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'आप' से निकाले संस्थापक ने केजरीवाल से पूछे 10 सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 09 Apr 2014 11:19 AM IST
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आम आदमी पार्टी में बागी सुर बुलंद करने के बाद दो पहले निष्कासित किए गए अश्विनी उपाध्याय अब अपने पुराने साथी अरविंद केजरीवाल से 20 सवालों का जवाब मांग रहे हैं।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल व उनके कोर मेंबर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा के आईएएस आफिसर अशोक खेमका ने राबर्ट वाड्रा की जमीन संबंधी डील का खुलासा किया था।
खुद केजरीवाल ने इस मुद्दे को मीडिया में उछाला था। फिर इस डील को आईएएस आफिसर युद्धवीर सिंह खयालिया ने क्लीन चिट दे दी। बाद में पार्टी ने इसी आईएएस आफिसर को हिसार से टिकट दे दिया।
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इससे असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है कि अशोक खेमका ईमानदार हैं या फिर युद्धवीर खयालिया। इसका जवाब केजरीवाल के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उनके सवालों का जवाब नहीं मिला तो वे केजरीवाल को कोर्ट में घसीटेंगे।
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल व उनके कोर मेंबर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा के आईएएस आफिसर अशोक खेमका ने राबर्ट वाड्रा की जमीन संबंधी डील का खुलासा किया था।
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खुद केजरीवाल ने इस मुद्दे को मीडिया में उछाला था। फिर इस डील को आईएएस आफिसर युद्धवीर सिंह खयालिया ने क्लीन चिट दे दी। बाद में पार्टी ने इसी आईएएस आफिसर को हिसार से टिकट दे दिया।
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इससे असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है कि अशोक खेमका ईमानदार हैं या फिर युद्धवीर खयालिया। इसका जवाब केजरीवाल के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उनके सवालों का जवाब नहीं मिला तो वे केजरीवाल को कोर्ट में घसीटेंगे।
एक नजर पूछे गए प्रमुख सवालों पर
1.फोर्ड फाउंडेशन एनजीओ को साल 2013 में 11 हजार करोड़ रुपये की फंडिंग की गई, लेकिन केजरीवाल कभी भी उसकी जांच की बात नहीं करते। फोर्ड फाउंडेशन पार्टी को फंडिंग करती है।
2.दिल्ली जल बोर्ड में 400 करोड़ घोटाले के कागज केजरीवाल के पास थे। वे इस कागजात को मीडिया में लेकर क्यों नहीं आए।
3.पार्टी के संविधान के मुताबिक आप की विभिन्न कमेटियों में परिवार का एक ही सदस्य रह सकता है, लेकिन फोर्ड फाउंडेशन के सभी सदस्यों को क्यों शामिल किया गया।
4. दिल्ली में लोकायुक्त बिल पास है। केजरीवाल सीएम थे। वे जनलोकपाल की ताकते लोकायुक्त बिल में तब्दील कर सकते थे, लेकिन ऐसा उन्होंने नहीं किया।
5. मनीष सिसोदिया की एनजीओ कबीर को अवैध तरीके से लाखों रुपये की फंडिंग हुई, लेकिन उसके बारे में भी जांच की बात नहीं होती।
2.दिल्ली जल बोर्ड में 400 करोड़ घोटाले के कागज केजरीवाल के पास थे। वे इस कागजात को मीडिया में लेकर क्यों नहीं आए।
3.पार्टी के संविधान के मुताबिक आप की विभिन्न कमेटियों में परिवार का एक ही सदस्य रह सकता है, लेकिन फोर्ड फाउंडेशन के सभी सदस्यों को क्यों शामिल किया गया।
4. दिल्ली में लोकायुक्त बिल पास है। केजरीवाल सीएम थे। वे जनलोकपाल की ताकते लोकायुक्त बिल में तब्दील कर सकते थे, लेकिन ऐसा उन्होंने नहीं किया।
5. मनीष सिसोदिया की एनजीओ कबीर को अवैध तरीके से लाखों रुपये की फंडिंग हुई, लेकिन उसके बारे में भी जांच की बात नहीं होती।
ये सवाल भी पूछे गए केजरीवाल से
6. केजरीवाल हमेशा अंबानी व अडानी पर आरोप लगाते हैं, लेकिन वे कभी जिंदल व जीएमआर पर आरोप क्यों नहीं लगाते, जबकि इनके खिलाफ कई जांच एजेंसियों के खिलाफ सुबूत भी हैं।
7. दिल्ली के कई वालंटियरों को हर महीने 20-25 हजार रुपये महीना सैलरी दी जाती है। ये रुपया कहां से आता है?
8.मेधा पाटकर, कमल चेनॉय, सोनी सोरी जैसे नक्सल और माओवादी समर्थकों के टिकट वापस लिए जाएं।
9. आतंकवादियों और अलगाववादियों का समर्थन करने वाले कमाल फारुकी, संदीप पांडे, रजा मुजफ्फर जैसे लोगों को टिकट क्यों दिया गया।
10. पहले से ही तय था कि सिर्फ 70 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा, लेकिन एकाएक बाद में फैसला बदलकर सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया गया।
7. दिल्ली के कई वालंटियरों को हर महीने 20-25 हजार रुपये महीना सैलरी दी जाती है। ये रुपया कहां से आता है?
8.मेधा पाटकर, कमल चेनॉय, सोनी सोरी जैसे नक्सल और माओवादी समर्थकों के टिकट वापस लिए जाएं।
9. आतंकवादियों और अलगाववादियों का समर्थन करने वाले कमाल फारुकी, संदीप पांडे, रजा मुजफ्फर जैसे लोगों को टिकट क्यों दिया गया।
10. पहले से ही तय था कि सिर्फ 70 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा, लेकिन एकाएक बाद में फैसला बदलकर सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया गया।