मंत्री आशु के खिलाफ आप ने किया प्रदर्शन, हरपाल चीमा समेत कई नेता लिए गए हिरासत में
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ग्रैंड मैनर होम्स मामले में कांग्रेस मंत्री भारत भूषण आशु को मंत्रिमंडल से बाहर करने के लिए विपक्षी पार्टी एकजुट होकर हमले कर रही हैं। कुछ दिन पहले विधायक सुखपाल खैरा पार्टी नेताओं के साथ लुधियाना में आशु के घर का घेराव करने पहुंच थे। वहीं मंगलवार को आम आदमी पार्टी विधायक हरपाल चीमा और सर्वजीत कौर माणूके कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री आशु के घर का घेराव करने पहुंचे।
इसकी भनक लगते ही पुलिस ने पहले मंत्री के घर के आस-पास सुरक्षा कड़ी कर दी। वहीं मेयर बलकार संधू भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों नेताओं को पूरे मामले की जानकारी देते कहा कि इसकी अभी जांच चल रही है। इसलिए वह लोकसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक रंग देने की कोशिश न करें। आखिरकार पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लेकर डिविजन नंबर 5 में ले गए। आप नेता थाने के अंदर धरने पर बैठ गए। शाम लगभग 5 बजे सभी नेताओं को छोड़ दिया गया।
आप विधायक और विधानसभा में विपक्ष के नेता हरपाल चीमा ने कहा कि कैप्टन को चाहिए कि वह तुरंत अपने मंत्री को बाहर का रास्ता दिखाए, क्योंकि वह अपने पद पर रहते हुए जांच को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले को सामने आए कई दिन बीत चुके हैं। अभी तक इसकी जांच शुरू नहीं हो सकी है।
इससे साफ है कि सरकार अपने मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है। वहीं विधायक सर्वजीत माणूके ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी पार्टी इस तरह अपना प्रदर्शन जारी रखेगी। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जल्द आशु को मंत्रिमंडल से बाहर नहीं किया तो अगला धरना सीएम आवास के बाहर होगा।
विधानसभा कमेटी गठित फिर धरना क्यों?
पत्नी पार्षद ममता आशु ने धरना देने पहुंचे आप नेताओं पर पलटवार करते कहा कि यह लोग बताए कि सीएलयू में मंत्री आशु का क्या लेना देना है। विधानसभा में उन्होंने खुद जांच करने की मांग की थी। इसके बाद एक कमेटी का गठन हो चुका है। सवाल यही है कि आखिरकार अब यह धरना देने कैसे आ रहे है। क्या यह विधानसभा कमेटी से ऊपर है।