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पंजाब विसः बजट सत्र के आखिरी दिन पास हुए कई विधेयक, बिजली के रेट पर 'आप' का बड़ा दावा...
Thu, 05 Mar 2020 09:34 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 05 Mar 2020 09:34 AM IST
सार
- आप ने बिजली पर जारी किया व्हाइट पेपर और विजन डाक्यूमेंट।
- आरोप- कैप्टन ने बादलों की तरह निजी कंपनियों को दिया संरक्षण।
- बिजली के मुद्दे पर सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन, वॉकआउट।
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प्रदर्शन करते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आम आदमी पार्टी ने महंगी बिजली के मुद्दे पर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को 17 पन्नों का एक श्वेत पत्र और दूरदर्शी दस्तावेज (विजन डाक्यूमेंट) जारी किया। पार्टी का दावा है कि इसमें पंजाब सरकार, बिजली विभाग और निजी बिजली कंपनियों के बारे में तथ्यों के साथ पोल खोली गई है। यह दस्तावेज आप विधायक अमन अरोड़ा द्वारा तैयार किया गया है।
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बुधवार को बजट सत्र के अंतिम दिन आप नेताओं ने पहले सदन के बाहर दिया जलाकर कैप्टन अमरिन्दर सिंह और सुखबीर सिंह बादल पर बिजली माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। इसके बाद सदन में बिजली के मुद्दे पर आप के काम रोको प्रस्ताव को रद्द किए जाने के विरोध में आप विधायकों ने हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में नारेबाजी की और रोष प्रकट करते हुए वॉकआउट किया।
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इस दौरान अमन अरोड़ा ने सदन में श्वेत पत्र और विजन डाक्यूमेंट लहराते हुए कहा कि कैप्टन तो बिजली के मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी नहीं कर सके, आम आदमी पार्टी कर रही है, जिसमें न सिर्फ बिजली माफिया की लूट की पोल खोली गई है, बल्कि भविष्य का ‘रोड मैप’ भी दिखाया गया है।
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इसके बाद विधानसभा की प्रेस गैलरी में मीडिया के समक्ष व्हाइट पेपर जारी करते हुए अमन अरोड़ा ने दावा किया कि यदि पंजाब सरकार निजी बिजली कंपनियों के साथ किए घातक बिजली खरीद समझौते रद्द कर दे तो पंजाब में लोगों को प्रति यूनिट 4 रुपये तक सस्ती बिजली मिल सकती है। अरोड़ा ने कहा कि राजपुरा, तलवंडी साबो और गोइन्दवाल थर्मल प्लाटों के साथ बिना बिजली लिए जो 3513 करोड़ रुपए सालाना 25 सालों के लिए फिक्सड चार्ज तय किया गया, वह पंजाब और पंजाबियों को 87,825 करोड़ का पड़ रहा है।
अमन ने कहा कि यदि गुजरात की तर्ज पर भी समझौते किए होते तो यह प्राइवेट थर्मल पंजाब पर इस कदर भारी न पड़ते। इनके अलावा कोल-वाश के 2800 करोड़ रुपये बकाया के बिना प्रति साल 500 करोड़ रुपये के साथ 20 सालों में 10,000 करोड़ की चपत अलग है।
अरोड़ा ने कहा कि प्राइवेट थर्मल प्लांट सरकारी थर्मल प्लांट की कीमत पर पाले जा रहे हैं। वर्ष 2010-11 में बिजली पूर्ति के लिए सरकार के अपने थर्मल प्लांटो पर निर्भरता 59.59 प्रतिशत थी, जो 2018-19 में घट कर केवल 15.21 प्रतिशत रह गई है जबकि प्राइवेट थर्मलों पर यह मात्रा 34.5 प्रतिशत से अधिक कर 83.73 प्रतिशत हो गई है, जो बेहद घातक रुझान है।
निजी मेडिकल कॉलेजों में अब एक समान होगी फीस
