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सिम की केवाईसी खत्म होने का झांसा देकर 7 लाख 25 हजार की ठगी
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चंडीगढ़। औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 स्थित एक फर्म के मालिक को सिम का केवाईसी खत्म होने का झांसा देकर शातिर ने 7.25 लाख रुपये ठग लिए। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी है। साइबर सेल शातिर के बैंक खाते का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
साइबर सेल के अधिकारी ने बताया कि फर्म के मालिक अभिषेक गुप्ता को मोबाइल पर सिम का केवाईसी खत्म होने का मैसेज आया। मैसेज में एक मोबाइल नंबर भी था। अभिषेक ने उस पर कॉल की। शातिर ने अभिषेक को कहा कि आपके सिम का केवाईसी खत्म हो रहा है, इसे अपडेट करने के लिए 10 रुपये का रजिस्ट्रेेशन करना होगा। शातिर ने अभिषेक के मोबाइल पर एक लिंक भेजकर एप डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा। अभिषेक ने 10 रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन शातिर ने कहा कि रजिस्ट्रेशन नहीं हुई है, किसी दूसरे खाते से करें। इसके बाद अभिषेक ने अपनी कंपनी के खाते से 10 रुपये की ट्रांजेक्शन की। शातिर ने फिर कहा कि रजिस्ट्रेशन नहीं हो रही है। इस पर पीड़ित ने अपने पिता के बैंक खाते से 10 रुपये की ट्रांजेक्शन की। इसके बाद अभिषेक को उसके, कंपनी और पिता के बैंक खाते से लाखों रुपये कटने के मैसेज आए। अभिषेक के अकाउंट से एक लाख 49 हजार, कंपनी के खाते से 6 लाख 50 हजार और बाकी रुपये उसके पिता के खाते से उड़ गए। शातिर ने तीनों खातों से कुल 7 लाख 25 हजार 705 रुपये उड़ा लिए।
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साइबर सेल के अधिकारी ने बताया कि फर्म के मालिक अभिषेक गुप्ता को मोबाइल पर सिम का केवाईसी खत्म होने का मैसेज आया। मैसेज में एक मोबाइल नंबर भी था। अभिषेक ने उस पर कॉल की। शातिर ने अभिषेक को कहा कि आपके सिम का केवाईसी खत्म हो रहा है, इसे अपडेट करने के लिए 10 रुपये का रजिस्ट्रेेशन करना होगा। शातिर ने अभिषेक के मोबाइल पर एक लिंक भेजकर एप डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा। अभिषेक ने 10 रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन शातिर ने कहा कि रजिस्ट्रेशन नहीं हुई है, किसी दूसरे खाते से करें। इसके बाद अभिषेक ने अपनी कंपनी के खाते से 10 रुपये की ट्रांजेक्शन की। शातिर ने फिर कहा कि रजिस्ट्रेशन नहीं हो रही है। इस पर पीड़ित ने अपने पिता के बैंक खाते से 10 रुपये की ट्रांजेक्शन की। इसके बाद अभिषेक को उसके, कंपनी और पिता के बैंक खाते से लाखों रुपये कटने के मैसेज आए। अभिषेक के अकाउंट से एक लाख 49 हजार, कंपनी के खाते से 6 लाख 50 हजार और बाकी रुपये उसके पिता के खाते से उड़ गए। शातिर ने तीनों खातों से कुल 7 लाख 25 हजार 705 रुपये उड़ा लिए।
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