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सवालः पाकिस्तान कैसे पहुंचे 60 कबड्डी खिलाड़ी, खेल-गृह मंत्रालय और पंजाब इंटेलिजेंस अनजान
Tue, 11 Feb 2020 10:00 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 11 Feb 2020 10:00 AM IST
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कबड्डी खिलाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान में कबड्डी विश्व कप टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए गत शनिवार पंजाब के 60 खिलाड़ियों का दल वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान पहुंच गया। इस दल को पाकिस्तान जाने की अनुमति किसने दी और इन खिलाड़ियों को पाकिस्तान का वीजा कैसे मिला, इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय और खेल मंत्रालय अनजान हैं। दूसरी ओर, पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग को भी इतने लोगों के पाकिस्तान जाने के बारे में कोई सूचना नहीं है।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इसे बड़ी साजिश करार देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की है कि इस मामले की प्रमुख एजेंसी से जांच कराई जाए। उन्होंने पंजाब सरकार से भी आग्रह किया है कि राज्य सरकार को अपने स्तर पर भी जांच करनी चाहिए, कहीं यह कबूतरबाजी का नया खेल तो नहीं है। यह मामला उस समय उजागर हुआ, जब सोशल मीडिया पर पाकिस्तान एमेच्योर सर्किल कबड्डी फेडरेशन के महासचिव मोहम्मद सरवर बट्ट का एक वीडियो सामने आया।
इस वीडियो में सरवर बट्ट ने पाकिस्तान सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे कबड्डी विश्व कप को पूरी तरह फर्जी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा समेत कई देशों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से इनकार किया तो पाकिस्तान ने भारत से 60 खिलाड़ियों का दल बुला लिया। इंडियन पासपोर्टधारक इन खिलाड़ियों को विभिन्न देशों की टीमों में समाहित कर टूर्नामेंट को विश्वस्तरीय का रूप दिया जा रहा है।
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सरवर बट्ट का कहना है कि उन्होंने इस मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की, लेकिन उन्हें टूर्नामेंट पर स्टे नहीं मिल सका। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट के लिए किसी देश को न्योता भी नहीं भेजा है, जिसके चलते कनाडा और यूके ने आने से इनकार कर दिया है। इस बीच, सोशल मीडिया पर भारतीय खिलाड़ियों के दल का फोटो भी वायरल हुआ है, जिसमें खिलाड़ी हाथों में भारत का बैनर उठाए हुए हैं।
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इसे बड़ी साजिश करार देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की है कि इस मामले की प्रमुख एजेंसी से जांच कराई जाए। उन्होंने पंजाब सरकार से भी आग्रह किया है कि राज्य सरकार को अपने स्तर पर भी जांच करनी चाहिए, कहीं यह कबूतरबाजी का नया खेल तो नहीं है। यह मामला उस समय उजागर हुआ, जब सोशल मीडिया पर पाकिस्तान एमेच्योर सर्किल कबड्डी फेडरेशन के महासचिव मोहम्मद सरवर बट्ट का एक वीडियो सामने आया।
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इस वीडियो में सरवर बट्ट ने पाकिस्तान सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे कबड्डी विश्व कप को पूरी तरह फर्जी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा समेत कई देशों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से इनकार किया तो पाकिस्तान ने भारत से 60 खिलाड़ियों का दल बुला लिया। इंडियन पासपोर्टधारक इन खिलाड़ियों को विभिन्न देशों की टीमों में समाहित कर टूर्नामेंट को विश्वस्तरीय का रूप दिया जा रहा है।
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सरवर बट्ट का कहना है कि उन्होंने इस मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की, लेकिन उन्हें टूर्नामेंट पर स्टे नहीं मिल सका। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट के लिए किसी देश को न्योता भी नहीं भेजा है, जिसके चलते कनाडा और यूके ने आने से इनकार कर दिया है। इस बीच, सोशल मीडिया पर भारतीय खिलाड़ियों के दल का फोटो भी वायरल हुआ है, जिसमें खिलाड़ी हाथों में भारत का बैनर उठाए हुए हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