पंजाब विधानसभा ने बुधवार को बजट सत्र के अंतिम दिन दि पंजाब प्राइवेट हेल्थ साइंसेज एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (रेगुलेशन आफ एडमीशन, फिक्सेशन आफ फी एंड मेकिंग आफ रिजर्वेशन) संशोधन बिल 2020 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। बिल का उद्देश्य. राज्य में सभी निजी स्वस्थ्य संस्थानों, युनिवर्सिटियां जो पंजाब प्राइवेट हेल्थ साइंसेज एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (रेगुलेशन आफ एडमीशन, फिक्सेशन आफ फी एंड मेकिंग आफ रिजर्वेशन) बिल 2006 के तहत फीस, दाखिले और आरक्षण निर्धारित करते हैं, में एकरुपता लाना है।
इस संशोधन बिल के पारित हो जाने के बाद राज्य सरकार इन सभी संस्थाओं को एक समान कानून के तहत ला सकेगी और फीस निर्धारण, सीटों की रिजर्वेशन और दाखिले के संबंध में एक समानता ला सकेंगी। सदन में बिल पर चर्चा में हिस्से लेते हुए लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने प्रदेश की उन स्वायत्तशासी संस्थाओं का उल्लेख भी किया, जो अब तक अपने ढंग से फीस, सीटों का रिजर्वेशन आदि करती हैं। उन्होंने लुधियाना की दो युनिवर्सिटियों और अन्य यूनिवर्सिटियों की फीसों का उल्लेख करते हुए उनके बीच अंतर की सदन को जानकारी दी।
पंजाब झोपड़पट्टी निवासी (मालिकाना हक) बिल समेत तीन अन्य बिल मंजूर विधानसभा में बुधवार को पंजाब झोपड़पट्टी निवासी (मालिकाना हक) बिल, 2020 के अलावा दि पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर आफ म्युनिसिपल प्रापर्टीज बिल, 2020 और दि पंजाब फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट (संशोधन) बिल 2020 को भी ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई।
इस संशोधन बिल के पारित हो जाने के बाद राज्य सरकार इन सभी संस्थाओं को एक समान कानून के तहत ला सकेगी और फीस निर्धारण, सीटों की रिजर्वेशन और दाखिले के संबंध में एक समानता ला सकेंगी। सदन में बिल पर चर्चा में हिस्से लेते हुए लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने प्रदेश की उन स्वायत्तशासी संस्थाओं का उल्लेख भी किया, जो अब तक अपने ढंग से फीस, सीटों का रिजर्वेशन आदि करती हैं। उन्होंने लुधियाना की दो युनिवर्सिटियों और अन्य यूनिवर्सिटियों की फीसों का उल्लेख करते हुए उनके बीच अंतर की सदन को जानकारी दी।
पंजाब झोपड़पट्टी निवासी (मालिकाना हक) बिल समेत तीन अन्य बिल मंजूर विधानसभा में बुधवार को पंजाब झोपड़पट्टी निवासी (मालिकाना हक) बिल, 2020 के अलावा दि पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर आफ म्युनिसिपल प्रापर्टीज बिल, 2020 और दि पंजाब फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट (संशोधन) बिल 2020 को भी ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई।
पंजाब जेल विकास बोर्ड 2020 बिल को मंजूरी
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार को सदन में सरकार की ओर से पंजाब जेल विकास बोर्ड बिल, 2020 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इस बिल पर सदन में बहस के दौरान जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह ने माना कि सूबे की जेलों में कैदियों को दिया जा रहा खाना काफी खराब है और कैदियों के लिए अन्य सुविधाओं में भी सुधार की व्यापक जरूरत है।
इस बिल पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब की जेलों में कुछ लोगों को साम्राज्य चल रहा है। जब भी चेकिंग के लिए मंत्री या कोई जज वहां जाते हैं तो जेल के अंदर विभाग द्वारा कुछ चहेतों को आगे कर दिया जाता है जो चेकिंग करने आने वालों को बताते हैं कि जेल के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है। उन्होंने कहा कि जेल में एचआईवी के मरीजों की संख्या इसलिए बढ़ रही है क्योंकि जो कैदी नशा करते हैं उन्हें 500 रुपये में सीरिंज मिलती है और वे एक ही सिरिंज का कई-कई बार इस्तेमाल करते हैं और एचआईवी का शिकार हो जाते है।
