हरियाणा: बिजली चोरी के खिलाफ साल में चौथी बड़ी कार्रवाई, 525 टीमों ने 2846 स्थानों में पकड़ी गड़बड़ी, नौ करोड़ जुर्माना
एक साल में चौथी बार हरियाणा सरकार ने बिजली चोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार अलसुबह से देर शाम तक प्रदेश भर में बिजली निगमों की 525 टीमें छापामारी में जुटी रहीं।
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सर्दी के साथ बढ़ती बिजली खपत के साथ ही हरियाणा में एक बार फिर बिजली चोर प्रदेश सरकार के निशाने पर आ गए हैं। शनिवार अलसुबह से लेकर देर शाम तक पूरे प्रदेश में छापे मारे गए। उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों की कुल 525 टीमों ने 2846 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी है। इन उपभोक्ताओं पर 8.87 करोड़ से अधिक जुर्माना लगाया गया है। चोरी के अधिक मामले उद्योगों, कॉमर्शियल और घरेलू क्षेत्र में पकड़े हैं।
बिजली चोर उपभोक्ताओं के खिलाफ यह साल में चौथा बड़ी कार्रवाई है। साल की शुरुआत से ही बिजली विभाग प्रदेश में तीन बार बड़े स्तर पर चोरी के खिलाफ अभियान चला करोड़ों रुपये की बिजली चोरी पकड़ चुका है। सर्दी शुरू होने के साथ ही बिजली की खपत बढ़ने लगी है। इस समय सात हजार मेगावाट से अधिक की खपत हो रही है। आने वाले दिनों में यह बढ़ने वाली है। इसको लेकर विभाग ने पहले तैयारी कर ऐसे उपभोक्ताओं के यहां छापेमारी की, जहां चोरी की आशंका थी। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की 250 और उत्तर निगम की 275 टीम बनाई गई।
19646 कनेक्शन जांचे, 5768 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी
बिजली निगम की टीमों ने पुलिस को साथ लेकर सुबह पांच बजे से अभियान शुरू किया और देर शाम तक जारी रहा। शाम तक 19646 कनेक्शन जांचे गए। इनमें से डीएचबीवीएन के 4623 में 1312 और यूएचबीवीएन में 15023 में 1534 स्थानों पर चोरी पकड़ी। दोनों निगमों में कुल 5768 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी। इसी प्रकार, डीएचबीवीएन में उपभोक्ताओं पर 5.17 करोड़ और यूएचबीवीएन में 3.70 करोड़ का जुर्माना किया है।
पहले ये तीन बड़ी कार्रवाई हो चुकी
फरवरी में प्रदेश के पांच बड़े शहरों में एक हजार अधिकारियों की 236 टीमों ने छापामारी कर 1500 स्थानों पर 100 करोड़ की बिजली चोरी पकड़ी थी। इसी प्रकार, 9 और 10 जुलाई को गर्मी के सीजन में बिजली की मांग 12 हजार मेगावाट पहुंच गई तो विभाग की 482 टीमों ने प्रदेश में 6015 जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी थी। यूएचबीवीएन में 2660 और डीएचबीवीएन में 3355 स्थानों पर चोरी पकड़ी गई। इन पर करीब 13,985 किलोवाट का लोड था। करीब 2,562 लाख रुपये का जुर्माना किया गया। 24 व 25 अक्तूबर को पूरे हरियाणा में 978 टीमों ने 22183 स्थानों पर चेकिंग की, जिसमें से 3729 स्थानों पर चोरी पकड़ी। 7704 किलोवाट बिजली चोरी करने वालों पर 13 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना किया गया है। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद और पानीपत में सबसे अधिक चोरी पकड़ी गई थी।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम
चोरी में गुरुग्राम और फरीदाबाद टॉप पर
| जिला | चोरी | जुर्माना (लाखों में) |
| गुरुग्राम -1 | 135 | 100.54 |
| गुरुग्राम-11 | 97 | 94.37 |
| फरीदाबाद | 204 | 147.42 |
| भिवानी | 176 | 37.98 |
| हिसार | 153 | 24.84 |
| पलवल | 144 | 33.79 |
| जींद | 114 | 21.57 |
| नारनौल | 78 | 19.57 |
| फतेहाबाद | 75 | 11.18 |
| सिरसा | 66 | 9.79 |
| रेवाड़ी | 70 | 16.22 |
| कुल | 1312 | 517.27 लाख |
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम
पानीपत व सोनीपत में अधिक चोरी| जिला | चोरी | जुर्माना |
| पानीपत | 304 | 87.78 |
| सोनीपत | 229 | 41.86 |
| कैथल | 216 | 45.47 |
| करनाल | 163 | 40.48 |
| रोहतक | 163 | 56.32 |
| अंबाला | 144 | 20.78 |
| झज्जर | 123 | 30.89 |
| कुरुक्षेत्र | 111 | 26.88 |
| यमुनानगर | 72 | 12.17 |
| पंचकूला | 39 | 7.91 |
| कुल | 1534 | 370 लाख |