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Punjab: न्यायिक नियुक्ति विधेयक के विरोध में AAP, राघव चड्ढा बोले- जजों की नियुक्ति में राजनीतिक दखल न हो
Fri, 09 Dec 2022 10:22 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 09 Dec 2022 10:22 PM IST
सार
राज्यसभा सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने विधेयक पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्य उच्च न्यायपालिका के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय न्यायिक आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को नियंत्रित करना है। चड्ढा ने कहा कि न्यायपालिका देश में एकमात्र स्वतंत्र संस्था बची है। उस पर राजनीतिक प्रभाव की अनुमति देना हानिकारक है।
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राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) विधेयक का शुक्रवार को राज्यसभा में पुरजोर विरोध किया। सांसद राघव चड्ढा ने उच्च सदन में विधेयक के खिलाफ पार्टी की तरफ से विरोध दर्ज कराया। और कहा कि जजों की नियुक्ति में राजनीतिक दखल नहीं होनी चाहिए।
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गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने विधेयक पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्य उच्च न्यायपालिका के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय न्यायिक आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को नियंत्रित करना है। चड्ढा ने कहा कि न्यायपालिका देश में एकमात्र स्वतंत्र संस्था बची है। उस पर राजनीतिक प्रभाव की अनुमति देना हानिकारक है। कॉलेजियम प्रणाली सुचारु रूप से काम कर रही है। इसमें सुधार की गुंजाइश है लेकिन किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसी भी तरह से इसे नियंत्रित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
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चड्ढा ने कहा कि एनजेएसी का कॉन्सेप्ट 1993, 1998 और 2016 में सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन लाया गया। तीनों बार सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्राथमिकता दी और इस विचार को खारिज कर दिया। अब संसद में लाया गया है... मैं इस विधेयक का विरोध करता हूं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम एक सांविधानिक असंभवता को करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा कोई बिल नहीं आना चाहिए जो सरकार को जजों की नियुक्ति में दखल देने का मौका दे।
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