उन्होंने जेलों की कैंटीन में धांधली का मुद्दा भी उठाया। बैंस ने कहा कि जेलों के अंदर प्रति कैदी के खाने पर जितना खर्च दिखाया जाता है, उतने पैसे में एक अच्छे ढाबे पर पौष्टिक खाना मिल जाता है। इसके अलावा जेल के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं का मुद्दा उठाते हुए बैंस ने कहा कि जब तक कैदी के बीमार होने की सूचना जेल स्टाफ को मिलती है 15 से 20 मिनट गुजर जाते है। बैंस ने कहा कि अकसर जेलों के अंदर से मोबाइल फोन मिलने की घटनाएं सामने आती हे। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर जेलों में पीसीओ की संख्या को बढा दी जाए तो ऐसी घटनाएं कम हो जाएंगी।
इस पर जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि जेल में कैदियों के नेक्सस को तोड़ने के लिए विभाग ने उचित कदम उठाए हैं।
उन्होंने सदन में यह बात स्वीकार की कि जेलों में अच्छा खाना नहीं दिया जा रहा, जिसके बारे में जेल मंत्री ने खुद औचक निरीक्षण के दौरान मामले पकड़े हैं। उन्होंने बताया कि वे एक जेल में सुबह 7 बजे पहुंचे तो वहां कैदियों के लिए बना खाना खाकर देखा, जो बिल्कुल खाने लायक नहीं था। जेल मंत्री ने कहा कि उन्होंने वह खाना जेल सुपरिटेंडेंट को भी खाने को कहा। उन्होंने जेल में पीसीओ के मुद्दे पर कहा कि पहले कैदियों को पीसीओ के जरिए दो मिनट बात करने की इजाजत थी, जिसे बढाकर 15 मिनट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जेलों में पीसीओ की संख्या बढ़ाते हुए प्रत्येक बैरक के बाहर दो पीसीओ लगाने का फैसला किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जेल की चेकिंग के दौरान वे उन लोगों से बात नहीं करते जिन्हें उनसे सामने खड़ा किया जाता है बल्कि उस अंतिम व्यकित से सारा हाल पूछते हैं, जो बिल्कुल अंत में चुपचाप बैठा दिखाई देता है। जेल मंत्री ने कहा कि जेल विकास बोर्ड बनने से जेलों के सुधार के लिए 90 लाख रुपये मिलेंगे।
इस बिल पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब की जेलों में कुछ लोगों को साम्राज्य चल रहा है। जब भी चेकिंग के लिए मंत्री या कोई जज वहां जाते हैं तो जेल के अंदर विभाग द्वारा कुछ चहेतों को आगे कर दिया जाता है जो चेकिंग करने आने वालों को बताते हैं कि जेल के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है। उन्होंने कहा कि जेल में एचआईवी के मरीजों की संख्या इसलिए बढ़ रही है क्योंकि जो कैदी नशा करते हैं उन्हें 500 रुपये में सीरिंज मिलती है और वे एक ही सिरिंज का कई-कई बार इस्तेमाल करते हैं और एचआईवी का शिकार हो जाते है।
उन्होंने जेलों की कैंटीन में धांधली का मुद्दा भी उठाया। बैंस ने कहा कि जेलों के अंदर प्रति कैदी के खाने पर जितना खर्च दिखाया जाता है, उतने पैसे में एक अच्छे ढाबे पर पौष्टिक खाना मिल जाता है। इसके अलावा जेल के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं का मुद्दा उठाते हुए बैंस ने कहा कि जब तक कैदी के बीमार होने की सूचना जेल स्टाफ को मिलती है 15 से 20 मिनट गुजर जाते है। बैंस ने कहा कि अकसर जेलों के अंदर से मोबाइल फोन मिलने की घटनाएं सामने आती हे। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर जेलों में पीसीओ की संख्या को बढा दी जाए तो ऐसी घटनाएं कम हो जाएंगी।
