सफाई कर रहे तीन कर्मचारी सीवरेज में फंसे, बचाने उतरे युवक की चली गई जान, एक की हालत गंभीर
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कैथल के सेक्टर-18 में जिला अस्पताल की ओर जाने वाले रास्ते के निकट सीवरेज की सफाई कर रहे कर्मचारी फंस गए। तीन सफाई कर्मचारियों को बचाने के लिए सीवरेज में उतरे गांव काकौत निवासी एक वेल्डर की मौत हो गई। एक मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया है।
मंगलवार दोपहर करीब 1.30 बजे हुड्डा सेक्टर-18 में सीवरेज की सफाई के दौरान तीन कर्मचारी पांव फिसलने से अंदर फंस गए। घटना की सूचना पाकर दर्जनों लोग जमा हो गए। चश्मदीदों ने पुलिस को सूचना दी। जहां फायरब्रिगेड की गाड़ी व पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह से दो को लोगों ने बाहर निकाला।
मोनू नामक सफाई कर्मचारी अंदर रह गया। उसे बचाने के लिए वहां से गुजर रहा काकौत निवासी राहगीर सतीश सीवरेज में उतर गया। दोनों की सीवरेज में फंसने से हालत बिगड़ गई। किसी तरह लोगों ने दोनों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां सतीश कुमार को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं मोनू को गंभीर हालत में पीजीआई रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। थाना सिविल लाइन प्रभारी प्रह्लाद राय ने बताया कि यह इत्तफाकिया घटना हुई। जिस कारण धारा 174 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
नायब तहसीलदार पहुंचे अस्पताल, परिजनों को दी सांत्वना
सफाई कर्मियों को बचाने के लिए मौत का शिकार हुए सतीश कुमार के परिजनों सहित गांव से भारी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे। नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि सतीश कुमार ने दूसरे की जान बचाने के लिए अपनी जान दी है। जो बड़ी कुर्बानी है। परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
हुडा प्रशासक जगदीप सिंह ने कहा कि सफाई कर्मचारी एक्सईएन के अधीनस्थ काम करते हैं। एक्सईएन हुडा धर्मबीर मेहला ने कहा कि विभाग के सफाई कर्मचारी इंजन से पानी निकाल रहे थे। वे गर्मी आदि के कारण बेहोश हो गए। विभाग के दूसरे कर्मचारी उन्हें बाहर निकाल ही रहे थे कि पास से गुजर रहा युवक कूद गया और उसकी मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा है। विभाग के कर्मचारियों के पास पूरे उपकरण थे। हुडा के एसडीओ शीतल गर्ग ने कहा कि उनके पास 10 दिन पहले चार्ज आया है। वह करनाल में ड्यूटी देते हैं। पता करवाएंगे की हादसा कैसे हुआ
सतीश ने दिया बलिदान, परिवार में मातम
सीवरेज में फंसे सफाई कर्मचारियों को बचाने के लिए गांव काकौत निवासी वेल्डर सतीश ने अपनी जान कुर्बान कर दी। वहां मौके पर अन्य काफी लोग थे लेकिन खतरे को देखते हुए कोई भी हिम्मत नहीं जुटा पाया। सतीश ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए सीवरेज में उतर गया लेकिन दूसरों को बचाने में जीवन की जंग हार गया।
काकौत निवासी प्रेम सिंह ने बताया कि उसका भतीजा सतीश शहर किसी काम से आया था। वह अस्पताल के पास से होकर गुजर रहा था। जहां सीवरेज में फंसे सफाई कर्मचारियों की मदद के लिए सीवरेज में कूद गया। उन्होंने बताया कि वह बचपन से ही सेवाभाव रखता था। जहां वह दूसरों की मदद की बजाय अपनी ही जीवन लीला खत्म कर बैठा। परिवार में मातम पसरा है। सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों का तांता लग गया।
शहर में स्टील वेल्डिंग की दुकान पर काम करता था
काकौत निवासी सतीश करीब दो साल से शहर में स्टील वेल्डिंग की दुकान पर काम करता था। मृतक की माता भी गांव मलिकपुर अपने मायके गई हुई थी। उसकी दो साल पहले शादी हुई थी। उसकी एक बेटी है। परिवार की आर्थिक हालत सामान्य ही है और वह वेल्डिंग की दुकान पर नौकरी करके किसी तरह गुजारा चला रहा था।