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हरियाणाः कोरा आश्वासन, सालों से लटकी मांगें-मुद्दे, अब नौकरी छोड़ रहा आरोही स्कूलों का स्टाफ
Thu, 20 Feb 2020 12:21 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 20 Feb 2020 12:21 PM IST
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हरियाणा में इंग्लिश मीडियम आरोही मॉडल स्कूलों के स्टाफ को रेगुलर करने, उनके सर्विस रूल्स को नोटिफाई करते हुए उन्हें सातवें वेतनमान का लाभ देने के मामले में अभी तक कोरे आश्वासन के सिवा कुछ नहीं है। इस संदर्भ में फाइल 2018 से टेबल-दर-टेबल घूमती जा रही है और आश्वासनों के बावजूद सरकार इस पर अभी तक फैसला नहीं ले पा रही है।
नतीजतन इन स्कूलों के स्टाफ का इस नौकरी से ही मोहभंग होता जा रहा है। स्टाफ इन स्कूलों की नौकरी छोड़ दूसरा विकल्प चुन रहा है। आलम यह है कि 2232 स्वीकृत पदों वाले इन 36 इंग्लिश मीडियम आरोही मॉडल स्कूलों में आज करीब 350 टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ ही रह गया है।
इसके बावजूद ये स्कूल लगातार बोर्ड परीक्षाओं में अपना नब्बे फीसद से अधिक रिजल्ट दे रहे हैं। यही वजह है कि आज भी इन 36 स्कूलों में करीब 11 हजार छात्र शिक्षा ले रहा है। बेहद कम स्टाफ के बावजूद इन स्कूलों में बेहतर और सस्ती पढ़ाई ही छात्रों में इनके प्रति क्रेज का कारण है।
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नतीजतन इन स्कूलों के स्टाफ का इस नौकरी से ही मोहभंग होता जा रहा है। स्टाफ इन स्कूलों की नौकरी छोड़ दूसरा विकल्प चुन रहा है। आलम यह है कि 2232 स्वीकृत पदों वाले इन 36 इंग्लिश मीडियम आरोही मॉडल स्कूलों में आज करीब 350 टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ ही रह गया है।
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इसके बावजूद ये स्कूल लगातार बोर्ड परीक्षाओं में अपना नब्बे फीसद से अधिक रिजल्ट दे रहे हैं। यही वजह है कि आज भी इन 36 स्कूलों में करीब 11 हजार छात्र शिक्षा ले रहा है। बेहद कम स्टाफ के बावजूद इन स्कूलों में बेहतर और सस्ती पढ़ाई ही छात्रों में इनके प्रति क्रेज का कारण है।
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क्वालिटी एजुकेशन के लिए खुले थे ये स्कूल
हरियाणा के एजुकेशनली बैकवर्ड ब्लाक (ईबीबी) में क्वालिटी एजुकेशन उपलब्ध करवाने के मकसद से वर्ष 2013 में इंग्लिश मीडियम आरोही मॉडल स्कूल खोले गए थे। इसमें 10 जिलों के 36 ब्लाक में इन्हें खोला गया था।
आज ये आरोही स्कूल पानीपत के गांव छज्जूकला, पलवल के रामगढ़, अली ब्राह्मण, लड़ियाका, गदपुरी, मेवात के हसनपुर बिलोंडा, मोहम्मदपुर नगर, नूंह केरेवासन, पुन्हाना के मुन्डेट, बावला, फतेहाबाद के सरवरपुर, दुलत, बनगांव, रतिया के जालूपुर, टोहाना के कनहेरी, महेंद्रगढ़ के मनधाना, कैथल के ग्यौंग, कलायत केरामगढ़ पंदवा, राजौंद के सोंगरी, जींद के हसनपुर, नरवाना के नारायणगढ़, उचाना के घेसुंखुर्द, हिसार केअग्रोहा, बरवाला के गेबीपुर, हांसी के घिराई, भिवानी रोहिला, खेरी लोचब, उकलाना, भिवानी के तोशाम, सिवानी खेरा, सिरसा के झीरी, कालूवाना, खारी सुरेरा, नौथसरी कलां, रानिया के मोहम्मद पुरिया में संचालित हैं।
ये था स्टाफ व सेवा शर्त
इन इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए 36 प्राचार्यों, 756 लेक्चरर, 576 मास्टर्स, 36 लाइब्रेरियन, 108 र्क्लक एवं अकाउंटेंट, 144 लैब सहायक, 144 सेवादार, 72 चौकीदार, 144 महिला सहायक, 144 सफाई कर्मचारी, छात्रों के स्वास्थ्य की देखरेख हेतु 36 नर्स व 36 रिसेप्शनिस्ट के पद स्वीकृत किए गए थे। इनकी सेवा शर्तों एवं सर्विस बाईलॉज के अनुसार पांच साल बाद यानी वर्ष 2018 में जिन कर्मचारियों का कामकाज संतोषजनक था, उन्हें रेगुलर कर दिया जाना था।