इस पर जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि जेल में कैदियों के नेक्सस को तोड़ने के लिए विभाग ने उचित कदम उठाए हैं।
उन्होंने सदन में यह बात स्वीकार की कि जेलों में अच्छा खाना नहीं दिया जा रहा, जिसके बारे में जेल मंत्री ने खुद औचक निरीक्षण के दौरान मामले पकड़े हैं। उन्होंने बताया कि वे एक जेल में सुबह 7 बजे पहुंचे तो वहां कैदियों के लिए बना खाना खाकर देखा, जो बिल्कुल खाने लायक नहीं था। जेल मंत्री ने कहा कि उन्होंने वह खाना जेल सुपरिटेंडेंट को भी खाने को कहा। उन्होंने जेल में पीसीओ के मुद्दे पर कहा कि पहले कैदियों को पीसीओ के जरिए दो मिनट बात करने की इजाजत थी, जिसे बढाकर 15 मिनट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जेलों में पीसीओ की संख्या बढ़ाते हुए प्रत्येक बैरक के बाहर दो पीसीओ लगाने का फैसला किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जेल की चेकिंग के दौरान वे उन लोगों से बात नहीं करते जिन्हें उनसे सामने खड़ा किया जाता है बल्कि उस अंतिम व्यकित से सारा हाल पूछते हैं, जो बिल्कुल अंत में चुपचाप बैठा दिखाई देता है। जेल मंत्री ने कहा कि जेल विकास बोर्ड बनने से जेलों के सुधार के लिए 90 लाख रुपये मिलेंगे।
बजट सत्र में प्रश्नकाल और दिलचस्प जवाब
चीनी, चाय पत्ती और घी का वितरण अगले सीजन से : आशु
पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु ने बुधवार को पंजाब विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि पंजाब सरकार द्वारा चीनी, चाय पत्ती और घी का वितरण अगले सीजन से शुरू कर दिया जाएगा। आशु ने बताया कि कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान किये गए चुनावी वादों को पूरा करने के लिए वचनबद्ध है और इस कार्य के लिए पंजाब सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए पेश किए गए बजट में इस कार्य के लिए राशि का उपबंध किया गया है।
आशु ने यह भी बताया कि पिछली सरकार के दौरान आटा-दाल स्कीम के लिए जिन लाभपात्रियों की पहचान की गई थी, उनमें से कुछ ऐसे लोग लाभपात्री बन गए थे, जो कि सरकार की इस स्कीम के लिए तय शर्तों को पूरा नहीं करते थे। इस कारण सरकार द्वारा लाभपात्रियों की पहचान करवाई गई है और यदि इस पहचान मुहिम के दौरान यदि किसी योग्य लाभपात्री का नाम लाभपात्रियों की सूची में से काटा गया है तो वह दोबारा इस स्कीम का लाभ लेने के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
पायल में डेंगू के 104 केस पाजिटिव
सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि पायल हलके में डेंगू के 197 संदिग्ध मरीजों में से 104 केस पॉजिटिव पाए गए हैं। इलाके में डेंगू की रोकथाम के लिए 71 गांवों में 27413 घरों में सेहत विभाग की टीमों ने जांच की, जिनमें 272 घरों में डेंगू के मच्छर पनपने की पुष्टि हुई और मच्छरों की ब्रीडिंग को नष्ट किया गया। वर्ष 2019 के दौरान पायल हलके के कुछ गांवों में डेंगू के संदिग्ध मरीज भी सामने आए। गांव घलोटी में संदिग्ध मरीज सामने आने पर वहां के 815 घरों में सर्वे किया गया, जिनमें से 30 घरों में मच्छर का लारवा मिला। अगर फागिंग या सप्रे की जरूरत होगी, तो गांवों में ग्रामीण विकास विभाग और शहरी इलाकों में स्थानीय सरकार विभाग के तालमेल किया जाएगा।
पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु ने बुधवार को पंजाब विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि पंजाब सरकार द्वारा चीनी, चाय पत्ती और घी का वितरण अगले सीजन से शुरू कर दिया जाएगा। आशु ने बताया कि कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान किये गए चुनावी वादों को पूरा करने के लिए वचनबद्ध है और इस कार्य के लिए पंजाब सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए पेश किए गए बजट में इस कार्य के लिए राशि का उपबंध किया गया है।
