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Chandigarh News: प्रशासन के खिलाफ आप-कांग्रेस का प्रदर्शन, एसडीएम को सचिवालय जाने से रोका, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

Thu, 19 Oct 2023 02:02 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Oct 2023 02:02 AM IST
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AAP-Congress protest against administration, SDM stopped from going to secretariat, scuffle with police
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति के खिलाफ बुधवार को आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने यूटी सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। एसडीएम की गाड़ी भी रोकी गई। इस सामूहिक प्रदर्शन की घोषणा मंगलवार को हुई नगर निगम सदन की बैठक में मेयर अनूप गुप्ता ने की थी। वह भी प्रदर्शन में पहुंचे लेकिन न तो भाजपा और न ही एक भी मनोनीत पार्षद पहुंचा। सुबह 11 बजे मेयर ने सभी पार्टियों के पार्षदों को कहा था कि वह यूटी सचिवालय पहुंचें। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षद पहुंच गए। करीब आधे घंटे बाद शहर के मेयर अनूप गुप्ता, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंदर पाल मल्होत्रा और वरिष्ठ नेता देवेंद्र बबला के साथ पहुंचे। प्रदर्शन में शहर के कई ऑटो डीलर व उनके कर्मचारी भी पहुंचे थे। मेयर के आने के बाद कांग्रेस पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए यूटी सचिवालय के निकास द्वार पर बैठ गए। कुछ मिनटों बाद आप पार्टी के सभी पार्षदों ने सचिवालय के अंदर घुसने की कोशिश की। नेता प्रतिपक्ष दमनप्रीत सिंह, पार्षद प्रेमलता व अन्य की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की भी हुई। उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया और सचिवालय का लोहे का गेट बंद कर दिया गया। इतनी देर में एसडीएम की गाड़ी अंदर जा रही थी, विरोध जताने के लिए कांग्रेस पार्षद तरुणा मेहता गाड़ी के आगे जमीन पर लेट गईं। गाड़ी को तुरंत पीछे किया गया। अन्य कांग्रेस पार्षद व नेता भी उग्र हो गए और उन्होंने अंदर जाने की कोशिश की। काफी धक्का-मुक्की हुई और पुलिस ने सभी पार्षदों और नेताओं को पीछे धकेल दिया।
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एकजुटता दिखाने के लिए करना था प्रदर्शन, सभी दिखे अलग-थलग
प्रशासन के खिलाफ पार्षदों ने एकजुटता दिखाने के लिए यह प्रदर्शन करने का फैसला लिया था। मेयर ने मंगलवार को कहा था कि सभी को पार्टी लाइन से ऊपर उठकर एक साथ आना होगा लेकिन प्रदर्शन के दौरान कोई भी पार्टी लाइन से ऊपर नहीं उठ पाया। आप-कांग्रेस के भी सभी पार्षद प्रदर्शन में नहीं पहुंचे। दोनों पार्टियों ने प्रदर्शन भी अलग-अलग किया। कांग्रेस ने सचिवालय के निकास द्वार पर नारेबाजी की तो आप ने एंट्री गेट पर। मेयर के आह्वान के बावजूद मेयर के अलावा भाजपा का एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। हालांकि, साथ देने के लिए नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जितेंदर पाल मल्होत्रा, देवेंद्र सिंह बबला पहुंचे थे। इस सवाल पर मेयर ने कहा कि मंगलवार रात प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित से बात हो गई थी। उन्होंने बाइकों के पंजीकरण में 10 फीसदी की राहत दे दी है। उनके आश्वासन से सभी खुश थे। मांगें मान ली गई हैं, इसलिए भाजपा के पार्षद नहीं आए। कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का खुद आना बताता है कि वह सभी व्यापारियों व शहरवासियों की मांगों के साथ हैं।
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गांवों की समस्याएं, हाउसिंग बोर्ड, लाल डोरे को लेकर भी नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान सिर्फ ईवी नीति पर ही नहीं बल्कि आप-कांग्रेस के पार्षदों ने गांवों की समस्याएं, हाउसिंग बोर्ड के नोटिस और लाल डोरे के मुद्दे पर भी नारेबाजी की। पार्षद रामचंदर यादव हाथों में एक पोस्टर लेकर पहुंचे, जिस पर लिखा था कि ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों के 15 करोड़ रुपये जारी किए जाएं ताकि वहां का विकास हो सके। पार्षद तरुणा मेहता ने कहा कि कॉलोनियों में लोगों को मकान मिले 50 साल हो चुके हैं, लेकिन मालिकाना हक नहीं मिला। तीन पीढ़ियां रह रही हैं। अब तुरंत मालिकाना हक देना चाहिए। प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लकी, आप के वरिष्ठ नेता प्रदीप छाबड़ा, कारोबारी एमपीएस चावला समेत अन्य बड़े व्यापारी पहुंचे थे। सभी का कहना था कि प्रशासन की ओर से जारी की गई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लोगों के हित में नहीं है। लोग काफी परेशान हो रहे हैं।
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भाजपा व्यापारियों के साथ खड़ी
प्रशासक ने पंजीकरण के कोटे को बढ़ाने का फैसला ले लिया है। उनसे बात हो गई है। दो दिन में समस्या हल हो जाएगी। भाजपा व्यापारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। अगर वादे अनुसार ऐसा नहीं किया तो हम सब आगे भी खड़े होंगे। - जितेंदर पाल मल्होत्रा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

