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पीएम मोदी ने जनता को समर्पित किया करतारपुर कॉरिडोर, बोले- सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं
Sat, 09 Nov 2019 04:09 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक(बटाला)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक(बटाला)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 09 Nov 2019 04:09 PM IST
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करतारपुर कॉरिडोर का अनावरण करते पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
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आखिरकार सिख समुदाय की सालों पुरानी इच्छा आज पूरी हो ही गई। 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक करतारपुर कॉरिडोर देश को समर्पित कर दिया है। अब सिख संगत श्री गुरु नानक देव जी के पाकिस्तान के नरोवाल जिले के गांव करतारपुर स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने जा सकेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कॉरिडोर का उद्घाटन करने के साथ ही एक जत्थे को कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान जाने के लिए रवाना किया। इस जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा सांसद, मंत्री, विधायक और देश के तमाम राज्यों से एक-एक प्रतिनिधि शामिल है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कॉरिडोर का उद्घाटन करने के साथ ही एक जत्थे को कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान जाने के लिए रवाना किया। इस जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा सांसद, मंत्री, विधायक और देश के तमाम राज्यों से एक-एक प्रतिनिधि शामिल है।
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डेरा बाबा नानक से पहले सुल्तानपुर लोधी गए पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बेर साहिब गुरुद्वारा में मत्था टेका
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह नौ बजे पावन नगरी सुल्तानपुर लोधी। गांव बूसोवाल में बने हैलीपैड पर उतरे प्रधानमंत्री का राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे नतमस्तक हुए और कड़ाह प्रसाद की देग करवाकर अरदास की।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर, शिरोमणि कमेटी के सीनियर सदस्य जत्थेदार तोता सिंह, शिरोमणि कमेटी के सीनियर उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क, अंतरिम कमेटी सदस्य जत्थेदार अमरीक सिंह कोटशमीर, सदस्य सरवन सिंह कुलार, धर्म प्रचार कमेटी के सचिव महिंदर सिंह आह्ली ने पीएम को सिरोपा और गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। माथा टेकने के बाद मोदी ने कुछ समय कीर्तन सुना।
इसके बाद उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी के तप अस्थान, जहां गुरु जी ने 14 साल 9 महीने 13 दिन तप किया था, को नमन किया। मोदी ने बाबा नानक की ओर से रोपी गई पावन बेरी के दर्शन भी किए। गुरुद्वारा साहिब से बाहर निकलते समय पीएम ने हाथ जोड़कर संगत का अभिवादन स्वीकार किया। करीब 9.40 पर वे डेरा बाबा नानक के लिए रवाना हो गए। पीएम के हेलीकॉप्टर में उनके साथ सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी बैठे।
इस दौरान सांसद जसबीर सिंह डिंपा, पूर्व मंत्री विजय सांपला, पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, पूर्व वित्त मंत्री डॉ. उपिंदरजीत कौर, विधायक नवतेज सिंह चीमा, डीजीपी दिनकर गुप्ता, पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल, डीसी डीपीएस खरबंदा और एसएसपी सतिंदर सिंह मौजूद थे।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर, शिरोमणि कमेटी के सीनियर सदस्य जत्थेदार तोता सिंह, शिरोमणि कमेटी के सीनियर उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क, अंतरिम कमेटी सदस्य जत्थेदार अमरीक सिंह कोटशमीर, सदस्य सरवन सिंह कुलार, धर्म प्रचार कमेटी के सचिव महिंदर सिंह आह्ली ने पीएम को सिरोपा और गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। माथा टेकने के बाद मोदी ने कुछ समय कीर्तन सुना।
इसके बाद उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी के तप अस्थान, जहां गुरु जी ने 14 साल 9 महीने 13 दिन तप किया था, को नमन किया। मोदी ने बाबा नानक की ओर से रोपी गई पावन बेरी के दर्शन भी किए। गुरुद्वारा साहिब से बाहर निकलते समय पीएम ने हाथ जोड़कर संगत का अभिवादन स्वीकार किया। करीब 9.40 पर वे डेरा बाबा नानक के लिए रवाना हो गए। पीएम के हेलीकॉप्टर में उनके साथ सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी बैठे।