आशु ने यह भी बताया कि पिछली सरकार के दौरान आटा-दाल स्कीम के लिए जिन लाभपात्रियों की पहचान की गई थी, उनमें से कुछ ऐसे लोग लाभपात्री बन गए थे, जो कि सरकार की इस स्कीम के लिए तय शर्तों को पूरा नहीं करते थे। इस कारण सरकार द्वारा लाभपात्रियों की पहचान करवाई गई है और यदि इस पहचान मुहिम के दौरान यदि किसी योग्य लाभपात्री का नाम लाभपात्रियों की सूची में से काटा गया है तो वह दोबारा इस स्कीम का लाभ लेने के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
पायल में डेंगू के 104 केस पाजिटिव
सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि पायल हलके में डेंगू के 197 संदिग्ध मरीजों में से 104 केस पॉजिटिव पाए गए हैं। इलाके में डेंगू की रोकथाम के लिए 71 गांवों में 27413 घरों में सेहत विभाग की टीमों ने जांच की, जिनमें 272 घरों में डेंगू के मच्छर पनपने की पुष्टि हुई और मच्छरों की ब्रीडिंग को नष्ट किया गया। वर्ष 2019 के दौरान पायल हलके के कुछ गांवों में डेंगू के संदिग्ध मरीज भी सामने आए। गांव घलोटी में संदिग्ध मरीज सामने आने पर वहां के 815 घरों में सर्वे किया गया, जिनमें से 30 घरों में मच्छर का लारवा मिला। अगर फागिंग या सप्रे की जरूरत होगी, तो गांवों में ग्रामीण विकास विभाग और शहरी इलाकों में स्थानीय सरकार विभाग के तालमेल किया जाएगा।
बुढ़ापा पेंशन 1500 रुपये मासिक करने पर विचार
सामाजिक सुरक्षा मंत्री अरुणा चौधरी ने सदन में बताया कि सरकार द्वारा बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग कल्याण स्कीम के तहत जुलाई 2017 से पेंशन राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 750 रुपये कर दी गई है। विधायक पवन कुमार टीनू और बलदेव सिंह खैरा ने जानना चाहा था कि 750 रुपये मासिक की पेंशन राशि को क्या सरकार 2500 रुपये करने के किसी प्रस्ताव पर विचार कर रही है? इसके जवाब में अरुणा चौधरी ने कहा कि 750 रुपये मासिक पेंशन राशि को 1500 रुपये करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है।
नालों की 309 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे
राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने बताया कि राज्य में बहते नाले का मालिकाना हक ड्रेनेज विभाग, पंचायत विभाग और कहीं-कहीं निजी मिल्कियत में है। कांगड़ ने कहा कि नालों की 309 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे हुए हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मामले लंबित हैं।
गांव के छप्परों की सफाई के लिए नई योजना
पंचायत विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने सदन में बताया कि राज्य सरकार द्वारा तरल वेस्ट प्रबंध नामक एक नई योजना शुरू की गई है, जिसके तहत गांवों के छप्परों और गंदे पानी के निकास का काम किया जाएगा। नई योजना के तहत वर्ष 2019-20 के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
नालों की 309 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे
राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने बताया कि राज्य में बहते नाले का मालिकाना हक ड्रेनेज विभाग, पंचायत विभाग और कहीं-कहीं निजी मिल्कियत में है। कांगड़ ने कहा कि नालों की 309 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे हुए हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मामले लंबित हैं।
