{"_id":"65e9c5fff0d57773890b49e0","slug":"a-proposal-for-free-treatment-of-the-injured-for-48-hours-was-sent-to-the-transport-and-health-department-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-370292-2024-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: घायल को 48 घंटे तक निशुल्क इलाज का प्रस्ताव परिवहन और स्वास्थ्य विभाग को भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: घायल को 48 घंटे तक निशुल्क इलाज का प्रस्ताव परिवहन और स्वास्थ्य विभाग को भेजा
विज्ञापन
सड़क सुरक्षा को लेकर डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने ली समीक्षा बैठक
चंडीगढ़। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति काे शुरुआती 48 घंटे में निःशुल्क इलाज के प्रस्ताव को प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज की ओर से मंजूरी मिलने के बाद हरियाणा पुलिस ने इसे परिवहन और स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया है। अब दोनों विभागों के साथ मिलकर हरियाणा पुलिस इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाएगी।
वीरवार को सड़क सुरक्षा को लेकर डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कपूर ने लेन ड्राइविंग, स्पीड लिमिट, अनाधिकृत तरीके से रेड लाइट और सायरन का इस्तेमाल रोकने, वे-इन-मोशन मशीन इनस्टॉल करने, संजया एप पर डेटा अपलोड करने सहित कई अन्य विषयों पर विस्तृत दिशानिर्देश दिए। बताया कि आईआईटी मद्रास की ओर से तैयार संजया एप पर ब्लड बैंक, अस्पतालों और एंबुलेंस आदि का डेटा अपलोड किया जा रहा है। अब तक 20 जिलों का डाटा अपलोड हो चुका है और शेष जिलों का भी जल्द अपलोड करने की योजना है।
अवैध रूप से रेड लाइट लगाने वाले 2140
आईजी ट्रैफिक एवं हाईवे हरदीप दून ने बताया कि गत साल लेन ड्राइविंग को लेकर प्रदेश में 2,30,369 वाहन चालकों के चालान किए गए। इस दौरान लेन ड्राइविंग के 15 विशेष अभियान चलाते हुए 49,174 वाहन चालकों के चालान किए गए। पिछले साल अवैध तरीके से रेड लाइट और सायरन का इस्तेमाल करने वाले 2140 वाहन चालकों के चालान किए गए।
विज्ञापन
पंचकूला में स्पीड लिमिट में किया जाएगा बदलाव
दून ने बताया कि स्पीड लिमिट नोटिफिकेशन को लेकर लगभग सभी जिलों से रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। प्रथम चरण में पंचकूला में स्पीड लिमिट में बदलाव करते हुए इसे अगले सप्ताह के अंत तक गूगल पर अपलोड किया जाएगा।
ओवरलोडिड वाहनों का टोल प्लाजा पर होगा चालान
प्रदेश में वर्तमान में कुल 66 टोल प्लाजा पर वे-इन-मोशन मशीनें लगाई जानी है, इनमें से 54 टोल प्लाजा पर ये मशीनें लगाई जा चुकी है। इन टोल प्लाजा पर मशीनों के माध्यम से ओवरलोडेड वाहनों के चालान का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में चोरी हुई गाड़ियों का भी डेटा बेस तैयार किया जा रहा है, ये गाड़ियां जब भी मुख्य मार्गों से होकर गुजरेंगी, इसकी जानकारी कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
चंडीगढ़। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति काे शुरुआती 48 घंटे में निःशुल्क इलाज के प्रस्ताव को प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज की ओर से मंजूरी मिलने के बाद हरियाणा पुलिस ने इसे परिवहन और स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया है। अब दोनों विभागों के साथ मिलकर हरियाणा पुलिस इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाएगी।
वीरवार को सड़क सुरक्षा को लेकर डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कपूर ने लेन ड्राइविंग, स्पीड लिमिट, अनाधिकृत तरीके से रेड लाइट और सायरन का इस्तेमाल रोकने, वे-इन-मोशन मशीन इनस्टॉल करने, संजया एप पर डेटा अपलोड करने सहित कई अन्य विषयों पर विस्तृत दिशानिर्देश दिए। बताया कि आईआईटी मद्रास की ओर से तैयार संजया एप पर ब्लड बैंक, अस्पतालों और एंबुलेंस आदि का डेटा अपलोड किया जा रहा है। अब तक 20 जिलों का डाटा अपलोड हो चुका है और शेष जिलों का भी जल्द अपलोड करने की योजना है।
विज्ञापन
अवैध रूप से रेड लाइट लगाने वाले 2140
आईजी ट्रैफिक एवं हाईवे हरदीप दून ने बताया कि गत साल लेन ड्राइविंग को लेकर प्रदेश में 2,30,369 वाहन चालकों के चालान किए गए। इस दौरान लेन ड्राइविंग के 15 विशेष अभियान चलाते हुए 49,174 वाहन चालकों के चालान किए गए। पिछले साल अवैध तरीके से रेड लाइट और सायरन का इस्तेमाल करने वाले 2140 वाहन चालकों के चालान किए गए।
विज्ञापन
पंचकूला में स्पीड लिमिट में किया जाएगा बदलाव
दून ने बताया कि स्पीड लिमिट नोटिफिकेशन को लेकर लगभग सभी जिलों से रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। प्रथम चरण में पंचकूला में स्पीड लिमिट में बदलाव करते हुए इसे अगले सप्ताह के अंत तक गूगल पर अपलोड किया जाएगा।
ओवरलोडिड वाहनों का टोल प्लाजा पर होगा चालान
प्रदेश में वर्तमान में कुल 66 टोल प्लाजा पर वे-इन-मोशन मशीनें लगाई जानी है, इनमें से 54 टोल प्लाजा पर ये मशीनें लगाई जा चुकी है। इन टोल प्लाजा पर मशीनों के माध्यम से ओवरलोडेड वाहनों के चालान का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में चोरी हुई गाड़ियों का भी डेटा बेस तैयार किया जा रहा है, ये गाड़ियां जब भी मुख्य मार्गों से होकर गुजरेंगी, इसकी जानकारी कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगी।