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हरियाणा: दरिंदगी का शिकार बनी 6 साल की मासूम के परिवार ने शहर छोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, उकलाना मंडी(हरियाणा)
Updated Thu, 08 Feb 2018 09:32 AM IST
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Hisar Rape & Murder
- फोटो : File Photo
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बीसों वर्ष पुराना घोंसला छोड़ने का दर्द कैसा होता है, यह आज उन परिवारों की आंखों में देखने को मिला, जो नौ दिसंबर को दरिंदगी का शिकार हुई छह वर्षीय मासूम बच्ची को खो चुके हैं। पीड़ित परिवार के सदस्य और साथ की झोपड़ियों में रह रहे पांच परिवार बुधवार सुबह 11 बजे उकलाना मंडी को अलविदा कर गए। दो वाहनों में इनका सामान पैतृक बस्ती दूसरे जिले में ले जाया गया।
बुधवार सुबह जब ये परिवार वाहनों में अपना सामान लाद रहे थे, तब न तो कोई प्रशासन का पदाधिकारी वहां था और न ही इन परिवारों के संघर्ष की लड़ाई लड़ने का एलान करने वाले नेता। वहां थे तो बस वे पड़ोसी, जो इनके हर दुख दर्द में 20 साल से साथ रह रहे थे। जहां पीड़ित परिवार के कुछ सदस्यों की आंखें नम थीं। पड़ोस की महिलाएं भी सुबक रही थीं।
मासूम के पिता ने बताया कि साहब, अब यहां से दिल भर गया था। जिसकी भूमि थी, वह भी खाली करने का दबाव बना रहा था, हम कल थाना प्रभारी से मिले थे। उन्होंने भी मंजूरी दे दी थी। यह भी कहा कि हमें मात्र चार लाख 12 हजार 500 रुपये की ही सरकारी मदद अब तक मिली है। न तो वादे के अनुसार प्लॉट मिला, ना मकान। अब हम दूसरे जिले में अपनी पैतृक सपेला बस्ती में अपने कुटुंब के साथ रहेंगे।
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बुधवार सुबह जब ये परिवार वाहनों में अपना सामान लाद रहे थे, तब न तो कोई प्रशासन का पदाधिकारी वहां था और न ही इन परिवारों के संघर्ष की लड़ाई लड़ने का एलान करने वाले नेता। वहां थे तो बस वे पड़ोसी, जो इनके हर दुख दर्द में 20 साल से साथ रह रहे थे। जहां पीड़ित परिवार के कुछ सदस्यों की आंखें नम थीं। पड़ोस की महिलाएं भी सुबक रही थीं।
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मासूम के पिता ने बताया कि साहब, अब यहां से दिल भर गया था। जिसकी भूमि थी, वह भी खाली करने का दबाव बना रहा था, हम कल थाना प्रभारी से मिले थे। उन्होंने भी मंजूरी दे दी थी। यह भी कहा कि हमें मात्र चार लाख 12 हजार 500 रुपये की ही सरकारी मदद अब तक मिली है। न तो वादे के अनुसार प्लॉट मिला, ना मकान। अब हम दूसरे जिले में अपनी पैतृक सपेला बस्ती में अपने कुटुंब के साथ रहेंगे।
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यह था मामला
मासूम के माता-पिता की नगरपालिका में लगी है नौकरी
उकलाना नगरपालिका में नौकरी के बारे में उनका कहना था कि हम पति-पत्नी दोनों बस से उकलाना आने-जाने का काम करेंगे, जब तक सरकार हमें ट्रांसफर नहीं कर देती। आरोपी युवक के परिवार वाले भी झोपड़ी वालों के उकलाना छोड़कर जाने से दुखी नजर आए।
भाई का कहना था कि न वे हमारे दुश्मन हैं और न ही हम। उन्होंने यहां रहना चाहिए था। पड़ोस में सभी घरों में दुख है। इन परिवारों ने कहा कि साहब हमारे उजड़ते के फोटो अखबार में मत छापना, हमें दु:ख पहुंचेगा।
यह था मामला
आठ दिसंबर की रात को छह साल की मासूम अपनी मां के साथ सोई थी। नौ दिसंबर की सुबह मासूम का शव घर से 100 मीटर दूरी पर मिला था। मासूम के साथ दरिंदगी की इंतहा की गई थी। मासूम के हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए हजारों लोग समर्थन में आए थे। करीब छह दिन बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। दरिंदगी करने वाला भी नाबालिग निकला।
उकलाना नगरपालिका में नौकरी के बारे में उनका कहना था कि हम पति-पत्नी दोनों बस से उकलाना आने-जाने का काम करेंगे, जब तक सरकार हमें ट्रांसफर नहीं कर देती। आरोपी युवक के परिवार वाले भी झोपड़ी वालों के उकलाना छोड़कर जाने से दुखी नजर आए।
भाई का कहना था कि न वे हमारे दुश्मन हैं और न ही हम। उन्होंने यहां रहना चाहिए था। पड़ोस में सभी घरों में दुख है। इन परिवारों ने कहा कि साहब हमारे उजड़ते के फोटो अखबार में मत छापना, हमें दु:ख पहुंचेगा।
यह था मामला
आठ दिसंबर की रात को छह साल की मासूम अपनी मां के साथ सोई थी। नौ दिसंबर की सुबह मासूम का शव घर से 100 मीटर दूरी पर मिला था। मासूम के साथ दरिंदगी की इंतहा की गई थी। मासूम के हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए हजारों लोग समर्थन में आए थे। करीब छह दिन बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। दरिंदगी करने वाला भी नाबालिग निकला।