सुल्तानपुर लोधीः कई दिनों की तैयारियों के बाद भी खाली-खाली दिखा एसजीपीसी का पंडाल
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पंजाब सरकार की तरफ से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव पर अलग अलग स्टेज लगाई गई। एसजीपीसी ने कार्यक्रम में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी, लेकिन कमेटी का पंडाल खाली-खाली दिखा। एसजीपीसी द्वारा संचालित तमाम स्कूलों के अलावा स्टाफ व कर्मचारियों को सख्त आदेश थे कि उनको एसजीपीसी के पंडाल में पहुंचना है।
श्री आनंदपुर साहिब के स्कूल से लेकर गढ़शंकर और अमृतसर के स्कूलों के मुलाजिम हाजिरी लगवाने के लिए पहुंचे लेकिन पंडाल खाली ही दिखा। जितनी संगत पंडाल में माथा टेकने आ रही थी, वह पंडाल में बैठने के स्थान पर दूसरे दरवाजे से निकल रही थी। ऐसे में एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने एक गेट को बंद करवा दिया।
सुखबीर बादल को स्टेज पर नहीं मिली जगह, किसी ने नाम तक नहीं लिया
एसजीपीसी की स्टेज पर पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल तो बैठे लेकिन शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल नहीं बैठे। यहां तक कि किसी ने भी अपने संबोधन में सुखबीर का नाम नहीं लिया। ऐसे में सुखबीर बादल से यह दूरी शाम तक चर्चा का विषय बन गई। अकाली दल के एक विधायक ने अमर उजाला के साथ बातचीत में इतना इशारा जरूर कर दिया कि पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है।
बादल के जयकारे का संगत ने नहीं दिया जवाब
एसजीपीसी की स्टेज पर पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की तारीफों के पुल बांधे गए। उनको संगत को संबोधित करने के लिए बुलाया गया। बादल ने बोलना शुरू किया तो सबसे पहले उन्होंने संगत से जयकारा लगाकर सांझ करने के लिए कहा लेकिन संगत की तरफ से जवाब नहीं आया। इस पर बादल ने कहा कि संगत को पता नहीं क्या हुआ है, जयकारे का जवाब भी नहीं देती।
इसके बाद बादल ने दोबारा जयकारा लगाया तो संगत ने वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह कहा। अपने संबोधन में बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार का नाम ज्ञानी हरचरण सिंह जी बोला। दूसरी गलती बादल ने फिर की, जब संगत को कहा कि वह कल ही श्री करतारपुर साहिब होकर आए हैं। बादल ने अपने संबोधन में इमरान खान का धन्यवाद भी किया।