सुनील जाखड़ ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए सवाल उठाया कि जब भारत ने पाकिस्तान के टूर्नामेंट के लिए टीम भेजी ही नहीं तो यह 60 खिलाड़ी किस आधार पर वहां भारत का प्रतिनिधित्व करने गए हैं। मोदी सरकार एक तरफ तो भारतवासियों को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा रही है और पाक को 10 दिन में धूल चटाने की बात कर रही है, दूसरी तरफ पाक से इतनी नजदीकी बढ़ाई जा रही हैं। उनके टूर्नामेंटों के सफल आयोजन के लिए भारत से खिलाड़ी भेजे जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद पर केंद्र सरकार ने इसलिए केस दर्ज कर लिया कि उनके झंडे का रंग हरा है और पाकिस्तान से सरकार अंदरखाते मेल-मिलाप भी बढ़ा रही है।
सुखबीर बादल पर उठाई उंगली
जाखड़ ने आरोप लगाया कि भारत में सर्किल कबड्डी केवल पंजाब में ही खेली जाती है। पाकिस्तान में आयोजित हो रहा टूर्नामेंट सर्किल कबड्डी पर आधारित है। खिलाड़ियों का नेतृत्व पंजाब सर्किल कबड्डी के पदाधिकारी मिड्डू खेड़ा कर रहे हैं, जो शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल के करीबी हैं। राज्य के सांसदों की अनुमति और फेडरेशन के लैटरहेड पर लिखी मंजूरी ही खिलाड़ियों को वीजा दिला सकती है। पंजाब से दो सांसद भाजपा से और एक अकाली दल से है, जो केंद्र सरकार में अच्छा रसूख रखते हैं। इसी तरह पंजाब सर्किल कबड्डी फेडरेशन में किनका बोलबाला है, यह सभी जानते हैं।
मामले की तह तक जाना जरूरी: जाखड़
सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार के लिए इस पूरे मामले की तह तक जाना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि पाक की तरफ से होने वाली किसी भी गतिविधि का पहला निशाना पंजाब ही बनता है। पाकिस्तान से नशा और हथियार पंजाब के रास्ते ही भारत भेजे जाते रहे हैं। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कबड्डी के इस खेल के पीछे कौन-सा काम हो रहा है। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि जब पाकिस्तान ने भारतीय टीम के लिए न्योता ही नहीं भेजा तो इतना बड़ा दल कैसे वहां पहुंचा।
खिलाड़ियों के लौटते ही होगी पूछताछ
पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग के एक उच्चाधिकारी से जब फोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने खिलाड़ियों के पाक जाने के बारे में अनभिज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि पंजाब लौटते ही उनसे पूछताछ की जाएगी।
सुखबीर बादल पर उठाई उंगली
जाखड़ ने आरोप लगाया कि भारत में सर्किल कबड्डी केवल पंजाब में ही खेली जाती है। पाकिस्तान में आयोजित हो रहा टूर्नामेंट सर्किल कबड्डी पर आधारित है। खिलाड़ियों का नेतृत्व पंजाब सर्किल कबड्डी के पदाधिकारी मिड्डू खेड़ा कर रहे हैं, जो शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल के करीबी हैं। राज्य के सांसदों की अनुमति और फेडरेशन के लैटरहेड पर लिखी मंजूरी ही खिलाड़ियों को वीजा दिला सकती है। पंजाब से दो सांसद भाजपा से और एक अकाली दल से है, जो केंद्र सरकार में अच्छा रसूख रखते हैं। इसी तरह पंजाब सर्किल कबड्डी फेडरेशन में किनका बोलबाला है, यह सभी जानते हैं।
मामले की तह तक जाना जरूरी: जाखड़
सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार के लिए इस पूरे मामले की तह तक जाना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि पाक की तरफ से होने वाली किसी भी गतिविधि का पहला निशाना पंजाब ही बनता है। पाकिस्तान से नशा और हथियार पंजाब के रास्ते ही भारत भेजे जाते रहे हैं। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कबड्डी के इस खेल के पीछे कौन-सा काम हो रहा है। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि जब पाकिस्तान ने भारतीय टीम के लिए न्योता ही नहीं भेजा तो इतना बड़ा दल कैसे वहां पहुंचा।
खिलाड़ियों के लौटते ही होगी पूछताछ
पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग के एक उच्चाधिकारी से जब फोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने खिलाड़ियों के पाक जाने के बारे में अनभिज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि पंजाब लौटते ही उनसे पूछताछ की जाएगी।