अबोहर कांड: पीड़ित पक्ष पहुंचा हाईकोर्ट, जान को खतरा बताया
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अबोहर कांड में मृतक भीम टांक के परिवान ने हाईकोर्ट की शरण ली है। परिवार ने आरोपियों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी है।
टांक की मां कौशल्या, पिता कपूर चंद के अलवा घायल गुरजंट सिंह के भाई रंजीत सिंह ने आरोपियों से जान को खतरा बताया है। इस पर जस्टिस लीजा गिल की एकल बेंच ने पंजाब और केंद्र सरकार को 24 घंटे में जवाब देने का निर्देश दिया है।
साथ ही सुनवाई वीरवार तक स्थगित कर दी गई है। बेंच ने सरकारी वकीलों से कहा है कि वह अपनी सरकारों से पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए हिदायत प्राप्त कर वीरवार तक जवाब दें।
जो हाथ-पैर काट सकते हैं, उनके लिए हत्या बड़ी बात नहीं
एडवोकेट एसपीएस टीना के माध्यम से दायर याचिका में पीड़ित पक्ष ने कहा है कि भीम टांक हत्याकांड के आरोपी प्रभावशाली हैं। वे सरकार तक पहुंच रखते हैं।
ऐसे में उन्हें शक है कि उनकी भी हत्या की जा सकती है। लिहाजा उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। याचिका में यह आरोप भी लगाया गया है कि पीड़ित परिवार पर दबाव भी बनाया जा रहा है।
आरोप लगाया गया है कि भीम टांक हत्याकांड में पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। यह भी कहा गया है कि मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले ही करीब 20 मामले दर्ज हैं। जिन लोगों ने भीम और गुरजंट सिंह के हाथ-पांव काट दिए थे, उनके लिए अब पीड़ित पक्ष के बाकी लोगों की भी हत्या करवाना कोई बड़ी बात नहीं है।
कपूर चंद, कौशल्या व रंजीत सिंह ने याचिका में कहा है कि घटना के बाद से वह बेहद भयभीत हैं। उन्होंने सुरक्षा के लिए एसएसपी और स्थानीय नेताओं से संपर्क किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।