एसी कमरों में बैठकर तुगलकी फरमान जारी कर देते है अधिकारी
पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को बंद करना बहुत गलत फैसला है। अधिकारी एसी कमरों में बैठकर तुगलकी फरमान जारी कर देते है। धरने पर सभी पार्टी के पार्षदों ने पहुंचना था लेकिन भाजपा के पार्षद ही मेयर के इस धरने का बायकॉट कर गए। मेयर की उनकी पार्टी के पार्षद नहीं सुनते तो अधिकारी क्या सुनेगे। - एचएस लक्की, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

ईवी नीति से हर वर्ग प्रभावित
लोकतंत्र में फैसले थोपे नहीं जा सकते न जबरदस्ती की जा सकती है। प्रशासन को कोई फैसला लागू करने से पहले ग्राउंड वर्क करना चाहिए। ईवी नीति से हर वर्ग प्रभावित है। आम आदमी पार्टी लोगों के मुद्दों को उठाती है इसलिए यूटी सचिवालय से सामने प्रदर्शन किया। गांवों के विकास, ईडब्ल्यूएस कालोनी के मुद्दे पर भी नारेबाजी की गई ताकि अधिकारियों की नींद खुल सके। - प्रदीप छाबड़ा, वरिष्ठ नेता, आप

इस पॉलिसी का कोई लॉजिक नहीं
प्रशासन के इस फैसले से 25000 लोग बुरी तरह से प्रभावित हैं। पूरे देश में कहीं भी गाड़ियों पर कैपिंग नहीं है। शहर को ईवी मॉडल सिटी बनाना एक अच्छी सोच है लेकिन पंजाब, हरियाणा, हिमाचल से रोजाना लाखों गाड़ियां आती हैं, उनका क्या। इस पॉलिसी का कोई लॉजिक नहीं है। यह फरमान लोगों के खिलाफ है। - मनीष बंसल, कारोबारी


बहुत तकलीफ में है आम आदमी
हमें प्रशासक से काफी उम्मीदें हैं। बाइकों का पंजीकरण चंडीगढ़ में बंद है। लोग मोहाली-पंचकूला जाने को मजबूर हैं। आम आदमी बहुत तकलीफ में है। अगर किसी का बजट 8 लाख है तो उसे 15 लाख की गाड़ी लेने के लिए मजबूर कैसे किया जा सकता है।
- करण गिल्होत्रा, व्यापारी
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