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उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना: घाटी के 73 गांव रेलमार्ग से जुड़े, पहले पैदल ही पड़ता था जाना
Fri, 16 Sep 2022 02:12 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 16 Sep 2022 02:12 AM IST
सार
205 किलोमीटर से अधिक लंबे पहुंच मार्गों का निर्माण किया गया, जिसमें एक सुरंग और 320 पुल शामिल हैं। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के 73 गांवों (करीब 1.5 लाख लाभान्वित) को कनेक्टिविटी प्रदान की गई है। पहले केवल पैदल या नावों के जरिये ही पहुंचा जा सकता था।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल ) परियोजना से कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों के साथ जोड़ा गया है। इस परियोजना की वजह से घाटी के 73 गांव रेलमार्ग से जुड़े हैं। अब भी कटरा-बनिहाल के बीच 111 किलोमीटर खंड पर युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। कार्यों का निरीक्षण करने के दौरान यह जानकारी रेलवे बोर्ड के सीईओ विनय कुमार त्रिपाठी ने दी है।
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उन्होंने बताया कि परियोजना के पहले तीन चरण का निर्माण पूरा हो चुका है और कश्मीर घाटी में बारामूला-बनिहाल और जम्मू क्षेत्र में जम्मू-उधमपुर-कटरा के बीच ट्रेनों के संचालन के लिए लाइन परिचालन में है। कटरा-बनिहाल के बीच 111 किलोमीटर खंड पर काम चल रहा है। इस खंड में कई पुल और सुरंगें बनाई जा रही हैं। इस खंड का अधिकांश रेल ट्रैक का हिस्सा सुरंगों के बीच से गुजरेगा।
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परियोजना से पिछड़े जिलों रियासी और रामबन को विशेष रूप से लाभ हुआ है। कटरा-बनिहाल खंड के निर्माण की लागत अब तक 30672.34 करोड़ रुपये रही है। 2014 के बाद से परियोजना के लिए बजट आवंटन में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे निर्माण गतिविधियों में तेजी आई है।
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उन्होंने बताया कि जिनकी 75 फीसदी से ज्यादा जमीन अधिग्रहीत की गई है, उन भूमालिकों के 799 आश्रितों को रेलवे में नौकरी दी जाएगी। 205 किलोमीटर से अधिक लंबे पहुंच मार्गों का निर्माण किया गया, जिसमें एक सुरंग और 320 पुल शामिल हैं। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के 73 गांवों (करीब 1.5 लाख लाभान्वित) को कनेक्टिविटी प्रदान की गई है। पहले केवल पैदल या नावों के जरिये ही पहुंचा जा सकता था।