गांव के छप्परों की सफाई के लिए नई योजना
पंचायत विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने सदन में बताया कि राज्य सरकार द्वारा तरल वेस्ट प्रबंध नामक एक नई योजना शुरू की गई है, जिसके तहत गांवों के छप्परों और गंदे पानी के निकास का काम किया जाएगा। नई योजना के तहत वर्ष 2019-20 के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
परगट सिंह ने अपनी ही पार्टी की सरकार को सदन में घेर लिया
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार को कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने शून्य काल के दौरान अपनी ही पार्टी की सरकार को सदन में घेर लिया। उन्होंने राज्य में निजी थर्मल प्लाटों का मामला उठाते हुए कहा कि सरकार कभी तो अफसरों की कमेटी बना देती है और कभी व्हाइट पेपर लाने की बात करती है। अब तक निजी थर्मल प्लांटों के बारे में कुछ भी नहीं किया गया है।
परगट सिंह ने सदन में किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि यही कारण है कि आज नेताओं की कोई फेस वैल्यू नहीं रह गई है। उन्होंने बहिबल कलां कांड का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इस मामले में चार साल से अब तक चार्ज ही फ्रेम नहीं हो सके हैं। परगट ने स्पीकर से आग्रह किया कि वे ही इसका कुछ हल निकालें। उन्होंने स्पीकर से कहा कि इस मामले में एक कमेटी का गठन कर दें ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
आप ने उठाए रेत, इंटरलॉक टाइल्स माफिया और आंगनबाड़ी वर्करों के मुद्दे
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार को आम आदमी पार्टी के विधायकों ने शून्य काल के दौरान रेत माफिया, इंटरलॉक टाइल्स माफिया, आईलेटस फीसें, आंगनबाड़ी वर्करों और फर्जी व डमी दाखिलों संबंधी मुद्दे सदन में उठाए।विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार एक तरफ खजाना खाली बताती है, तो दूसरी तरफ खजाना भरने वाले स्रोतों को माफिया के हवाले कर रखा है। चीमा ने रोपड़ जिले की सवाड़ा, बेईहारा और हर्षा बेला खड्ढों के लिए ठेकेदारों से वसूली जाने वाली 632 करोड़ की रिकवरी पिछले 2 सालों से वसूल नहीं रही।
चीमा ने सड़क और गलियां पक्की करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इंटरलॉक टाइल्सों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक अन्य नई किस्म का ‘इंटरलॉक टाइल्स माफिया’ सरकारी खजाने को लूट रहा है। उन्होंने कहा कि एक इंटरलॉक टाइल्स की कीमत पांच रुपये बनती है जबकि 13 रुपये तक दी जा रही है। चीमा ने इसमें विधायकों और अफसरों की मिलीभगत को बताया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में उतनी आईएसआई मार्क वाली टाइल्स फैक्टरियां नहीं हैं, जितनी पंजाब में हैं। इनमें विधायकों व उनके साथियों की बड़ी गिनती हैं।
नेहाल सिंह वाला से विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर ने आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों के मेहनताने का मुद्दा उठाते हुए बताया कि पंजाब सरकार सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को पिछले अक्तूबर से मेहनताना नहीं दे रही, जो तुरंत दिया जाना चाहिए। जगरावां से विधायक सरबजीत कौर माणुके ने फिरोजपुर के प्राइवेट गुरु नानक कालेज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केवल तीन एकड़ के इस कालेज में करीब 5600 विद्यार्थी दाखिल हैं जबकि 100 एकड़ में बनी पंजाब यूनिवर्सिटी में 4600 विद्यार्थी हैं। उन्होंने जांच की मांग करते हुए कहा कि यह दाखिले फर्जी हैं और विद्यार्थियों के साथ धोखा हो रहा है।
