{"_id":"68f13e465b34263504040945","slug":"aap-questions-bjp-leaders-silence-on-bbmb-issue-chandigarh-news-c-16-1-pkl1082-847155-2025-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: आप ने बीबीएमबी के मुद्दे पर भाजपा नेताओं की चुप्पी पर उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: आप ने बीबीएमबी के मुद्दे पर भाजपा नेताओं की चुप्पी पर उठाए सवाल
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता नील गर्ग ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के मुद्दे पर भाजपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार राजस्थान और हिमाचल प्रदेश को बोर्ड में स्थायी सदस्य बनाने की तैयारी कर रही है लेकिन भाजपा पंजाब प्रधान सुनील जाखड़ और केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू इस पर चुप हैं। गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार अपने इस नए प्रावधान के जरिये पंजाब के अधिकारों को कमजोर करने में लगी हुई है लेकिन उसे इसमें सफल नहीं होने दिया जाएगा।
गर्ग ने कहा कि भाजपा नेताओं को इस मसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि वह सूबे के साथ या पंजाब के लोगों के खिलाफ खड़े हैं। फिलहाल पंजाब और हरियाणा बोर्ड में स्थायी सदस्य है। हाल ही में केंद्र ने बीबीएमबी के सहयोगी राज्यों को पत्र जारी करके राजस्थान और हिमाचल को स्थायी सदस्य बनाने पर उनकी राय मांगी थी, जिसका पंजाब ने विरोध किया था।
विज्ञापन
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता नील गर्ग ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के मुद्दे पर भाजपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार राजस्थान और हिमाचल प्रदेश को बोर्ड में स्थायी सदस्य बनाने की तैयारी कर रही है लेकिन भाजपा पंजाब प्रधान सुनील जाखड़ और केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू इस पर चुप हैं। गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार अपने इस नए प्रावधान के जरिये पंजाब के अधिकारों को कमजोर करने में लगी हुई है लेकिन उसे इसमें सफल नहीं होने दिया जाएगा।
गर्ग ने कहा कि भाजपा नेताओं को इस मसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि वह सूबे के साथ या पंजाब के लोगों के खिलाफ खड़े हैं। फिलहाल पंजाब और हरियाणा बोर्ड में स्थायी सदस्य है। हाल ही में केंद्र ने बीबीएमबी के सहयोगी राज्यों को पत्र जारी करके राजस्थान और हिमाचल को स्थायी सदस्य बनाने पर उनकी राय मांगी थी, जिसका पंजाब ने विरोध किया था।
विज्ञापन