विभिन्न राज्यों के मंडी बोर्डों को भी इस बारे में लिखा गया था।
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लेकिन, नीलामी में केवल 15 खरीदार ही पहुंचे। इससे मंडी बोर्ड की उम्मीदों पर पानी फिर गया। जिक्रयोग है कि राज्य सरकार ने सेक्टर-65 में करोड़ों रुपये की लागत से करीब तीन साल पहले एसी सब्जी मंडी बनाई थी। मंडी 12.5 एकड़ जगह में बसी है। इस पर करीब 50 करोड़ की लागत आई है।
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इसमें सारे काम इलेक्ट्रानिक विधि से किए जाने थे। मंडी तीन हिस्सों में बनाई है। इसमें दो मंजिला 34 दुकानें हैं। जबकि परचून की 95 हैं। लेकिन, थोक की दुकानें नीलाम नहीं होने से मंडी शुरू नहीं हो पाई थी। ऐसे में अधिकतर किसान भी मंडी में आने से परहेज करते थे। वहीं, सफेद हाथी बनकर रह गई थी।
नीलामी की यह थीं शतें
नीलामी में भाग लेने के इच्छुक लोगों को पहले डेढ़ लाख रुपये अर्नेस्ट फीस के रूप में जमा करवाना होंगे। वहीं, नीलामी में कामयाब रहने वाले व्यक्ति को तय शर्तों पर हस्ताक्षर करने होंगे। वहीं, बोली जीतने वाले व्यक्ति को कुल रकम का 25 प्रतिशत मौके पर जमा करवाना होंगे।
75 प्रतिशत रकम 12 फीसदी ब्याज के साथ भरनी होगी। वहीं, अगर बोली जीतने के बाद यदि कोई व्यक्ति मौके पर 25 प्रतिशत रकम जमा नहीं करवा पाया तो उसकी अर्नेस्ट मनी जब्त कर ली जाएगी। वहीं, किन्हीं कारणों से बोली रद्द होती है तो किसी भी तरह का ब्याज नहीं दिया जाएगा।
अप्रैल से शुरू होनी थी मंडी
मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि मंडी बोर्ड ने अप्रैल 2016 से मंडी को पूरी तरह शुरू करने का फैसला लिया था। विभाग का कहना था कि उक्त मंडी के शुरू होने से आम लोगों को फायदा मिलेगा। लेकिन, इससे विभाग की योजना पर पानी फिर गया है।