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Punjab: मेडिकल कॉलेजों की 85 फीसदी सीटें सिर्फ पंजाबियों के लिए आरक्षित, जानें- नए पात्रता नियम
Sat, 15 Oct 2022 01:20 AM IST
ajay kumar
राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 15 Oct 2022 01:20 AM IST
सार
बदले नियम के बाद अब सभी उम्मीदवार, जिन्होंने पंजाब में पांच साल की अवधि की पढ़ाई की है या एनईईटी-यूजी परीक्षा से ठीक पहले दो साल पंजाब में अध्ययन किया है, उन व्यक्तियों के बच्चे जिनके पास पांच साल की अवधि से पंजाब में अचल संपत्ति है और जो पंजाब में पैदा हुए थे। ऐसा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाले राज्य कोटे की सीटों के लिए पात्र होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता नियम बदल गए हैं। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के मुताबिक राज्य के कोटे की 85 फीसदी सीटों पर प्रवेश के लिए वही पात्र होंगे, जिन्होंने पंजाब से 12वीं पास करने या पंजाब में जन्मे और स्थायी निवास की जानकारी दी होगी। इस फैसले के बाद उम्मीदवारों के ऑनलाइन आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 13 अक्तूबर से बढ़ाकर 15 अक्तूबर कर दी गई है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज बाबा फरीद यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं। राज्य के 26 मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में विभिन्न श्रेणियों के लिए 1500 एमबीबीएस और 13590 बीडीएस की सीटें है।
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बाबा फरीद विवि के रजिस्ट्रार डॉ. निर्मल ओसेपचन ने पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार को सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के प्रिंसिपलों के साथ हुई बैठक में दाखिले की पात्रता शर्तों में बदलाव कर दिया है। पहले प्रवेश नियमों को लेकर असमंजस की स्थिति थी, जिससे विवाद की स्थिति बन रही थी। यह विवाद कुछ दिन पहले तब शुरू हुआ था, जब चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग (डीएमईआर) ने अधिसूचना जारी कर कहा था कि जिन उम्मीदवारों ने नीट-यूजी प्रवेश परीक्षा फॉर्म में अपने निवास और स्थायी निवास में पंजाब का उल्लेख किया है, वे ही 85 प्रतिशत राज्य कोटे की एमबीबीएस और बीडीएस सीटों के लिए पात्र होंगे।
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अब ये सभी होंगे पात्र
बदले नियम के बाद अब सभी उम्मीदवार, जिन्होंने पंजाब में पांच साल की अवधि की पढ़ाई की है या एनईईटी-यूजी परीक्षा से ठीक पहले दो साल पंजाब में अध्ययन किया है, उन व्यक्तियों के बच्चे जिनके पास पांच साल की अवधि से पंजाब में अचल संपत्ति है और जो पंजाब में पैदा हुए थे। ऐसा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाले राज्य कोटे की सीटों के लिए पात्र होंगे।
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इसके अलावा तीन साल से पंजाब या डेपुटेशन पर बाहर सेवाएं निभा रहे पंजाब सरकार के कर्मचारियों के अलावा तीन साल की सेवा अवधि वाले पंजाब या चंडीगढ़ में तैनात केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चे भी कोटे के लिए पात्र हैं। उन व्यक्तियों के बच्चे जो पंजाब में बस गए थे या पंजाब में कम से कम पांच साल की अवधि के लिए आवेदन जमा करने की तारीख से पहले किसी भी समय या तो पेशे की तलाश में थे या नौकरी कर रहे थे, वे भी पात्र हैं।