परगट सिंह ने सदन में किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि यही कारण है कि आज नेताओं की कोई फेस वैल्यू नहीं रह गई है। उन्होंने बहिबल कलां कांड का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इस मामले में चार साल से अब तक चार्ज ही फ्रेम नहीं हो सके हैं। परगट ने स्पीकर से आग्रह किया कि वे ही इसका कुछ हल निकालें। उन्होंने स्पीकर से कहा कि इस मामले में एक कमेटी का गठन कर दें ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
आप ने उठाए रेत, इंटरलॉक टाइल्स माफिया और आंगनबाड़ी वर्करों के मुद्दे
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार को आम आदमी पार्टी के विधायकों ने शून्य काल के दौरान रेत माफिया, इंटरलॉक टाइल्स माफिया, आईलेटस फीसें, आंगनबाड़ी वर्करों और फर्जी व डमी दाखिलों संबंधी मुद्दे सदन में उठाए।विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार एक तरफ खजाना खाली बताती है, तो दूसरी तरफ खजाना भरने वाले स्रोतों को माफिया के हवाले कर रखा है। चीमा ने रोपड़ जिले की सवाड़ा, बेईहारा और हर्षा बेला खड्ढों के लिए ठेकेदारों से वसूली जाने वाली 632 करोड़ की रिकवरी पिछले 2 सालों से वसूल नहीं रही।
चीमा ने सड़क और गलियां पक्की करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इंटरलॉक टाइल्सों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक अन्य नई किस्म का ‘इंटरलॉक टाइल्स माफिया’ सरकारी खजाने को लूट रहा है। उन्होंने कहा कि एक इंटरलॉक टाइल्स की कीमत पांच रुपये बनती है जबकि 13 रुपये तक दी जा रही है। चीमा ने इसमें विधायकों और अफसरों की मिलीभगत को बताया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में उतनी आईएसआई मार्क वाली टाइल्स फैक्टरियां नहीं हैं, जितनी पंजाब में हैं। इनमें विधायकों व उनके साथियों की बड़ी गिनती हैं।
नेहाल सिंह वाला से विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर ने आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों के मेहनताने का मुद्दा उठाते हुए बताया कि पंजाब सरकार सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को पिछले अक्तूबर से मेहनताना नहीं दे रही, जो तुरंत दिया जाना चाहिए। जगरावां से विधायक सरबजीत कौर माणुके ने फिरोजपुर के प्राइवेट गुरु नानक कालेज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केवल तीन एकड़ के इस कालेज में करीब 5600 विद्यार्थी दाखिल हैं जबकि 100 एकड़ में बनी पंजाब यूनिवर्सिटी में 4600 विद्यार्थी हैं। उन्होंने जांच की मांग करते हुए कहा कि यह दाखिले फर्जी हैं और विद्यार्थियों के साथ धोखा हो रहा है।
घग्गर में अंबाला, जीरकपुर, डेराबस्सी डाल रहे औद्योगिक कचरा
पंजाब विधानसभा में बुधवार को अकाली दल के हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा द्वारा घग्गर नदी में अंबाला, जीरकपुर और डेराबस्सी के उद्योगों द्वारा औद्योगिक कचरा डाले जाने के मुद्दा उठाया गया। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिये यह मुद्दा उठाते हुए चंदूमाजरा ने कहा कि घग्गर नदी में गिराया जा रहा विषैला कचरा जमीन के पानी में मिलता जा रहा है और इसके किनारे के इलाकों में लोगों को कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सन्नौर हलके में घग्गर के गंदे पानी के कारण खतरनाक बीमारियां फैल रही हैं।
