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बच्चों को ऑनलाइन और ऑफलाइन एक साथ पढ़ाया, टीचर ने कमाल कर दिखाया  

Thu, 31 Dec 2020 12:52 PM IST
निवेदिता वर्मा कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 31 Dec 2020 12:52 PM IST
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A Teacher of Chandigarh found a unique way to teach children online and offline
बच्चों को ऑनलाइन और ऑफलाइन एक साथ पढ़ातीं सोनिका गोयल। - फोटो : अमर उजाला

आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है। इस कहावत को चंडीगढ़ की रहने वाली विज्ञान की शिक्षिका सोनिका गोयल ने सही साबित कर दिखाया है। उन्होंने एक साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन बच्चों को पढ़ाने का नायाब तरीका ढूंढ निकाला।

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कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन पढ़ाने के निर्देश जारी हुए थे। जीएमएसएसएस धनास की शिक्षिका सोनिका ने बताया कि उस दौरान घर से ही ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाती थीं। नवंबर में जब रेगुलर कक्षाएं शुरू हुई तो आधे विद्यार्थी स्कूल में आने लगे जबकि आधे विद्यार्थियों को ऑनलाइन के माध्यम से घर पर ही पढ़ाना था। इससे समय काफी खर्च हो रहा था। पहले कक्षा में पढ़ाओ और फिर ऑनलाइन। 
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सोनिका ने दोनों को एक साथ पढ़ाने के बारे में सोचा। इसके लिए उन्होंने कक्षा में पढ़ाते वक्त मोबाइल को ब्लैकबोर्ड के सामने रखकर घर पर बैठे विद्यार्थियों को जोड़ लिया, लेकिन इसमें काफी दिक्कत आती थी। ब्लैक बोर्ड में जो ग्राफिक्स बनाया जाता था, उसे घर बैठे विद्यार्थियों को समझाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। बार-बार मोबाइल को जूम इन तो कभी जूम आउट करना पड़ता था। 


सोनिका को कुछ समझ में नहीं आ रहा था क्या किया जाए। बाद में उन्हें एक आइडिया आया। उन्होंने सोचा कि कई लोग सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए ट्राइपॉड का इस्तेमाल करते हैं। वे उसे बाजार से खरीद लाईं और ट्राइपॉड पर मोबाइल फिटकर पहले शिक्षकों को जोड़कर प्रैक्टिस की। इस दौरान ऑनलाइन जुड़ने वाले शिक्षकों और दोस्तों से ब्लैकबोर्ड पर लेखनी और चित्रों की क्लैरिटी और फोकस पर फीडबैक लिया। इसके साथ ही बोलकर पढ़ाने पर आवाज कैसे सुनाई दे रही है धीरे बोलना है, तेज बोलना है इत्यादि चीजों की जांच की। सोनिका का प्रयोग सफल रहा और धीरे-धीरे उन्होंने महारत हासिल कर ली।

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अब दूसरे टीचर ले रहे हैं ट्रेनिंग
सोनिका गोयल ने बताया कि डीईओ ने भी स्कूल का दौरा कर ड्यूल टीचिंग का नमूना देखा। वे काफी प्रभावित हुईं और अन्य स्कूल के टीचरों को इस प्रयोग देखने और सीखने को कहा है। धनास स्कूल के आधे से ज्यादा शिक्षक ट्रेनिंग लेकर सीख चुके हैं। सोनिका का कहना है कि इससे समय तो बचता है साथ ही एक नई तकनीक सीखने से आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने बताया कि स्कूल प्राचार्य सीमा ने उन्हें ऑनलाइन पढ़ाने के लिए काफी प्रेरित किया।

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