आज ये आरोही स्कूल पानीपत के गांव छज्जूकला, पलवल के रामगढ़, अली ब्राह्मण, लड़ियाका, गदपुरी, मेवात के हसनपुर बिलोंडा, मोहम्मदपुर नगर, नूंह केरेवासन, पुन्हाना के मुन्डेट, बावला, फतेहाबाद के सरवरपुर, दुलत, बनगांव, रतिया के जालूपुर, टोहाना के कनहेरी, महेंद्रगढ़ के मनधाना, कैथल के ग्यौंग, कलायत केरामगढ़ पंदवा, राजौंद के सोंगरी, जींद के हसनपुर, नरवाना के नारायणगढ़, उचाना के घेसुंखुर्द, हिसार केअग्रोहा, बरवाला के गेबीपुर, हांसी के घिराई, भिवानी रोहिला, खेरी लोचब, उकलाना, भिवानी के तोशाम, सिवानी खेरा, सिरसा के झीरी, कालूवाना, खारी सुरेरा, नौथसरी कलां, रानिया के मोहम्मद पुरिया में संचालित हैं।
ये था स्टाफ व सेवा शर्त
इन इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए 36 प्राचार्यों, 756 लेक्चरर, 576 मास्टर्स, 36 लाइब्रेरियन, 108 र्क्लक एवं अकाउंटेंट, 144 लैब सहायक, 144 सेवादार, 72 चौकीदार, 144 महिला सहायक, 144 सफाई कर्मचारी, छात्रों के स्वास्थ्य की देखरेख हेतु 36 नर्स व 36 रिसेप्शनिस्ट के पद स्वीकृत किए गए थे। इनकी सेवा शर्तों एवं सर्विस बाईलॉज के अनुसार पांच साल बाद यानी वर्ष 2018 में जिन कर्मचारियों का कामकाज संतोषजनक था, उन्हें रेगुलर कर दिया जाना था।
नौकरियां छोड़ने से निदेशालय चिंतित
दूसरे विकल्प तलाशने के बाद स्कूल के शिक्षकों व अन्य स्टाफ ने जब इस नौकरी को छोड़ने के नोटिस देने शुरू किए, तभी से विद्यालय शिक्षा निदेशालय के अफसर भी चिंतित है। निदेशालय ने नोटिस देने वाले कर्मियों से आग्रह भी किया था कि वे अपने नोटिस वापस ले लें, क्योंकि उन्हें रेगुलर करने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन इस आग्रह को भी लंबा समय बीत गया है, मगर अभी तक कुछ नहीं हुआ।
कम स्टाफ, फिर भी बढ़ा दी कक्षाएं
हरियाणा सरकार भी इन आरोही स्कूलों की शानदार परफोरमेंस से अच्छी तरह वाकिफ है। इसलिए मौजूदा शैक्षणिक सत्र से सरकार ने इन स्कूलों को नौवीं से बारहवीं की बजाए छठी से बारहवीं तक कर दिया। लेकिन आज तक स्टाफ की इन स्कूलों में बढ़ौतरी नहीं हुई। जिस वजह से मौजूदा परिस्थितियों में इन स्कूलों में छात्रों को बेहतर शिक्षा दे पाना मुश्किल हो रहा है।
पीएस ने मांगी थी रिपोर्ट, अब तक नहीं आई
आरोही मॉडल स्टाफ एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी इन्हीं मांगों को लेकर सीएम के पीएस राजेश खुल्लर से मिला था। जिस पर पीएस राजेश खुल्लर ने शिक्षा निदेशालय से 31 जनवरी तक इस संदर्भ में मौजूदा स्टेट्स की रिपेार्ट तलब की थी। एसोसिएशन ने इन स्कूलों को सरकार द्वारा गठित सोसायटी से मुक्त कर पूरी तरह सरकार के अधीन करते हुए स्टाफ को रेगुलर करने की मांग भी उठाई थी। लेकिन उसके बावजूद अभी तक कुछ नहीं हुआ।
आरोही स्कूलों की तमाम मांगें और मुद्दे अभी सरकार स्तर पर विचाराधीन है। इनके ‘हरियाणा आरोही एजुकेशनली बैकवर्ड ब्लाक मॉडल स्कूल सोसायटी सर्विस बाईलाज-2019’ को फिर से फ्रेम किया गया है। मगर उनकी मांगों पर निर्णय अभी होना बाकी है।
- कंवरपाल गुर्जर, शिक्षामंत्री, हरियाणा
कम स्टाफ, फिर भी बढ़ा दी कक्षाएं
हरियाणा सरकार भी इन आरोही स्कूलों की शानदार परफोरमेंस से अच्छी तरह वाकिफ है। इसलिए मौजूदा शैक्षणिक सत्र से सरकार ने इन स्कूलों को नौवीं से बारहवीं की बजाए छठी से बारहवीं तक कर दिया। लेकिन आज तक स्टाफ की इन स्कूलों में बढ़ौतरी नहीं हुई। जिस वजह से मौजूदा परिस्थितियों में इन स्कूलों में छात्रों को बेहतर शिक्षा दे पाना मुश्किल हो रहा है।
पीएस ने मांगी थी रिपोर्ट, अब तक नहीं आई
आरोही मॉडल स्टाफ एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी इन्हीं मांगों को लेकर सीएम के पीएस राजेश खुल्लर से मिला था। जिस पर पीएस राजेश खुल्लर ने शिक्षा निदेशालय से 31 जनवरी तक इस संदर्भ में मौजूदा स्टेट्स की रिपेार्ट तलब की थी। एसोसिएशन ने इन स्कूलों को सरकार द्वारा गठित सोसायटी से मुक्त कर पूरी तरह सरकार के अधीन करते हुए स्टाफ को रेगुलर करने की मांग भी उठाई थी। लेकिन उसके बावजूद अभी तक कुछ नहीं हुआ।
आरोही स्कूलों की तमाम मांगें और मुद्दे अभी सरकार स्तर पर विचाराधीन है। इनके ‘हरियाणा आरोही एजुकेशनली बैकवर्ड ब्लाक मॉडल स्कूल सोसायटी सर्विस बाईलाज-2019’ को फिर से फ्रेम किया गया है। मगर उनकी मांगों पर निर्णय अभी होना बाकी है।
- कंवरपाल गुर्जर, शिक्षामंत्री, हरियाणा