इस दौरान सांसद जसबीर सिंह डिंपा, पूर्व मंत्री विजय सांपला, पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, पूर्व वित्त मंत्री डॉ. उपिंदरजीत कौर, विधायक नवतेज सिंह चीमा, डीजीपी दिनकर गुप्ता, पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल, डीसी डीपीएस खरबंदा और एसएसपी सतिंदर सिंह मौजूद थे।
जनसभा में खास सिक्का और डाक टिकट किया गया जारी
सिक्का जारी करते पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
डेरा बाबा नानक में पीएम मोदी ने एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के अलावा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, अकाली दल सुप्रीमो सुखबीर बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, गुरदासपुर सांसद सनी देओल व पंजाब के दिग्गज नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने समारोह में उपस्थितजनों को संबोधित भी किया।
फिर प्रधानमंत्री मोदी को सिखों की ओर से कौमी सेवा अवार्ड प्रदान किया गया। पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से गुरु नानक जी की याद में तैयार 550 रुपये का सिक्का भी जारी किया। उन्होंने पांच डाक टिकट जारी भी जारी किए। इन डाक टिकटों पर पांच गुरुद्वारों की तस्वीर बनी है। पीएम मोदी ने जैसे ही जनसभा को संबोधित करना शुरू किया, जयकारे लगने लगे। उत्साह देखकर पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।
फिर प्रधानमंत्री मोदी को सिखों की ओर से कौमी सेवा अवार्ड प्रदान किया गया। पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से गुरु नानक जी की याद में तैयार 550 रुपये का सिक्का भी जारी किया। उन्होंने पांच डाक टिकट जारी भी जारी किए। इन डाक टिकटों पर पांच गुरुद्वारों की तस्वीर बनी है। पीएम मोदी ने जैसे ही जनसभा को संबोधित करना शुरू किया, जयकारे लगने लगे। उत्साह देखकर पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।
पीएम मोदी ने पाक पीएम इमरान खान का जताया आभार
जनसभा को संबोधित करते पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं देश को करतारपुर कॉरिडोर समर्पित करता हूं और ऐसा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। संगत को कार सेवा करते हुए जैसी अनुभूति होती है, वैसा ही अनुभव मुझे हो रहा है। गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होना बहुत खुशी की बात है। मैं देश और दुनिया में बसे सभी सिखों को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर हार्दिक बधाई देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि करतारपुर साहिब के कण-कण में गुरु नानक देव जी की खुशबू समाहित है। इसी धरती पर उन्होंने जीवन के आखिरी पल बिताए। यहीं पर उन्होंने आखिरी सांस ली। यहीं पर उन्होंने इक ओंकार और मिल बांटकर खाने का संदेश दुनिया को दिया। गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से ठीक पहले करतारपुर कॉरिडोर का खुलना हम सभी के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। कॉरिडोर के शुरू होने से सिखों की सालों पुरानी मुराद पूरी हुई है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब सिख संगत इस कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान जाकर गुरुद्वारा साहिब के दर्शन कर सकेगी। यह ऐतिहासिक पल देने के लिए, करतारपुर साहिब के दर्शनों का मौका देने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारत व पाकिस्तान के उन श्रमिकों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दिन-रात लगकर कड़ी मेहनत करके कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा किया।
पीएम मोदी ने कहा कि करतारपुर साहिब के कण-कण में गुरु नानक देव जी की खुशबू समाहित है। इसी धरती पर उन्होंने जीवन के आखिरी पल बिताए। यहीं पर उन्होंने आखिरी सांस ली। यहीं पर उन्होंने इक ओंकार और मिल बांटकर खाने का संदेश दुनिया को दिया। गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से ठीक पहले करतारपुर कॉरिडोर का खुलना हम सभी के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। कॉरिडोर के शुरू होने से सिखों की सालों पुरानी मुराद पूरी हुई है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब सिख संगत इस कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान जाकर गुरुद्वारा साहिब के दर्शन कर सकेगी। यह ऐतिहासिक पल देने के लिए, करतारपुर साहिब के दर्शनों का मौका देने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारत व पाकिस्तान के उन श्रमिकों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दिन-रात लगकर कड़ी मेहनत करके कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा किया।
यहां सुनिए पीएम मोदी का संबोधन
