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Hindi News ›   Chandigarh ›   67 Percent Health workers not take corona Vaccine in Chandigarh

67 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों ने नहीं लगवाया कोरोना का टीका, सिर्फ नौ दिन बचे, नहीं पता फिर कब मिलेगा मौका

Tue, 16 Feb 2021 02:24 PM IST
ajay kumar आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 16 Feb 2021 02:24 PM IST
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67 Percent Health workers not take corona Vaccine in Chandigarh
कोरोना वैक्सीन दिखाती स्वास्थ्यकर्मी। - फोटो : अमर उजाला

कोरोना टीकाकरण के लिए लोगों में हिचकिचाहट अब भी बरकार है। करीब 67 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों ने अब तक टीका नहीं लगवाया है जबकि उनके पास सिर्फ नौ दिन शेष हैं। यदि इन नौ दिनों में टीका नहीं लगवाया तो दोबारा मौका मिलेगा या नहीं, इसकी कोई जानकारी नहीं।

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सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने उन राज्यों की सूची जारी की, जहां 40 फीसदी भी कम स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण हुआ है। 15 फरवरी तक तमिलनाडु में 36.7 फीसदी, पंजाब में 36.7 फीसदी, चंडीगढ़ में 33.1 फीसदी, नागालैंड में 25.5 फीसदी और पुडुचेरी में 22.6 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण हुआ है।
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चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मी टीका न लगवाकर बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। उनके पास 20 फरवरी तक मौका है। उसके बाद 21 से 25 फरवरी तक एक मौका और दिया जाएगा लेकिन यह स्वैच्छिक होगा। यदि इस दौरान कोई छूट जाता है तो फिर कब उन्हें मौका मिलेगा, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

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स्वास्थ्य निदेशक ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों को टीके के लिए काफी सहूलियत दी गई है। वह किसी भी सेंटर में जाकर कोरोना वैक्सीन लगवा सकते हैं लेकिन इसके बावजूद ये लोग आगे नहीं आ रहे हैं। अब भी कोरोना खत्म नहीं हुआ है इसलिए लापरवाही व सुस्ती छोड़कर स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवाने के लिए आगे आएं।

उन्होंने बताया कि अब तक टीके को लेकर कोई दुष्परिणाम सामने नहीं आए हैं। चंडीगढ़ में टीका लगवाने के बाद कोई भी स्वास्थ्यकर्मी व फ्रंटलाइन वर्कर अस्पताल में दाखिल नहीं हुआ है। अब तो दूसरी डोज को लगे भी तीन दिन बीत गए हैं।
  
कोरोना सुस्त पड़ा, इसलिए लापरवाही
पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि टीकाकरण कम होने के पीछे एक बड़ी वजह कोरोना का कमजोर पड़ना रहा है इसलिए स्वास्थ्यकर्मी सुस्त पड़ गए हैं। एक वजह यह भी है कि टीकाकरण स्वैच्छिक है लेकिन स्वास्थ्यकर्मी सबसे बड़े रिस्क जोन में रहते हैं।

उन्हें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। वह आगे आएं और लोगों के सामने मिसाल पेश करें। यह बिल्कुल न सोचें कि खतरा टल गया है। कोरोना अभी रहने वाला है। भारत में मानसून सीजन के बाद केस बढ़ गए थे। ऐसे में लापरवाही अभी न करें।

अब तक कितने लोगों को लगा टीका
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 15 फरवरी तक 29149 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक सिर्फ 9468 लोगों को टीका लग चुका है। इस दौरान 632 डोज बर्बाद हुई हैं। सबसे ज्यादा स्थिति मेडिकल कॉलेज की खराब है। सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में पहले केंद्र में 2574 लोगों को टीका लगना था लेकिन अब तक सिर्फ 578 लोगों को टीका लगा है। दूसरे केंद्र में 2587 लोगों को टीका लगना था, अब तक सिर्फ 438 लोगों को टीका लगा है। 

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