कोटसुखिया डेरे में बाबा दयाल दास की गोली मारकर हत्या, वारदात के पीछे हो सकता ये कारण
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थाना सदर के गांव कोटसुखिया स्थित डेरा हर का दास गोशाला में गुरुवार शाम करीब चार बजे बाइक सवार दो युवकों ने डेरा प्रमुख बाबा हरिदास के शिष्य बाबा दयाल दास (55) की गोली मारकर हत्या कर दी। डेरे के प्रमुख इन दिनों बीमार चल रहे हैं और डेरे के पास करीब 200-250 एकड़ जमीन है।
माना जा रहा है कि इस हत्या के पीछे डेरे की गद्दी और जमीन का विवाद बड़ा कारण हो सकता है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। आरोपियों की शिनाख्त के लिए गांव कोटसुखिया समेत आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
जानकारी के अनुसार डेरा हर का दास के प्रमुख बाबा हरिदास काफी बुजुर्ग हैं और इन दिनों बीमार भी चल रहे हैं। डेरा प्रमुख के बीमार होने से इन दिनों डेरे के सारे कामकाज की निगरानी उनके शिष्य बाबा दयाल दास द्वारा की जा रही थी। शुक्रवार को शाम के समय बाइक सवार दो युवक डेरे में पहुंचे और दोनों डेरे की गोशाला में गोवंश को चारा व गुड़ डालने लगे।
इस दौरान उन्होंने वहां पर किसी से बाबा दयाल दास के बारे में जानकारी मांगी और जानकारी लेकर डेरा परिसर में खाना खा रहे बाबा दयाल दास के पास पहुंचकर उन पर रिवाल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने बाबा दयाल दास पर करीब 5-6 फायर किए गए और तीन गोलियां लगने से उनकी मौत हो गई। चूंकि डेरा प्रमुख बाबा हरिदास ने डेरे की गद्दी बाबा दयाल दास को सौंपने का मन बनाया था और आशंका है कि इसी रंजिश के चलते उनकी हत्या की गई है।
इसके अलावा डेरे की जमीन को लेकर चल रहा विवाद भी हत्या का कारण हो सकता है। इस मामले में डीएसपी कोटकपूरा बलकार सिंह संधू ने बताया कि पुलिस विभिन्न बिंदुओं के आधार पर पड़ताल कर रही है। आरोपियों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। मालूम हो कि कुछ साल पहले डेरे से संबंधित गांव पंजगराईं खुर्द (मोगा) स्थित गोशाला की जमीन को लेकर भी विवाद हुआ था।