#WATCH PM Modi speaking at the inauguration of the Integrated Check Post of #KartarpurCorridor https://t.co/HlpnpWrXvK
— ANI (@ANI) November 9, 2019
1947 के बंटवारे में कई गुरुद्वारे रह गए पाकिस्तान में
‘श्री ननकाना साहिब ते होर गुरुद्वारेयां, गुरुधामां दे, जिनां तों पंथ नूं विछोड़या गया है, खुले दर्शन दीदार ते सेवा संभाल दा दान खालसा जी नूं बख्शो...।’ (ननकाना साहिब और बाकी गुरुद्वारे या गुरुधाम जो बंटवारे के चलते पाकिस्तान में रह गए उनके खुले दर्शन सिख कर सकें, इसकी हम मांग करते हैं।) 1947 में हुए बंटवारे के बाद सिखों की अरदास में इस लाइन को जोड़ा गया। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि बंटवारे के बाद कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे पाकिस्तान की तरफ रह गए।
इन गुरुद्वारों में पंजा साहिब, ननकाना साहिब, डेरा साहिब लाहौर और करतारपुर साहिब खास तौर पर शामिल हैं। इन गुरुद्वारों में भारतीयों के जाने पर पाबंदी थी। लेकिन अब भारतीय सिख संगत का 70 साल लंबा इंतजार शनिवार को खत्म हो गया। पाकिस्तान ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब को भारत के साथ जोड़ने के लिए सहमति जताई। उसके बाद दोनों देशों के बीच एक समझौते के तहत इस कॉरिडोर का निर्माण किया गया।
कुछ वर्ष पहले भारत सरकार ने बीएसएफ की सहमति से इस गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने की इच्छुक संगत को कांटेदार तार तक जाने की अनुमति दी थी, जहां बाकायदा एक ऊंचा दर्शनीय स्थल बना कर वहां से दूरबीन से दर्शन करवाए जाते रहे। 13 अप्रैल 2001 से भाई कुलदीप सिंह वडाला के नेतृत्व में करतारपुर रावी दर्शन अभिलाषी संस्था ने हर अमावस्या वाले दिन डेरा बाबा नानक के निकट सरहद पर जा कर इस रास्ते को खुलवाने के लिए अरदास करने का सिलसिला शुरू किया था।
18 वर्षों के दौरान वह 211 बार अरदास कर चुके हैं। 212वीं अरदास नवजोत सिद्धू ने की। गुरुद्वारा साहिब जाने के लिए डेरा बाबा नानक से कोई भी सीधा रास्ता नहीं है। पहले डेरा बाबा नानक से नारोवाल को जोड़ने वाली रेलवे लाइन के लिए रावी दरिया पर पुल भी था। लेकिन 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान इस पुल को तोड़ दिया गया था। अब एक कॉरिडोर बना दिया गया है, जिसे पार करके श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकेंगे।
इन गुरुद्वारों में पंजा साहिब, ननकाना साहिब, डेरा साहिब लाहौर और करतारपुर साहिब खास तौर पर शामिल हैं। इन गुरुद्वारों में भारतीयों के जाने पर पाबंदी थी। लेकिन अब भारतीय सिख संगत का 70 साल लंबा इंतजार शनिवार को खत्म हो गया। पाकिस्तान ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब को भारत के साथ जोड़ने के लिए सहमति जताई। उसके बाद दोनों देशों के बीच एक समझौते के तहत इस कॉरिडोर का निर्माण किया गया।
कुछ वर्ष पहले भारत सरकार ने बीएसएफ की सहमति से इस गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने की इच्छुक संगत को कांटेदार तार तक जाने की अनुमति दी थी, जहां बाकायदा एक ऊंचा दर्शनीय स्थल बना कर वहां से दूरबीन से दर्शन करवाए जाते रहे। 13 अप्रैल 2001 से भाई कुलदीप सिंह वडाला के नेतृत्व में करतारपुर रावी दर्शन अभिलाषी संस्था ने हर अमावस्या वाले दिन डेरा बाबा नानक के निकट सरहद पर जा कर इस रास्ते को खुलवाने के लिए अरदास करने का सिलसिला शुरू किया था।
18 वर्षों के दौरान वह 211 बार अरदास कर चुके हैं। 212वीं अरदास नवजोत सिद्धू ने की। गुरुद्वारा साहिब जाने के लिए डेरा बाबा नानक से कोई भी सीधा रास्ता नहीं है। पहले डेरा बाबा नानक से नारोवाल को जोड़ने वाली रेलवे लाइन के लिए रावी दरिया पर पुल भी था। लेकिन 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान इस पुल को तोड़ दिया गया था। अब एक कॉरिडोर बना दिया गया है, जिसे पार करके श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकेंगे।
न पंजाब सरकार और न ही एसजीपीसी की स्टेज पर गए मोदी
सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही मायने में श्री गुरु नानक देव जी के फलसफे का अनुसरण किया। बेशक बहुत कम समय के लिए पीएम पावन नगरी में रहे, लेकिन उनका केवल गुरुद्वारा बेर साहिब में माथा टेकना एसजीपीसी और पंजाब सरकार के बीच चल रहे दो स्टेज के विवाद पर विराम लगा गया।
गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में पीएम मोदी के काफिले के दाखिल होने पर जब केंद्र, पंजाब और एसजीपीसी एक साथ नजर आई तो संगत के लिए यह क्षण काफी खुशनुमा रहा। पीएम की ओर से हाथ जोड़कर संगत का अभिवादन स्वीकार करना भी लोगों को खूब भाया।
