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चंडीगढ़ : पलायन करने वाले 54 फीसदी कश्मीरी पंडितों को नहीं मिली कोई मदद, आरटीआई में खुलासा
Sun, 20 Mar 2022 01:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 20 Mar 2022 01:26 AM IST
सार
हरियाणा के पानीपत निवासी और आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन कमिश्नर जम्मू के कार्यालय से कश्मीरी पंडितों के बारे में सूचना मांगी थी।
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32 साल पहले हुए अन्याय को यादकर रोते हुए कश्मीरी पंडित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर से पलायन करने वाले 54 फीसदी कश्मीरी पंडितों को किसी सरकार से कोई मदद नहीं मिली। आरटीआई में यह सामने आया है। हरियाणा के पानीपत निवासी और आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन कमिश्नर जम्मू के कार्यालय से कश्मीरी पंडितों के बारे में सूचना मांगी थी।
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कपूर ने बताया कि आरटीआई में मिली सूचना के अनुसार कुल 1,54,161 लोगों ने जम्मू-कश्मीर से पलायन किया। इनमें 1,35,426 कश्मीरी पंडितों व 18735 मुस्लिम हैं। इनमें से 53978 हिंदुओं, 11212 मुस्लिमों, 5013 सिखों व 15 अन्य लोगों को सरकारी सहायता मिल रही है। 81448 कश्मीरी पंडितों, 949 मुस्लिम,1542 सिखों व 4 अन्य सहित कुल 83,943 पलायन करने वाले सरकारी सहायता से वंचित हैं।
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पीपी कपूर ने कहा कि इन दिनों कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार के दावे किए गए हैं, जिन पर सवाल उठते हैं। आरटीआई के तहत उन्होंने मंडलायुक्त (मुख्यालय) कश्मीर से भी आरटीआई ली है। उसके अनुसार वर्ष 1990 से कश्मीर में आतंकवाद शुरू होने के समय से 2021 तक आतंकवादियों के हाथों कुल 1724 व्यक्ति मारे गए।
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इनमें 89 कश्मीरी पंडित शामिल हैं। पलायन के बाद घर वापसी करने वाले कश्मीरी पंडितों व अन्य की संख्या की सूचना मंडलायुक्त कश्मीर ने नहीं दी है। कपूर ने कहा कि पलायन करने वाले हर पंजीकृत कश्मीरी को सरकार की ओर से हर महीने 3250 रुपये, 9 किलो चावल, 2 किलो आटा व एक किलो चीनी की सहायता मिलती है।