{"_id":"6a7a37f38b064890250921da","slug":"a-feasibility-report-rather-than-traffic-volume-will-determine-which-intersection-gets-an-underpass-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1093645-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: ट्रैफिक वॉल्यूम के बजाए फिलिबिलिटी रिपोर्ट तय करेगी किस चौक के नीचे बनेगा अंडरपास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: ट्रैफिक वॉल्यूम के बजाए फिलिबिलिटी रिपोर्ट तय करेगी किस चौक के नीचे बनेगा अंडरपास
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर के चौकों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए प्रशासन अब चौकों के नीचे अंडरपास बनाने की संभावनाएं तलाश रहा है। इंजीनियरिंग विभाग की कैपिटल प्रोजेक्ट डिवीजन-2 ने हाउसिंग बोर्ड, रेलवे लाइट प्वाइंट, ट्रांसपोर्ट चौक और ट्रिब्यून चौक समेत कई प्रमुख चौकों की तकनीकी फिजिबिलिटी जांचने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए कंसल्टेंसी का 9.98 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है।
कंसल्टेंट ज्यादा ट्रैफिक वाले चौकों का स्थलाकृतिक सर्वे कर तकनीकी फिजिबिलिटी का आकलन करेगा। सीवर, वर्षा जल निकासी और पानी की पाइपलाइन जैसी सुविधाएं निर्माण में बाधा नहीं बनीं तो पहले चरण में हाउसिंग बोर्ड चौक, ट्रांसपोर्ट चौक, ट्रिब्यून चौक, सेक्टर-20 गुरुद्वारा चौक, सेक्टर-46-47 लाइट प्वाइंट और रेलवे लाइट प्वाइंट पर अंडरपास की संभावना देखी जाएगी।
इन चौकों की फिजिबिलिटी पर रहेगा कंसल्टेंट का फोकस
राइट के सर्वे के अनुसार ट्रांसपोर्ट चौक पर पीक आवर में 10,572 पीसीयू, ट्रिब्यून चौक पर 9,857, गुरुद्वारा चौक पर 9,786 और सेक्टर-46-47 लाइट प्वाइंट पर 9,551 पीसीयू दर्ज हुए थे। वर्ष 2027 में इनके बढ़कर क्रमश: 14,148, 13,191, 13,096 और 13,809 पीसीयू होने का अनुमान है। किसान भवन चौक, आईएसबीटी सेक्टर-17 चौक, हाउसिंग बोर्ड चौक और रेलवे लाइट प्वाइंट पर भी पीक आवर में भारी ट्रैफिक दर्ज हुआ है।
विज्ञापन
जमीन के नीचे क्या है, यह भी खंगालेगा सर्वे
सर्वे में सड़क की चौड़ाई, ट्रैफिक दबाव, भूमिगत पाइपलाइन, सीवरेज, बिजली और अन्य सुविधाओं की स्थिति जांची जाएगी। भविष्य के ट्रैफिक दबाव को भी ध्यान में रखा जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि अंडरपास निर्माण के लिए जमीन के नीचे पर्याप्त जगह है या नहीं।
फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद डीपीआर, फिर टेंडर
कंसल्टेंट की रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें डिजाइन, लागत, यातायात डायवर्जन और पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया जाएगा। तकनीकी रूप से उपयुक्त चौकों पर अलग से टेंडर जारी होंगे। मुख्य अभियंता सीबी ओझा ने कहा कि जहां फिजिबिलिटी मिलेगी, वहां अंडरपास का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जाएगा।
कंसल्टेंट ज्यादा ट्रैफिक वाले चौकों का स्थलाकृतिक सर्वे कर तकनीकी फिजिबिलिटी का आकलन करेगा। सीवर, वर्षा जल निकासी और पानी की पाइपलाइन जैसी सुविधाएं निर्माण में बाधा नहीं बनीं तो पहले चरण में हाउसिंग बोर्ड चौक, ट्रांसपोर्ट चौक, ट्रिब्यून चौक, सेक्टर-20 गुरुद्वारा चौक, सेक्टर-46-47 लाइट प्वाइंट और रेलवे लाइट प्वाइंट पर अंडरपास की संभावना देखी जाएगी।
विज्ञापन
इन चौकों की फिजिबिलिटी पर रहेगा कंसल्टेंट का फोकस
राइट के सर्वे के अनुसार ट्रांसपोर्ट चौक पर पीक आवर में 10,572 पीसीयू, ट्रिब्यून चौक पर 9,857, गुरुद्वारा चौक पर 9,786 और सेक्टर-46-47 लाइट प्वाइंट पर 9,551 पीसीयू दर्ज हुए थे। वर्ष 2027 में इनके बढ़कर क्रमश: 14,148, 13,191, 13,096 और 13,809 पीसीयू होने का अनुमान है। किसान भवन चौक, आईएसबीटी सेक्टर-17 चौक, हाउसिंग बोर्ड चौक और रेलवे लाइट प्वाइंट पर भी पीक आवर में भारी ट्रैफिक दर्ज हुआ है।
विज्ञापन
जमीन के नीचे क्या है, यह भी खंगालेगा सर्वे
सर्वे में सड़क की चौड़ाई, ट्रैफिक दबाव, भूमिगत पाइपलाइन, सीवरेज, बिजली और अन्य सुविधाओं की स्थिति जांची जाएगी। भविष्य के ट्रैफिक दबाव को भी ध्यान में रखा जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि अंडरपास निर्माण के लिए जमीन के नीचे पर्याप्त जगह है या नहीं।
फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद डीपीआर, फिर टेंडर
कंसल्टेंट की रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें डिजाइन, लागत, यातायात डायवर्जन और पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया जाएगा। तकनीकी रूप से उपयुक्त चौकों पर अलग से टेंडर जारी होंगे। मुख्य अभियंता सीबी ओझा ने कहा कि जहां फिजिबिलिटी मिलेगी, वहां अंडरपास का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जाएगा।