10 साल बाद पंजाब में 558 डॉक्टरों की जल्द होगी भर्ती, जिला अस्पताल भी होंगे आधुनिक
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10 वर्षों के लंबे वक्त के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग राज्य के लोगों को मानक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए 558 नये डॉक्टरों की भर्ती करने जा रहा है। इस संबंध में भर्ती प्रक्रिया मुकम्मल कर ली गई है और इन डॉक्टरों को जल्द स्टेशन अलॉट कर दिए जाएंगे। यह जानकारी गुरुवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने सरकारी अस्पतालों के स्टाफ, ओपीडी दवाओं और बुनियादी ढांचे की समीक्षा के लिए बुलाई सिविल सर्जनों की बैठक में दी।
डीएचएस दफ्तर सेक्टर-34 चंडीगढ़ में रखी गई इस बैठक में सतीश चंद्रा अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अमित कुमार एमडी एनएचएम, हरपाल सिंह चीमा चेयरमैन पीएचएससी, सभी सिविल सर्जन और स्टेट प्रोग्राम अफसर उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव घोषणा-पत्र में किए वादे को पूरा करते हुए बड़े स्तर पर डॉक्टरों की भर्ती की है, जो स्वास्थ्य विभाग के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय संकट होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग 10 वर्ष के अंतराल के बाद 558 डॉक्टरों की भर्ती करने जा रहा है।
10 अस्पतालों का किया जाएगा आधुनिकीकरण
मोहिंद्रा ने बताया कि पंजाब सरकार राज्य के लोगों को यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम के अधीन मानक व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए 10 जिला अस्पतालों का आधुनिकीकरण करेगी। इससे लोगों को जिले में ही तीसरी श्रेणी की इलाज सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने मीटिंग के दौरान अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं संबंधी स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया और त्योहारों के मद्देनजर सिविल सर्जनों को किसी भी घटना घटने के दौरान तैयारियां रखने के आदेश दिए।
मशीनों के लिए भी जल्द मंगाए जाएंगे टेंडर
मोहिंद्रा ने सिविल अस्पतालों में मौजूद जांच मशीनों की स्थिति का जायज़ा लिया। मीटिंग में उपस्थित कुछ सिविल सर्जनों द्वारा मियाद पूरी कर चुकी मशीनों की जानकारी दी गई, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव सतीश चंद्रा को हिदायतें जारी करते हुए कहा कि वह जल्द मशीनों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया का मामला मुकम्मल करें ताकि जरूरी मशीनों की उपलब्धता सरकारी अस्पतालों में की जा सके।
रेल हादसे में डाक्टरों के काम की सराहना की
स्वास्थ्य मंत्री ने अमृतसर रेल हादसे के दौरान डॉक्टरों द्वारा दिन-रात तन-मन से निभाई ड्यूटी की सराहना की। उन्होंने संतोष जताया कि इस संवेदनशील समय के दौरान स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों और सभी स्टाफ द्वारा निभाई गई ड्यूटी प्रशंसनीय है। मीटिंग से पहले अमृतसर रेल हादसे में जान गवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए 2 मिनट का मौन भी रखा गया।