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Chandigarh News: पीजीआई में हाथ की नस काटकर 50 वर्षीय रेडियोग्राफर सुपरवाइजर ने की आत्महत्या

Tue, 12 Mar 2024 12:40 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2024 12:40 PM IST
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50 year old radiographer supervisor commits suicide by cutting the vein of his hand in PGI
चंडीगढ़। पीजीआई में सोमवार को 50 वर्षीय रेडियोग्राफर सुपरवाइजर ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान नरिंदर कौर के रूप में हुई। वह एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में तैनात थीं। नरिंदर कौर के परिजनों ने पीजीआई के एक चिकित्सक, उनकी पत्नी और अन्य स्टाफ पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत पीजीआई चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।नरिंदर कौर सेक्टर-35 डी में रहती थीं। सोमवार सुबह वह ड्यूटी पर आईं थीं। सुबह करीब 10.30 बजे जब ऑफिस के कमरे में कोई नहीं था तब उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर अपने हाथ की नस काट ली। काफी देर तक जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला तो स्टाफ दिव्या ने पीजीआई के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर दरवाजे की कुंडी तोड़ दी। अंदर नरिंदर कौर बेसुध पड़ी थीं और उनकी कलाई से खून बह रहा था। आनन-फानन उन्हें पीजीआई की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृतक घोषित कर दिया।
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मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सेक्टर-11 थाना प्रभारी मलकीत सिंह मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम को भी बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाए। फिलहाल पुलिस मामले में सभी एंगल से जांच कर रही है। उधर, नरिंदर कौर के पति जगमिंदर ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को एक चिकित्सक परेशान कर रहा था। डॉक्टर की पत्नी भी पीजीआई में सुपरवाइजर है। नरिंदर का तबादला बच्चों की ओपीडी से न्यू ओपीडी के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में कर दिया गया था। इसी कारण चिकित्सक, उसकी पत्नी, रेडियोडाग्नोस्टिक विभाग के दो ट्यूटर और एक एचए उसे परेशान कर रहे थे। जगमिंदर ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को बार-बार बेइज्जत किया जाता था। इस कारण वह मानसिक तनाव में आ गई थी और इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। इस मामले में पीजीआई प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम और
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फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। संस्थान जांच में पुलिस का पूरा सहयोग कर रही है।

डा. संधू से की थी वीआरएस दिलवाने की मांग
पति जगमिंदर ने बताया कि उनकी पत्नी ने अपनी परेशानी के बारे में पीजीआई के चिकित्सक डा. संधू को मैसेज भेजकर वीआरएस दिलवाने की मांग की थी। उनको भेजे मैसेज में नरिंदर कौर ने लिखा था कि वह इतनी परेशान है कि वीआरएस लेना चाहती है। पति के मुताबिक, नरिंदर कौर ने मैसेज में कई बार प्लीज... प्लीज... लिखते हुए मदद की गुहार लगाई थी और लिखा था कि उन्हें अधीनस्थ कर्मचारियों के सामने बेइज्जत किया जाता है। इससे वह बहुत ज्यादा दबाव में है और इस तरह वह नौकरी नहीं कर पाएगी।
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अल्ट्रासाउंड ट्रांसड्यूसर के गुम होने की बात आई सामने
नरिंदर कौर की आत्महत्या के पीछे अल्ट्रासाउंड ट्रांसड्यूसर के गुम होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इस मामले पर पीजीआई प्रशासन पूरी तरह मौन है और वह इसमें पुलिस जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है। घटना के बाद पीजीआई में चर्चाओं का दौरा जारी है। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि नरिंदर कौर पिछले 15 दिनों से काफी परेशान थीं क्योंकि उन्हें विभाग के ही कुछ सहयोगी काफी परेशान कर रहे थे। उन्हें चार्ज हैंडओवर करने और उपकरण गुम होने की बात को लेकर परेशान किया जा रहा था। कर्मचारियों ने यह बात भी कही कि एक अल्ट्रासाउंड ट्रांसड्यूसर नहीं मिल रहा था, जिसे उन्हें परेशान करने वाले सहयोगी ने ही गायब कराया था। वही इस बात की भी चर्चा है कि नरिंदर कौर काफी बेहतर काम कर रहीं थीं। इस कारण उनके सहयोगी उन्हें आगे बढ़ने नहीं देना चाह रहे थे। कर्मचारियों ने बताया कि वह 20 साल से ज्यादा समय से पीजीआई में कार्यरत थीं। उनकी योग्यता को ध्यान में रखते हुए ही न्यू ओपीडी में प्रभारी के अवकाश पर होने पर उन्हें इसकी जिम्मेदारी भी दी जा रही थी।
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