इस प्रस्ताव पर जवाब देते हुए पंजाब के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर जागरूक है और इसके लिए 48 एसटीपी लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 22 अब तक लगाए जा चुके हैं। इस पर चंदूमाजरा ने कहा कि एसटीपी सीवरेज के पानी को घग्गर में जाने से रोकेंगे लेकिन यह औद्योगिक कचरे को नहीं रोक सकेंगे, जोकि हरियाणा से घग्गर नदीं में आ रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस बारे में केंद्र सरकार के जरिए सख्त कदम उठाए। साथ हरियाणा सरकार से भी इस मुद्दे को उठाया जाए। जबाव में मंत्री तृप्त बाजवा ने कहा कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मामले को अच्छी तरह देख रहा है, फिर भी एक कमेटी बनाकर इस पर विचार किया जा सकता है।
महिलपुर में इसी साल बनेगा स्टेडियम
गढ़शंकर से आप विधायक जै कृष्ण सिंह रोड़ी की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह ने भरोसा दिया कि माहलपुर से खेल स्टेडियम इस साल के अंदर मुकम्मल हो जाएगा। रोड़ी ने कहा कि माहलपुर इलाके को फुटबाल की नर्सरी कहा जाता है। यहां सरकारी स्कूल में फुटबाल अकादमी चल रही है, जिसने ओलम्पियन जरनैल सिंह और अन्य कई प्रसिद्ध खिलाड़ी देश को दिए हैं, लेकिन बीते 29 फरवरी 2020 को जो अंडर-19 ट्रायल रखे गए थे, उनमें माहलपुर का जिक्र तक नहीं है।
इस कारण खिलाड़ियों में रोष है। अकादमी के योगदान के मद्देनजर इसके खिलाड़ियों को भी अंडर-19 की सूची में शामिल किया जाए। खेल मंत्री ने कहा कि इन ट्रायलों में माहलपुर के भी 10 खिलाड़ी शामिल किऐ गए हैं। खेल स्टेडियम के बारे में खेल मंत्री ने भरोसा दिया कि इसके लिए 1.96 करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं और इसी साल यह स्टेडियम मुकम्मल हो जाएगा।
इस प्रस्ताव पर जवाब देते हुए पंजाब के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर जागरूक है और इसके लिए 48 एसटीपी लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 22 अब तक लगाए जा चुके हैं। इस पर चंदूमाजरा ने कहा कि एसटीपी सीवरेज के पानी को घग्गर में जाने से रोकेंगे लेकिन यह औद्योगिक कचरे को नहीं रोक सकेंगे, जोकि हरियाणा से घग्गर नदीं में आ रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस बारे में केंद्र सरकार के जरिए सख्त कदम उठाए। साथ हरियाणा सरकार से भी इस मुद्दे को उठाया जाए। जबाव में मंत्री तृप्त बाजवा ने कहा कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मामले को अच्छी तरह देख रहा है, फिर भी एक कमेटी बनाकर इस पर विचार किया जा सकता है।
महिलपुर में इसी साल बनेगा स्टेडियम
गढ़शंकर से आप विधायक जै कृष्ण सिंह रोड़ी की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह ने भरोसा दिया कि माहलपुर से खेल स्टेडियम इस साल के अंदर मुकम्मल हो जाएगा। रोड़ी ने कहा कि माहलपुर इलाके को फुटबाल की नर्सरी कहा जाता है। यहां सरकारी स्कूल में फुटबाल अकादमी चल रही है, जिसने ओलम्पियन जरनैल सिंह और अन्य कई प्रसिद्ध खिलाड़ी देश को दिए हैं, लेकिन बीते 29 फरवरी 2020 को जो अंडर-19 ट्रायल रखे गए थे, उनमें माहलपुर का जिक्र तक नहीं है।
इस कारण खिलाड़ियों में रोष है। अकादमी के योगदान के मद्देनजर इसके खिलाड़ियों को भी अंडर-19 की सूची में शामिल किया जाए। खेल मंत्री ने कहा कि इन ट्रायलों में माहलपुर के भी 10 खिलाड़ी शामिल किऐ गए हैं। खेल स्टेडियम के बारे में खेल मंत्री ने भरोसा दिया कि इसके लिए 1.96 करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं और इसी साल यह स्टेडियम मुकम्मल हो जाएगा।