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आम आदमी पार्टी में बगावत के सुर बुलंद, भगवंत मान भी कठघरे में
ब्यूरो/अमर उजाला, सुनाम(पंजाब)
Updated Tue, 23 Aug 2016 06:38 PM IST
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भगवंत मान
- फोटो : ANI
आम आदमी पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों संबंधी लिए फैसले का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुनाम में भी पार्टी के फैसले के विरोध में बगावती सुर तेज हो गए हैं। नेताओं ने प्रत्याशी बदलने संबंधी पार्टी को चेतावनी तक दे डाली है। आप की ओर से सुनाम से उतारे गए प्रत्याशी का पार्टी के करीब एक दर्जन सरगरम नेताओं ने कड़ा विरोध किया है और इस मामले में सांसद भगवंत मान को भी कठघरे में खड़ा किया है। नेताओं के तीखे बगावती तेवर भविष्य में पार्टी के लिए सिरदर्द बन सकते हैं।
मंगलवार को पार्टी के सरगरम नेताओं की बैठक हुई इसमें यूथ विंग के अध्यक्ष रविंदर सिंह ढिल्लों, सर्कल प्रभारी सोनी विर्क, अवतार संधे, चरणजीत सिंह, ईशर सिंह फौजी, कुलदीप धालीवाल, मक्खन नमोल शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने साफ किया कि उन्हें किसी पद का लालच नहीं है। लेकिन उनका सहयोग केवल अरविंद केजरीवाल की सत्यता के साथ है न कि किसी दलबदलु के साथ है। उन्होंने पार्टी हाईकमान तथा जनता से सवाल किया कि क्या पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवार आम आदमी हैं? मात्र सियासी स्वार्थों की पूर्ति के लिए पार्टी का दामन थामने वालों का समर्थन किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि पार्टी ने अपना फैसला नहीं बदला तो ऐसे अनेक सवाल, विधानसभा चुनाव के दौरान सांसद भगवंत मान समेत पार्टी हाईकमान के कानों में गूंजते रहेंगे। पार्टी के पास तथ्य भेजकर आपत्ति जताई गई है। पार्टी की छवि खराब होने के डर से उन्होंने किसी बड़े संघर्ष को अंजाम नहीं दिया है और उम्मीद है कि पार्टी उन्हें बड़ा संघर्ष करने के लिए विवश नहीं करेगी।
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मंगलवार को पार्टी के सरगरम नेताओं की बैठक हुई इसमें यूथ विंग के अध्यक्ष रविंदर सिंह ढिल्लों, सर्कल प्रभारी सोनी विर्क, अवतार संधे, चरणजीत सिंह, ईशर सिंह फौजी, कुलदीप धालीवाल, मक्खन नमोल शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने साफ किया कि उन्हें किसी पद का लालच नहीं है। लेकिन उनका सहयोग केवल अरविंद केजरीवाल की सत्यता के साथ है न कि किसी दलबदलु के साथ है। उन्होंने पार्टी हाईकमान तथा जनता से सवाल किया कि क्या पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवार आम आदमी हैं? मात्र सियासी स्वार्थों की पूर्ति के लिए पार्टी का दामन थामने वालों का समर्थन किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि यदि पार्टी ने अपना फैसला नहीं बदला तो ऐसे अनेक सवाल, विधानसभा चुनाव के दौरान सांसद भगवंत मान समेत पार्टी हाईकमान के कानों में गूंजते रहेंगे। पार्टी के पास तथ्य भेजकर आपत्ति जताई गई है। पार्टी की छवि खराब होने के डर से उन्होंने किसी बड़े संघर्ष को अंजाम नहीं दिया है और उम्मीद है कि पार्टी उन्हें बड़ा संघर्ष करने के लिए विवश नहीं करेगी।
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