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Hindi News ›   Chandigarh ›   5 years imprisonment to four miscreants in Jat reservation aandolan case

जाट आरक्षण आंदोलन: चार उपद्रवियों को 5-5 साल की कैद, जुर्माना भी लगाया

Sat, 29 Sep 2018 12:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 29 Sep 2018 12:03 PM IST
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5 years imprisonment to four miscreants in Jat reservation aandolan case
Jat Reservation movement - फोटो : अमर उजाला

फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हांसी क्षेत्र के गांव सिसाय और सैनीपुरा के बीच सरकारी पेड़ काटने, सरकारी वाहन में तोड़फोड़, आगजनी करने और उपद्रव मचाने के चार दोषियों को कोर्ट ने पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार जैन ने मामले में प्रति दोषी पर 63,800 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। 

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21 फरवरी 2016 को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सदर थाना पुलिस को इंस्पेक्टर विद्यानंद ने सूचना दी थी कि सिसाय और सैनीपुरा गांव के बीच करीब 200 उपद्रवियों ने सफेदे के पेड़ काटकर सड़क पर डाल दिए। उपद्रवियों ने ढाणियों में तोड़फोड़ कर आग लगाने की कोशिश की।
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मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने 23 सितंबर को गांव सिसाय कालीरामण के राजू (21), सूरज (28), दलजीत उर्फ जीता (30) और गांव सिसाय बोलान के विनोद (30) को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को अदालत ने दोषियों को आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 341, 332, 353, 186, 188, 435, 436 व 120 बी के तहत सजा सुनाई। 
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पुलिस की गवाही को माना अहम
न्यायालय ने इस केस में पुलिसकर्मियों की गवाही को अहम माना है। केस में 14 पुलिसकर्मी गवाह थे। पुलिस ने साक्ष्यों के तौर पर आरोपियों की फोटो कोर्ट को सौंपी थी। दोषियों की मोबाइल लोकेशन को भी सुबूत के तौर पर दिया गया था। केस में करीबन 200 लोगों पर आरोप था, इनमें से पुलिस चार की ही पहचान कर पाई।   

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