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पार्लर में काम करके मां ने पढ़ाया बेटा, नॉन मेडिकल में आए 92 प्रतिश्त
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 29 May 2017 09:20 AM IST
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पार्लर में काम करके एक मां ने अपने बेटे को पढ़ाया और बेटे ने भी 92 प्रतिशत नंबर लाकर अपनी मां का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है। सेंट जॉन स्कूल के छात्र मयंक ने नॉन मेडिकल स्ट्रीम में इतने नंबर प्राप्त किए कि उसकी मां फुले नहीं समा रही है।
प्रीत कौर ने बताया कि मेहनत करके बेटा यहां तक पहुंचा और उसका मकसद अपने बेटे को इंजीनियर बनाना है। मयंक जेईई मेन्स का पेपर दे चुका है और आईआईटी में पढ़ने के अपने सपने को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से लगा हुआ है। मयंक ने बताया कि उसके अध्यापक और मां ने उस पर खूब मेहनत की है वह उसे बेकार नहीं जाने दे सकता था। ईडब्ल्यूएस कोटे से स्कूल में दाखिला पाने वाले मयंक को इंजीनियर बनना है। मयंक की मां प्रीत कौर ने बताया कि उसने अपने बेटे पर कभी कोई दबाव नहीं बनाया। उसे पूरा भरोसा है कि मयंक भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करेगा।
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प्रीत कौर ने बताया कि मेहनत करके बेटा यहां तक पहुंचा और उसका मकसद अपने बेटे को इंजीनियर बनाना है। मयंक जेईई मेन्स का पेपर दे चुका है और आईआईटी में पढ़ने के अपने सपने को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से लगा हुआ है। मयंक ने बताया कि उसके अध्यापक और मां ने उस पर खूब मेहनत की है वह उसे बेकार नहीं जाने दे सकता था। ईडब्ल्यूएस कोटे से स्कूल में दाखिला पाने वाले मयंक को इंजीनियर बनना है। मयंक की मां प्रीत कौर ने बताया कि उसने अपने बेटे पर कभी कोई दबाव नहीं बनाया। उसे पूरा भरोसा है कि मयंक भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करेगा।
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