ऐलनाबाद: सात साल में तीसरी बार आमने-सामने अभय और पवन, अभय उपचुनाव जीते तो पिता ओपी चौटाला की करेंगे बराबरी
अभय जीते तो उपचुनाव में जीत दर्ज करने के मामले में इनेलो सुप्रीमो व अपने पिता ओपी चौटाला की बराबरी कर लेंगे। अभय इस सीट से एक उपचुनाव और दो विधानसभा चुनाव में निरंतर विजयी होकर जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं।
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ऐलनाबाद विधानसभा सीट पर इनेलो के अभय चौटाला और कांग्रेस उम्मीदवार पवन बैनीवाल सात साल में तीसरी बार आमने-सामने हैं। अंतर इतना है कि पवन इस बार भाजपा की बजाय कांग्रेस से किस्मत आजमा रहे हैं। अभय और पवन के बीच 2014, 2019 के आम विधानसभा चुनाव में दो बार टक्कर हो चुकी है।
अब 2021 उपचुनाव में दोनों ऐलनाबाद सीट से ही फिर चुनावी रण में कूदे हैं। अभय जीते तो उपचुनाव में जीत दर्ज करने के मामले में इनेलो सुप्रीमो व अपने पिता ओपी चौटाला की बराबरी कर लेंगे। अभय इस सीट से एक उपचुनाव और दो विधानसभा चुनाव में निरंतर विजयी होकर जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं।
पिछले दो चुनावों में अभय ने पवन को हराया है। इस विधानसभा उपचुनाव में अभय जीतते हैं, तो यह उनके राजनीतिक जीवन की पांचवीं जीत होगी। जबकि, उपचुनावों में तीसरी। उन्होंने अपने पहला उपचुनाव मई 2000 में सिरसा जिले के रोड़ी विधानसभा हलके से जीता था। उसके बाद 2010 में ऐलनाबाद हलके से दूसरा उपचुनाव जीता।
तीन उपचुनाव जीतने का रिकॉर्ड ओपी चौटाला के नाम
हरियाणा से तीन उपचुनाव जीतने का रिकॉर्ड पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला के नाम ही है। उन्होंने 1970 में ऐलनाबाद, 1990 में दरबा कलां और 1993 में नरवाना से उपचुनाव जीता है। अभय ने अपने जीवन का पहला चुनाव वर्ष 1998 में राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की संगरिया विधानसभा सीट से लड़ा था, लेकिन वह सफलता हासिल नहीं कर पाए थे। अभय जिला परिषद सिरसा के चेयरमैन भी रहे हैं।