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शहर के 72 हजार बच्चों को 3 जनवरी से लगेगा कोरोना का टीका, मिली 93 हजार डोज

Thu, 30 Dec 2021 02:24 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 30 Dec 2021 02:24 AM IST
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72 thousand children of the city will get corona vaccine from January 3, got 93 thousand doses
चंडीगढ़। कोरोना टीकाकरण अभियान में 3 जनवरी से शहर के 15 से 18 साल के बीच के लगभग 72 हजार किशोरों को टीका लगाना शुरू किया जाएगा। बच्चों को कोविशिल्ड की जगह कोवैक्सीन लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को बुधवार को सरकार की तरफ से कोवैक्सीन की 93 हजार खुराक मिल गई है।
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स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ स्कूलों में भी टीकाकरण केंद्र बनाया जाएगा। वहीं, इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग को वरीयता दी जाएगी। हालांकि, स्लॉट खाली रहने पर ऑन स्पॉट पंजीकरण भी किया जाएगा। शीतकालीन अवकाश के बाद शिक्षा निदेेशक शहर के सरकारी व निजी स्कूलों में शिविर लगाकर टीकाकरण कराने से संबंधित कार्य योजना बना सकते हैं। वहीं, किशोरों को टीका लगवाने के लिए उनके अभिभावक भी स्कूल में जा सकेंगे।
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यशपाल गर्ग ने बताया कि समाज कल्याण अधिकारी के माध्यम से शहर में संचालित हो रहे विभिन्न विशेष गृहों में रह रहे बच्चों की सूची बनाकर टीकाकरण किया जाएगा। किशोरों को टीका लगवाने के बाद 30 मिनट तक केंद्र पर टीम की देखरेख में रखा जाएगा। हर केंद्र में दो बेड की सुविधा होगी। घर-घर टीकाकरण अभियान के अंतर्गत किशोरों को टीका नहीं लगाया जाएगा, उन्हें केंद्र पर आना होगा।
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अलग टीकाकरण केंद्र, ताकि कोई गड़बड़ी न हो
किशोरों के टीकाकरण की व्यवस्था पहले से संचालित हो रहे केंद्रों पर नहीं की जाएगी, क्योंकि उन केंद्रों पर कोविशिल्ड लगाई जा रही है और किशोरों को कोवैक्सीन लगाया जाना है। ऐसे में अगर एक ही केंद्र पर बड़ों व किशोरों को दो अलग-अलग टीका लगाने की व्यवस्था की गई तो गलत टीका लगने का खतरा बना रहेगा। इसलिए अस्पतालों में अलग केंद्र बनाने का निर्देश है। इसके लिए काम शुरू हो गया है।
कर्मचारियों की कमी परेशानी का कारण
प्रधानमंत्री की ओर से 3 जनवरी से किशोरों को टीका लगाए जाने की घोषणा से स्वास्थ्य विभाग के सामने कर्मचारियों की कमी को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। स्थिति यह है कि सरकार के निर्देश पर विभाग ने चार महीने पहले ही कोविड व टीकाकरण के लिए रखे गए कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। ऐसे में अचानक नए सिरे से अभियान शुरू करने के लिए कर्मचारियों की कमी समस्या बन रही है। विभाग दोबारा से जिन कर्मचारियों की सेवा समाप्त हो गई है, उन्हें तैनात करने की योजना बना रहा है। इसके लिए प्रशासन से अनुमति भी मांगी गई है।
इन अस्पतालों में बनेंगे केन्द्र
पीजीआईएमईआर, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, सिविल अस्पताल मनीमाजरा, सिविल अस्पताल सेक्टर-22, सिविल अस्पताल सेक्टर 45
इन स्कूलों में बनाए जाएंगे केंद्र
गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनास, गवर्नमेंट मॉडल हाईस्कूल मलोया, गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल मनीमाजरा।
लड़कियों के लिए एक अलग केंद्र
लड़कियों के लिए सेक्टर 20 बी स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
स्लॉट बुकिंग से जुड़ी जानकारी
- एक जनवरी से वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही आवेदन किया जा सकेगा।
- 15 साल से 18 साल के बीच के किशोरों के लिए वैक्सीनेशन का स्लॉट बुक करना बेहद आसान है।
- सबसे पहले आपको कोविन (CoWIN) प्लेटफॉर्म पर जाना होगा।
- वहां पर बच्चे के बारे में जानकारी देनी होगी जैैैैसे नाम और उम्र।
- बच्चों के आधार या फिर 10वीं क्लास का आईकार्ड देना होगा।
- इसके बाद आसानी से प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है।
- ऑनलाइन प्रोसेस के जरिए अभिभावक स्मार्टफोन के साथ-साथ लैपटॉप और पीसी और इंटरनेट के जरिए वैक्सीनेशन स्लॉट बुक करवा सकते हैं।
बूस्टर डोज 10 जनवरी से लगेंगे
स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि शहर में 60 साल से ज्यादा उम्र वाले 15600 लाभार्थियों को 10 जनवरी से बूस्टर डोज लगाया जाएगा। इसी क्रम में हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्करों को भी बूस्टर डोज लगाया जाएगा। इसमें लाभार्थी को ध्यान रखना होगा कि पहली खुराक से बूस्टर डोज के बीच 9 महीने यानी 39 हफ्ते का अंतराल होना जरूरी है। इसके लिए टीके की 132000 खुराक उपलब्ध है। वहीं, 93000 खुराक और मिलने वाली है। अभियान में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि निजी अस्पतालों में बचे टीके के स्टॉक को एक्सचेंज कर उन्हें नई तारीख वाला टीका दे दिया जाए, ताकि वे नुकसान से बचें और अभियान में भरपूर सहयोग दें।

क्या कहते हैं अधिकारी
यह शोध से साबित हो चुका है कि बच्चों को भी संक्रमण से बचाने में यह कारगर है। इसका दुष्प्रभाव भी मामूली पाया गया है, इसलिए अभिभावक बिना डरे बच्चों को महामारी से बचाव के लिए टीका लगवाएं।
-डॉ. आरएस बेदी, बालरोग विशेषज्ञ व डब्ल्यूएचओ के पूर्व परामर्शदाता
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