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हाउसिंग बोर्ड के स्टाफ को प्रशासन का तोहफा

Thu, 03 Sep 2015 01:25 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 03 Sep 2015 01:25 AM IST
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5 percent quota for housing board staff in housing projects

वर्ष 2008 की चंडीगढ़ इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के सफल 4 हजार कर्मचारी भी अब बोर्ड के आगामी हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने इन कर्मचारियों के लिए हर प्रोजेक्ट में पांच प्रतिशत कोटा तय कर दिया है।

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लेकिन इन कर्मचारियों को इस बात के लिए शपथ पत्र देना होगा कि भविष्य में जब साल 2008 की स्कीम लागू हो जाएगी तो वह अपना क्लेम इस स्कीम में नहीं करेंगे।

यह फैसला बुधवार को नए गठित हाउसिंग बोर्ड की बैठक में लिया गया है। बैठक चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस के नेतृत्व में हुई। बैठक में कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बोर्ड के अनुसार शहर में अलग अलग जगह 45 फ्लैट्स की ई बोली के माध्यम से नीलामी की जाएगी। इस बोली में कर्मचारी शामिल हो सकते है। मालूम हो कि इंप्लाइज हाउसिंग सोसाइटी ने अपनी स्कीम लागू न होने के कारण 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन करने की घोषणा की हुई है।
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बोर्ड के कर्मचारियों को पेंशन देने का लिया निर्णय

हाउसिंग बोर्ड ने अपने कर्मचारियों के लिए पेंशन स्कीम भी लांच करने का निर्णय लिया है। प्रस्ताव पास किया गया है कि 12 प्रतिशत शेयर हाउसिंग बोर्ड की तरफ से पेंशन फंड में डाला जाएगा। इसके साथ ही 125 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि पेंशन फंड के लिए मंजूर कर दी गई है। इसके लिए अलग से बायलाज का गठन करने का निर्णय लिया गया है। मालूम हो कि कर्मचारी काफी लंबे समय से पेंशन की मांग कर रहे हैं।
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50 हजार रुपये में मिलेगी तत्काल सुविधा
बोर्ड की बैठक में तत्काल में मकान ट्रांसफर करने का प्रस्ताव भी चर्चा के लिए आया। चर्चा के बाद तत्काल सुविधा का रेट 15 से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। इसके साथ ही इस ट्रांसफर करने की सीमा बढ़ाकर 5 दिन कर दी गई जबकि प्रस्ताव के अनुसार एक दिन में ट्रांसफर की सुविधा की बात की गई थी।

इसका रेट 15 हजार करने का प्रस्ताव था। बोर्ड की बैठक में यह बात सामने आई कि 15 हजार का रेट कम है ऐसे में बहुत अधिक संख्या में ट्रांसफर के लिए लोग आ जाएंगे। इसके साथ ही 5 से 10 दिन के भीतर मकान ट्रांसफर की सुविधा लेने के लिए 25 हजार रुपये अतिरिक्त लेने का प्रस्ताव पास किया गया।

बैठक में नान आफिशियल सदस्य रघुवीर अरोड़ा और प्रेम कौशिक ने कहा कि साधारण तरीके से मकान ट्रांसफर करने की समय सीमा तय की जाए ताकि  लोगों को पता चल सके कि कितने दिन में उनका मकान ट्रांसफर हो जाएगा। निर्णय लिया गया कि सेक्टर वाइज अलग से बोर्ड लोगों के लिए दरबार लगाए।

नो ड्यूज प्रमाणपत्र की क्या जरूरत
बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई कि ट्रांसफर के समय दस्तावेज के साथ नो ड्यूज प्रमाणपत्र लेने की क्या जरूरत है जबकि बोर्ड ने सभी अलाटियों की बकाया राशि आनलाइन डाल दी गई है ऐसे में अब से अकाउंट विभाग से नो ड्यूज प्रमाणपत्र लेने की क्या जरूरत है।


बोर्ड के चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि इस सिस्टम को जल्द लागू कर दिया जाएगा। बैठक में किसी अलाटी की मौत पर उनके मकान को आगे उनके लीगल उत्तराधिकारी को बिना किसी परेशानी के ट्रांसफर करने का भी फैसला लिया गया।

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