पंजाब में बाढ़ से अब तक आठ लोगों की मौत, 554 गांव और 13,635 व्यक्ति प्रभावित
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को मीटिंग कर बाढ़ राहत कार्यो का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से अब तक आठ मौतें हुई हैं। जिनमें लुधियाना के पांच और फाजिल्का, रोपड़, जालंधर का एक-एक व्यक्ति है। बारह लोग जख्मी हुए हैं और एक लापता है।
बाढ़ से 298 पक्के घरों को आंशिक तौर पर, 1457 पक्के घरों को पूरी तरह नुकसान हुआ है। 64 कच्चे घर आंशिक तौर पर और 49 कच्चे घर पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 4228 पशुओं की मौत हुई है। इसके अलावा बाढ़ की चपेट में आए 5973 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
प्रभावित लोगों के लिए 99 राहत कैंप लगाए गए, जहां 2776 व्यक्ति पहुंचे। इसी तरह चार राहत कैंपों में लगभग तीन हजार पशुओं को रखा गया। 22 जिलों में औसतन 317.63 एमएम बारिश हुई। जिससे 18 जिलों के 544 गांवों को नुकसान हुआ और 13,635 व्यक्ति प्रभावित हुए।
मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 4-4 लाख
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है। पशु मालिकों को दुधारू पशु के लिए तीस हजार, बैलों के लिए 25 हजार,भेड़-बकरी-सुअर के लिए तीन हजार दिए जाएंगे। पूरी तरह बर्बाद हुए पक्के घर के लिए एक लाख और कच्चे घर के लिए 95 हजार मुआवजा दिया जाएगा।
खेत मजदूरों और कामगारों को साठ रुपये प्रतिदिन और 45 रुपये प्रति बच्चा प्रतिदिन दिया जाएगा। किसानों को प्रति एकड़ 12 हजार रुपये मुआवजा दिया जाएगा। जिसमें पांच हजार केंद्र और सात हजार राज्य सरकारें देंगी। यह गिरदावरी के बाद मिलेगा।
बाढ़ राहत को रखे 475.56 करोड़
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए 475.56 करोड़ रुपये रखते हुए अधिकारियों को व्यापक पुनर्वास योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें 242.33 करोड़ बुनियादी ढांचे और राहत कामों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे और 233.32 करोड़ नुकसान का सही अनुमान लगाने और योजनाएं तैयार करने में खर्च होंगे।
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेते हुए सीएम ने मुख्य सचिव को बुनियादी ढांचे के काम में तेजी लाने को कहा। संबंधित डीसी को हिदायत दी कि पीड़ित लोगों को पेयजल, भोजन, छत और दवाएं मुहैया करवाना जारी रखा जाए।
कुल रकम में से 68.75 करोड़ रोपड़, 91.38 करोड़ मोगा, 119.85 करोड़ जालंधर, 189.62 करोड़ कपूरथला, 5.42 करोड़ फिरोजपुर और 54 लाख रुपये फाजिल्का के लिए रखे गए हैं। एसीएस-विकास को हिदायत दी गई कि अगली फसलों की बिजाई से पहले प्रभावित जमीन को दोबारा प्रयोग योग्य बनाया जाए।