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कैप्टन की सहमति से ही बने कृषि कानून, किसानों के साथ अब कर रहे दिखावा : राघव चड्ढा
Fri, 01 Jan 2021 11:19 PM IST
ajay kumar
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़/अमृतसर
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़/अमृतसर
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 01 Jan 2021 11:19 PM IST
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पंजाब पहुंचे राघव चड्ढा।
- फोटो : @raghav_chadha
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दो दिवसीय दौरे पर आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब सह-प्रभारी राघव चड्ढा पंजाब पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सहमति से ही केंद्रीय कृषि कानून बने हैं। उन्होंने कृषि कानूनों को लेकर केंद्र की बनाई गई हाई पावर कमेटी के सदस्य रहते यह स्वीकृति दी थी। कृषि प्रधान राज्य होने के बावजूद पंजाब के मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ यह धोखा किया है, यदि वह किसान हितैषी है तो क्यों कमेटी से किनारा नहीं किया।
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सह-प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार राघव चड्ढा पंजाब पहुंचे। शुक्रवार को दौरे की शुरुआत उन्होंने अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेककर की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जमीन छीनने वाले काले कानून के संबंध में बनी हाई पावर कमेटी के सदस्य होते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों के साथ 'गद्दारी' करते हुए इस कानून को सहमति दी। चाहिए तो यह था कि कृषि प्रधान प्रदेश के मुख्यमंत्री होते हुए विरोध करते और कमेटी का बहिष्कार कर लोगों को इन कानूनों के बारे में बताते।
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चड्ढा ने कहा कि जब यह काले कानून आए तो कुर्सी के लालच में शिअद केंद्र की मोदी सरकार का हिस्सा रहा और बिल आने के बाद इन कृषि कानूनों का गुणगान करता रहा। जब यह संसद में पास होने के बाद कानून बने तो भी हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय मंत्री बनीं रहीं लेकिन जब लोगों में गुस्सा देखा तो मजबूरी में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले दिन से ही केंद्रीय काले कानूनों के खिलाफ डटकर विरोध कर रही है और आगे जारी रहेगा।
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इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा, विपक्ष की उप नेता सरबजीत कौर माणूंके, विधायक कुलतार सिंह संधवां, अमन अरोड़ा, प्रो. बलजिंदर कौर, गुरमीत सिंह मीत हेयर, रूपिन्दर रूबी, जै कृष्ण सिंह रोड़ी, मनजीत सिंह बिलासपुर, कुलवंत सिंह पंडोरी, मास्टर बलदेव सिंह, अमरजीत सिंह संदोआ, जगतार सिंह जग्गा, पार्टी के प्रदेश महासचिव हरचंद सिंह बरसट उपस्थित रहे।