अभय चौटाला ने गर्माया सदन, बोले- विरोध करने वाले लेना चाहते हैं श्रेय
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हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा के अलग राज्य बनने का आज श्रेय लेने वालों ने गठन के समय विरोध किया था।
उस समय संयुक्त पंजाब की जनसंघ पार्टी ने हरियाणा बनाने का पुरजोर विरोध किया था।
21 अक्तूबर 1965 को पंजाब मंत्रिमंडल ने प्रताप सिंह कैरों की अध्यक्षता में जब पंजाब और हरियाणा अलग राज्य बनाने का विरोध करते हुए प्रस्ताव पारित किया था तो कैरों मंत्रिमंडल में शामिल भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर सिंह ने भी अलग राज्य की मांग का विरोध करते हुए कैबिनेट के प्रस्ताव का समर्थन किया था।
चौटाला ने सरकार और कांग्रेस को लिया आडे़ हाथों
आंदोलन से जुड़े रहे प्रो. शेर सिंह ने अपनी किताब में लिखा है कि हुकम सिंह कमेटी के चौधरी बंसीलाल सदस्य थे और उस समय बंसीलाल ने उस कमेटी के सदस्य के तौर पर कहा था कि वे इस बात के पक्षधर नहीं हैं कि पंजाब और हरियाणा अलग-अलग राज्य बनें।
उस कमेटी में चौधरी लहरी सिंह भी जनसंघ के सांसद के तौर पर शामिल थे और वे अलग राज्य के पक्षधर थे, लेकिन जब जनसंघ वालों ने उन पर दबाव बनाया कि जनसंघ अलग राज्य की पक्षधर नहीं है तो लहरी सिंह ने जनसंघ छोड़ दिया था।
अभय ने बताया कि इनेलो ने प्रदेशभर में हरियाणा को अलग राज्य बनवाने में योगदान देने वाले महानुभावों और इसके समर्थन और विरोध में खड़े राजनेताओं व दलों के बारे में जनता को अवगत कराने का निर्णय लिया है।