मोदी के दौरे से शहरवासी कुछ निराश भी दिखे, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि पीएम शहर के लिए कोई बड़ी घोषणा करके जाएंगे और उनका भाषण साक्षात सुनने को मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लोगों के अनुसार, पंजाब सरकार और एसजीपीसी की ओर से अलग-अलग स्टेज का मामला गरमाना इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है।
सांझा स्टेज होती तो पीएम आते भी, शिरकत भी करते और सुल्तानपुर लोधी के लिए कोई बड़ी घोषणा करके जाते। सीएम और एसजीपीसी के एक साथ नजर आने पर एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने कहा कि बहुत अच्छा लगा। हम तो उन्हें कई बार आने के लिए कह चुके हैं।
शनिवार को भी उन्होंने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से भाई मरदाना हाल में बीबियों के समागम में आशीर्वाद देकर जाने के लिए कहा। सीएम केवल इतना ही बोले कि वह तो पहले भी आए थे, फिर आएंगे।
गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में पीएम मोदी के काफिले के दाखिल होने पर जब केंद्र, पंजाब और एसजीपीसी एक साथ नजर आई तो संगत के लिए यह क्षण काफी खुशनुमा रहा। पीएम की ओर से हाथ जोड़कर संगत का अभिवादन स्वीकार करना भी लोगों को खूब भाया।
मोदी के दौरे से शहरवासी कुछ निराश भी दिखे, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि पीएम शहर के लिए कोई बड़ी घोषणा करके जाएंगे और उनका भाषण साक्षात सुनने को मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लोगों के अनुसार, पंजाब सरकार और एसजीपीसी की ओर से अलग-अलग स्टेज का मामला गरमाना इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है।
सांझा स्टेज होती तो पीएम आते भी, शिरकत भी करते और सुल्तानपुर लोधी के लिए कोई बड़ी घोषणा करके जाते। सीएम और एसजीपीसी के एक साथ नजर आने पर एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने कहा कि बहुत अच्छा लगा। हम तो उन्हें कई बार आने के लिए कह चुके हैं।
शनिवार को भी उन्होंने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से भाई मरदाना हाल में बीबियों के समागम में आशीर्वाद देकर जाने के लिए कहा। सीएम केवल इतना ही बोले कि वह तो पहले भी आए थे, फिर आएंगे।
करतारपुर साहिब : कब क्या हुआ
1522- गुरु नानक देव ने करतारपुर में पहले गुरुद्वारे की स्थापना की
1947- आजादी के बाद करतारपुर पाकिस्तान के हिस्से में चला गया
1999- लाहौर बस यात्रा के दौरान पीएम वाजपेयी ने करतारपुर कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा
2000- एक पुल के जरिए गुरुद्वारे तक वीजा फ्री एंट्री के लिए पाकिस्तान ने सहमति दी
2018- पाकिस्तान में इमरान सरकार बनने के बाद कॉरिडोर बनने की कोशिश तेज हुई
22 नवंबर 2018- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करतारपुर कॉरिडोर बनाने को हरी झंडी दी
26 नवंबर 2018- उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास किया
28 नवंबर 2018- पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने नारोवाल में कॉरिडोर का शिलान्यास किया
14 मार्च 2019- कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की पहली बैठक
14 मार्च 2019- भारत ने खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला और बिशन सिंह पर एतराज जताया
2 अप्रैल 2019- गोपाल चावला और बिशन सिंह को पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से हटाया गया
4 सितंबर 2019- करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की तीसरे दौर की बैठक
9 नवंबर 2019- सिख श्रद्घालुओं के लिए खुल गया करतारपुर कॉरिडोर
1947- आजादी के बाद करतारपुर पाकिस्तान के हिस्से में चला गया
1999- लाहौर बस यात्रा के दौरान पीएम वाजपेयी ने करतारपुर कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा
2000- एक पुल के जरिए गुरुद्वारे तक वीजा फ्री एंट्री के लिए पाकिस्तान ने सहमति दी
2018- पाकिस्तान में इमरान सरकार बनने के बाद कॉरिडोर बनने की कोशिश तेज हुई
22 नवंबर 2018- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करतारपुर कॉरिडोर बनाने को हरी झंडी दी
26 नवंबर 2018- उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास किया
28 नवंबर 2018- पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने नारोवाल में कॉरिडोर का शिलान्यास किया
14 मार्च 2019- कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की पहली बैठक
14 मार्च 2019- भारत ने खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला और बिशन सिंह पर एतराज जताया
2 अप्रैल 2019- गोपाल चावला और बिशन सिंह को पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से हटाया गया
4 सितंबर 2019- करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की तीसरे दौर की बैठक
9 नवंबर 2019- सिख श्रद्घालुओं के लिए खुल गया करतारपुर कॉरिडोर