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भूजल में ‘जहर’ घोलने वाली फर्म का पर्दाफाश, 17 हजार ट्यूबवेल बोर में डाल चुके हैं केमिकल
Thu, 31 Jan 2019 09:48 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 31 Jan 2019 09:48 AM IST
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(सांकेतिक चित्र)
- फोटो : फाइल फोटो
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सरकार के मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, जिला प्रशासन व पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने बुधवार को ट्यूबवेल बोर में केमिकल डालकर भू-जल को दूषित करने वाली एक फर्म का पर्दाफाश किया है।
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टीम ने हजारों किलो तेजाब व केमिकल्स समेत अन्य सामान को सील कर दिया है। कार्रवाई के दौरान फर्म का मालिक मौके से फरार हो गया। ड्रग लाइसेंसिंग अथॉरिटी व पटियाला के डीसी कुमार अमित को इस फर्म का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश कर दी है।
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वहीं फर्म के अधिकारी ने माना कि वे पिछले 13 साल में 17 हजार ट्यूबवेल बोर में हजारों क्विंटल केमिकल डाल चुके हैं। इस टीम ने यह कार्रवाई तंदुरुस्त पंजाब के मिशन डायरेक्टर काहन सिंह पन्नू के दिशा-निर्देशों के तहत की। उन्हें सूचना मिली थी कि एमआर केमिकल्स सेल्स कारपोरेशन नामक फर्म ट्यूबवेल के बोरों का पानी बढ़ाने और बंद पड़े बोरों को चलाने के लिए यह केमिकल बेचती है।
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टीम ने एक व्यक्ति को 1600 किलो तेजाब और केमिकल खरीदने भेजा। जैसे ही उसने 7,552 रुपये में इसे खरीदा टीम ने फर्म के पटियाला में घलौड़ी गेट स्थित गोदाम में छापा मार दिया। टीम मेंबर जोन लाइसेंसिंग अथॉरिटी ड्रग पटियाला नवजोत कौर ने बताया कि गोदाम में 50-50 किलो के करीब 1000 केन बरामद हुए हैं। इन्हें सील कर दिया गया है। यहां पर इस फर्म की ओर से किया गया एक गैरकानूनी बोर भी मिला। इसमें तेजाब व अन्य केमिकल बिना साफ किए सीधे ही डाल दिए जाते थे।
ग्राहकों को करते थे गुमराह
टीम मेंबरों ने बताया कि फर्म के अधिकारी नवनीत मल्होत्रा ने माना कि वह यह काम पिछले 13 साल से कर रहा है। उसके मुताबिक एक बोर में करीब छह क्विंटल तेजाब व अन्य केमिकल डाले जाते थे। अब तक वह करीब 17 हजार ट्यूबवेलों में यह केमिकल डाल चुका है। उसके मुताबिक यह केमिकल वह किसान ले जाते थे, जिनके बोरों का पानी कम जाता था या पानी सूख जाता था। वह इसे बेचते हुए बताते थे कि इन केमिकल का खेतीबाड़ी और इंसान को कोई नुकसान नहीं है।